मंगलवार, 28 अप्रैल 2026

सहरसा में दिल दहला देने वाली घटना: मां ने पांच बच्चों के साथ जहर खाकर दी जान देने की कोशिश

 तीन की हालात में थोड़ी सुधार, दो की हालत अब भी गंभीर, घटना का कारण घरेलू विवाद

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



जिले के बनमा थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहनपुर गांव में रविवार को एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां घरेलू विवाद से आहत एक महिला ने अपने पांच बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और इलाके में सनसनी फैल गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहनपुर निवासी सोनी देवी का अपनी सास के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। यह विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से और मानसिक तनाव में आकर उन्होंने अपने पांचों बच्चों—प्रीति, लखन, रचना, सपना और राम कुमार—के साथ जहर खा लिया।



घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों और परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए सभी को तुरंत सहरसा के एक निजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि बच्चों की उम्र 5 से 14 वर्ष के बीच है।

चिकित्सकों के अनुसार, सोनी देवी और उनकी तीन बेटियों की हालत में सुधार हुआ है और उन्हें होश आ गया है। हालांकि, पांच वर्षीय राम कुमार और सात वर्षीय लखन कुमार की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। दोनों बच्चों को डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा गया है।

घटना की जानकारी मिलते ही सदर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस पारिवारिक विवाद के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक कलह के खतरनाक परिणामों को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोग बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

बुधवार, 22 अप्रैल 2026

जहां डॉक्टर से ज्यादा “लापरवाही” तैनात हो, वहां इलाज नहीं—सिर्फ इंतजार मिलता है।

 एएनएम नाइटी में, बेड पर चादर गायब, कमरे में बिखरी दवाएं — सांसद की फटकार, कोसी के भीतर स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी

कोशी बिहार टुडे | सहरसा



प्रखंड क्षेत्र के स्वास्थ्य उप केंद्र कठडुमर में बुधवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब खगड़िया लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजेश वर्मा औचक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी।

केंद्र पर एएनएम ड्यूटी के दौरान नाइटी में नजर आईं, मरीजों के बेड पर चादर तक नहीं थी, और कमरे में दवाएं बेतरतीब ढंग से बिखरी पड़ी थीं। मौके पर मौजूद सीएचओ अजमल पलसनिया और एएनएम रंभा कुमारी से सांसद ने तीखे सवाल किए और अव्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई।


खुद सासंद प्रतिनिधि रितेश रंजन ने बेड पर चादर बिछाया

सबसे ज्यादा नाराजगी तब देखने को मिली जब सांसद ने मरीजों के बेड को बिना चादर के पाया। उन्होंने तत्काल चादर मंगवाकर खुद अपने हाथों से बेड पर बिछाई। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की लापरवाही मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है और सरकार की छवि को भी धूमिल करती है। उन्होंने तुरंत सिविल सर्जन को फोन कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।



स्थानीय लोगों ने भी स्वास्थ्य उप केंद्र की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह समस्या नई नहीं है, लेकिन अब तक किसी अधिकारी ने गंभीरता नहीं दिखाई। सांसद के इस औचक निरीक्षण के बाद लोगों में कार्रवाई की उम्मीद जगी है।

आखिर कब तक कागजों पर चलती रहेगी स्वास्थ्य सेवाएं? कोसी के अंदर बसे लोगों को क्या सिर्फ नाममात्र की सुविधा ही नसीब होगी


  विश्व पर्यावरण दिवस पर पंचायत सरकार भवन परिसर में हुआ वृक्षारोपण। कोशी बिहार टुडे, सहरसा शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सलखुआ ...