बुधवार, 21 जनवरी 2026

दिशा की बैठक में बीजेपी नेता रितेश रंजन ने उठाए ज्वलंत मुद्दे

 सांसद प्रतिनिधि रितेश रंजन ने योजनाओं में  अनियमितता का मामला उठाया

 कोशी बिहार टुडे। सहरसा



सहरसा में आयोजित दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक में सिमरी बख्तियारपुर क्षेत्र से जुड़ी ज्वलंत जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, लाभुकों को मिल रहे लाभ, खेल मैदान की दुर्दशा तथा पेयजल संकट जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित सांसद प्रतिनिधि रितेश रंजन ने कहा कि लोहिया पेंशन सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में पिक एंड यूज के नाम पर लाभुकों से अवैध वसूली की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इससे वास्तविक गरीब और पात्र लाभुक योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए तथा प्रत्येक वार्ड में शिविर लगाकर पात्र लाभुकों को सीधे योजनाओं का लाभ दिया जाना चाहिए। सांसद प्रतिनिधि ने सिमरी बख्तियारपुर स्थित हाई स्कूल मैदान की बदहाल स्थिति पर भी बैठक का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने कहा कि यह मैदान क्षेत्र के युवाओं के लिए खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है, लेकिन वर्तमान में यहां सामाजिक एवं अन्य आयोजनों के कारण खेलकूद प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मैदान के चारों ओर चाहरदीवारी निर्माण कर उसे सुरक्षित रखने तथा खेल के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की। बैठक में सिमरी बख्तियारपुर क्षेत्र के कई वार्डों में व्याप्त पेयजल संकट का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठाया गया। विशेष रूप से वार्ड संख्या 15 के रामजानकी स्थान परिसर सहित आसपास के इलाकों में नल - जल योजना के बावजूद पर्याप्त जलापूर्ति नहीं होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित विभागों से जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करने की मांग की। सांसद प्रतिनिधि रितेश रंजन ने कहा कि दिशा की बैठक का उद्देश्य योजनाओं की समीक्षा के साथ - साथ जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से सभी मामलों पर गंभीरता से विचार करते हुए समयबद्ध कार्रवाई करने की मांग की। बैठक में मौजूद विभागीय अधिकारियों ने उठाए गए मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई करने तथा समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। बैठक में अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी भी उपस्थित रहे। 

बुधवार, 14 जनवरी 2026

बहोरबा–बेलडाबर 12 किमी सड़क का निर्माण एक वर्ष में होगा पूरा, 52 करोड़ की लागत आएगी : सांसद

 सड़क के तकनीकी एवं निर्माण कार्य का देखरेख सासंद प्रतिनिधि रितेश रंजन देखेंगे

आजादी के 79 साल के बाद भी एक अदद सड़क के लिए संघर्ष कर रहे है सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा के लोग

कोशी बिहार टुडे। सहरसा

सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा के झाड़ा पंचायत में सड़क की मांग की समस्या को सुनते सासंद राजेश वर्मा 

सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र के महिषी प्रखंड अंतर्गत झाड़ा एवं ऐना पंचायत को जोड़ने वाली बहोरबा–बेलडाबर 12 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। सांसद ने बताया कि इस अति महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण 52 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जिसे एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस सड़क के नहीं बनने से झाड़ा एवं ऐना पंचायत के हजारों लोगों को वर्षों से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे। बीते लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण नहीं होने पर वोट बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग तीन-चार वर्ष पूर्व सड़क निर्माण का कार्य शुरू हुआ था, लेकिन आधा-अधूरा कार्य कर संवेदक गायब हो गया, जिसके बाद से समस्या जस की तस बनी हुई थी।

तीन महीने में शुरू होगा निर्माण कार्य


महिषी प्रखंड के चर्चित बेलडाबर-बहुरबा पथ, जिनके लिए एक दशक से संघर्ष कर रहे है ग्रामीण

मंगलवार को सांसद राजेश वर्मा अपने प्रतिनिधि रितेश रंजन के साथ झाड़ा पंचायत पहुंचे। पंचायत भवन में आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुषों ने सड़क निर्माण की मांग रखी। मौके पर सांसद ने बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी को क्षेत्र की कठिनाइयों से अवगत कराते हुए सड़क निर्माण का अनुरोध किया, जिस पर मंत्री ने शीघ्र निर्माण का भरोसा दिया। सांसद ने ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता से भी सड़क की प्रगति एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली। बताया गया कि अगले तीन महीनों में निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

विधायक संजय कुमार सिंह भी इस सड़क के निर्माण को लेकर लगातार प्रयासरत रहे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान झाड़ा पंचायत के ग्रामीणों ने सड़क नहीं तो वोट नहीं का नारा देते हुए मतदान का बहिष्कार किया था। बाद में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया और सड़क निर्माण का आश्वासन दिया था। चुनाव जीतने के बाद विधायक स्वयं झाड़ा पहुंचे और जिलाधिकारी को समस्या से अवगत कराया था।

पुल व नई सड़क की भी उठी मांग

झाड़ा एवं ऐना पंचायत पश्चिमी कोसी तटबंध के समीप स्थित हैं। दरभंगा जिले के कुशेश्वर स्थान की दूरी यहां से कम होने के कारण ग्रामीणों ने झाड़ा घाट पर पुल निर्माण एवं झाड़ा से कुशेश्वर स्थान तक सड़क निर्माण की भी मांग सांसद के समक्ष रखी। सांसद ने इन मांगों पर हरसंभव पहल का आश्वासन दिया।

सांसद प्रतिनिधि को सौंपा गया दायित्व



सांसद ने बहोरबा–बेलडाबर सड़क की स्वीकृति सहित अन्य तकनीकी एवं कार्यालयीन कार्यों की निगरानी का निर्देश सांसद प्रतिनिधि रितेश रंजन को दिया। प्रतिनिधि ने बताया कि बाढ़ के समय झाड़ा पंचायत पूरी तरह जलमग्न हो जाती है और सड़क नहीं होने से लोग घरों में कैद होकर रह जाते हैं।

एसएच-95 व डेंगराही घाट पुल का निरीक्षण

मंगलवार को सांसद ने निर्माणाधीन एसएच-95 एवं 412 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे डेंगराही घाट पुल का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान साम्हरखुर्द पंचायत के मुखिया दारा सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एसएच-95 से साम्हरखुर्द को जोड़ने की मांग रखी। डेंगराही घाट पर ग्रामीणों ने पुल की गुणवत्ता और नक्शे पर आपत्ति जताई, जिस पर सांसद ने पटना में अभियंताओं की टीम से इस विषय पर चर्चा करने का आश्वासन दिया।

गुरुवार, 16 अक्टूबर 2025

विकास राज उर्फ सुनील यादव आज करेंगे नामांकन

 समर्थकों के साथ अनुमंडल कार्यालय में करेंगे पर्चा दाखिल

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सिमरी बख्तियारपुर में शुक्रवार को नामांकन के अंतिम दिन कई प्रत्याशी अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं.इन्हीं संभावित प्रत्याशियों में सलखुआ प्रखंड के उटेसरा निवासी युवा समाजसेवी विकास राज उर्फ सुनील यादव का नाम प्रमुख रूप से लिया जा रहा है.नामांकन से पूर्व गुरुवार को ब्लॉक चौक के पास एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, समर्थक और क्षेत्रीय कार्यकर्ता शामिल हुए.बैठक में उपस्थित लोगों ने सर्वसम्मति से विकास राज को चुनाव मैदान में उतरने का आग्रह किया।



इस मौके पर संबोधित करते हुए विकास राज उर्फ सुनील यादव ने कहा कि सिमरी बख्तियारपुर की जनता वर्षों से बदलाव चाहती है.यह इलाका आज भी विकास से कोसों दूर है. सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी आज भी लोगों को परेशान कर रही है. जनता अब ऐसी व्यवस्था चाहती है जो सिर्फ चुनाव के वक्त नहीं, हर वक्त उनके बीच रहे.यदि जनता का आशीर्वाद मिला तो मैं इस क्षेत्र के विकास के लिए दिन-रात एक कर दूंगा.उन्होंने कहा कि वे क्षेत्र के युवाओं को रोज़गार, किसानों को उचित मूल्य और हर पंचायत में शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को अपनी प्राथमिकता में रखेंगे.बैठक में मौजूद ग्रामीणों और समर्थकों ने भी विकास राज के समर्थन में नारे लगाए और आगामी चुनाव में उन्हें जिताने का संकल्प लिया.

रविवार, 31 अगस्त 2025

सिमरीबख्तियारपुर में सात सितंबर को भव्य रूप से मनाया जाएगा बलभद्र पूजा

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद व पूर्व सांसद रमा देवी होंगे शामिल

कोशी बिहार टुडे 



 नगर परिषद क्षेत्र के हाई स्कूल मैदान पर आगामी सात सितंबर को धूमधाम से बलभद्र महोत्सव मनाया जाएगा। इसको लेकर कलवार समाज तैयारी में जुट गई है। बीते दिनों कार्यक्रम को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें कई महत्वपूर्ण चर्चा हुई। बैठक में कार्यक्रम की रूप रेखा तैयार की गई। आयोजित कार्यक्रम को लेकर आयोजक कमेटी से ने बताया कि 7 सितंबर रविवार को हाई स्कूल मैदान पर कुलदेवता भगवान बलभद्र की पूजा अर्चना की जाएगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, पूर्व सांसद रमा देवी शामिल होंगे। कमेटी के सदस्यों ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि शोभा यात्रा से कार्यक्रम का आगाज होगा। जिसके बाद बलभद्र भगवान की पूजा अर्चना की जाएगी। पूजा अर्चना के बाद वहां मौजूद श्रद्धालुओं के बीच भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन होगा। कार्यक्रम के समाप्ति के बाद प्रतिमा विसर्जन किया जाएगा। 

शनिवार, 9 अगस्त 2025

कब्रिस्तान विवाद के बाद बलवाहाट थाना में शांति समिति की बैठक, सभी पक्षों ने सौहार्द बनाए रखने का अपील

 कब्रिस्तान की जमीन की जांच के लिए बनेगा कमिटी, जांच रिपोर्ट के बाद आगे की होगी करवाई


कोशी बिहार टुडे, सहरसा 

बलवाहाट थाना में कब्रिस्तान विवाद को लेकर शांति समिति की बैठक

बलवाहाट थाना क्षेत्र अंतर्गत खोजूचक के समीप स्थित कब्रिस्तान के पास शव दफनाने को लेकर गुरुवार को दो समुदायों के बीच उत्पन्न हुए विवाद को समाप्त करने और आपसी भाईचारे को बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को बलवाहाट थाना परिसर में शांति समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी आलोक राय ने किया। बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मुकेश कुमार ठाकुर, अंचलाधिकारी शुभम वर्मा, पुलिस निरीक्षक मोहम्मद सुजाउद्दीन, थानाध्यक्ष मनीष कुमार, सांसद प्रतिनिधि रितेश रंजन सहित प्रशासनिक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और दोनों समुदायों के वरिष्ठ नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस मौके पर एसडीओ आलोक राय ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सामाजिक सौहार्द और शांति बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम और समझदारी दिखाने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और यदि कोई समस्या या गलत सूचना मिले तो तत्काल पुलिस प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने यह भी बताया कि अंचल प्रशासन के द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया जाएगा, जो मामले की पूरी जांच करेगी और उसके निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जमीन किस प्रकार का है, ये जांच के बाद ही पता चलेगा। 

एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने भी लोगों से अपील की कि छोटे-छोटे विवादों को आपसी संवाद और समझदारी से हल किया जाए, ताकि क्षेत्र में शांति का माहौल कायम रहे। बैठक में सांसद प्रतिनिधि रितेश रंजन, मुखिया प्रतिनिधि शैलेंद्र सिंह, जगधर यादव, नीरज कुमार, मुखिया रामविलास तांती, मुकेश यादव सहित अन्य मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता बनाए रखने का संकल्प लिया। 

शुक्रवार, 1 अगस्त 2025

गुमनामी से प्रसिद्धि तक: बाबा मटेश्वर धाम की आस्था व संघर्ष की 20 साल की गौरवगाथा

1अगस्त 2005 को कांवरिया एवं 31 अगस्त 1997 को डाक बम को हुई थी शुरुआत


🖋 रिपोर्ट: महेंद्र प्रसाद, सिमरी बख्तियारपुर


कोशी बिहार टुडे, सहरसा, 1 अगस्त 2025






बाबा मटेश्वर धाम मंदिर आज भले ही राज्य का प्रसिद्ध तीर्थस्थल बन चुका हो, लेकिन इसकी यात्रा गुमनामी, संघर्ष और अपार श्रद्धा से होकर गुजरी है। आज से ठीक 20 साल पहले, 1 अगस्त 2005 को कांठो गांव के मुन्ना भगत और शिवेंद्र पोद्दार ने महज 15 श्रद्धालुओं के साथ सावन की दूसरी सोमवारी पर पहली बार यहां गंगाजल से जलाभिषेक कर श्रावणी मेले की नींव रखी थी।


शुरुआत एक प्रेरणा से...



इस मंदिर की कथा वर्ष 1997 से शुरू होती है, जब भाद्र मास के द्वितीय रविवार, मुन्ना भगत व उनके साथियों ने "डाक बम" की परंपरा शुरू की। उस वक्त बाबा का मंदिर एक जर्जर, संकीर्ण और उपेक्षित स्थल था, जिसे स्थानीय लोग बुढ़वा मठ के नाम से जानते थे। रास्ता तक नहीं था, न पानी की व्यवस्था, न छांव।


मुन्ना भगत के अनुसार, "1997 से 2005 तक लाख प्रयासों के बाद भी भक्तों की संख्या दो अंकों में ही रही। हताशा थी, लेकिन बाबा की कृपा अपरंपार है। एक दिव्य अनुभूति के बाद हमें यह प्रेरणा मिली कि जब तक यहां कांवर यात्रा शुरू नहीं होगी, तब तक यह स्थान प्रसिद्ध नहीं हो सकता।"


1 अगस्त 2005: कांवर यात्रा की नींव



सावन की दूसरी सोमवारी, 1 अगस्त 2005 को 10–15 श्रद्धालुओं के साथ कांवर यात्रा प्रारंभ की गई। रास्ता खराब, सुविधाएं शून्य, लेकिन बाबा पर विश्वास अटूट। यह वह दिन था जब बाबा मटेश्वर धाम के पुनर्जागरण की नींव पड़ी।


श्रावणी मेला: संघर्ष से सफलता तक


प्रारंभ में कोई दुकानदार यहां मेला लगाने नहीं आया। मुन्ना भगत व टीम ने स्वयं दुकानदारों को क्षतिपूर्ति देकर बुलाया। गांव-गांव जाकर प्रचार किया, पंपलेट बंटवाया, लोगों को जोड़ा और बाबा की महिमा का प्रचार किया।

वर्ष 2006 में कांवरियों की संख्या बढ़ी, लगभग 200 कांवर तैयार कर श्रद्धालुओं को गंगाजल यात्रा पर भेजा गया। यह सिलसिला हर साल बढ़ता गया।



पत्रकारिता और जनचेतना का सहयोग


2007 में दैनिक 'हिंदुस्तान' में प्रकाशित खबर "बाबा मटेश्वर धाम मंदिर प्रशासनिक अपेक्षा का शिकार" ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। 2008 में विधायक निधि से मंदिर तक सड़क बनी और विकास का रास्ता खुला।


धार्मिक के साथ सामाजिक क्रांति भी


मुन्ना भगत और टीम ने मंदिर को सामाजिक केंद्र बनाने की भी पहल की। सैकड़ों गरीब कन्याओं की निशुल्क शादियां, मुंडन, संस्कार, नि:शुल्क भंडारे की व्यवस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन प्रारंभ हुआ। मंदिर से हजारों लोगों की रोज़ी-रोटी जुड़ी।


समिति बनी, त्याग भी किया


मुन्ना भगत को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मुंगेर के छर्रा पट्टी में उनको सम्मानित किया था। 

2008 में 'बाबा मटेश्वर धाम मंदिर विकास समिति' का गठन हुआ। सर्वसम्मति से मुन्ना भगत अध्यक्ष बने, लेकिन जब 2010 में मंदिर का बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद में पंजीकरण (नं. 4067) हुआ, तब मुन्ना भगत व टीम ने खुद को समिति से दूर कर निस्वार्थ सेवा में जुटे रहे।


216 फीट कांवर यात्रा और रथयात्रा: मील का पत्थर


आज यहां की 216 फीट कांवर पदयात्रा और रथयात्रा पूरे इलाके में प्रसिद्ध है। श्रावणी मेला में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, हर साल यहां सैकड़ों शादियां होती हैं। मंदिर को अब "मिनी बाबा धाम" के नाम से जाना जाता है।



बाबा मटेश्वर धाम की यह यात्रा सिर्फ एक मंदिर के विकास की नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और संघर्ष की मिसाल है। जिन लोगों ने बिना किसी सरकारी पद या मान्यता के यह काम शुरू किया, आज भी वही निस्वार्थ भाव से बाबा की सेवा में लगे हैं — मूक लेकिन मजबूत नायक।




रविवार, 29 जून 2025

14 जुलाई को है सावन की पहली सोमवारी, प्रशासनिक तैयारी को लेकर बड़ी बैठक

 मिनी बाबाधाम मटेश्वर धाम में सावन को लेकर जोर-शोर से तैयारी, कांवरियों के स्वागत को प्रशासन सजग

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



प्रखंड के बलवाहाट क्षेत्र स्थित मिनी बाबाधाम के रूप में विख्यात श्री श्री 108 बाबा मटेश्वर धाम में आगामी 14 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावणी मेले को लेकर तैयारियाँ जोरों पर हैं.आस्था का यह प्रमुख केंद्र हर साल सावन में लाखों भक्तों की भीड़ जुटाता है. यही नहीं, इसकी विशेषता है कि यहां स्थापित अद्भुत शिवलिंग स्वयंभू माना जाता है, जो 14वीं शताब्दी का है.


अद्भुत शिवलिंग की विशेषता


मटेश्वरधाम का शिवलिंग काले पत्थर का है, जिसकी ऊंचाई ढाई फीट और मोटाई करीब चार फीट है.शिवलिंग के चारों ओर से एक इंच की खाली परिक्रमा-पथ से घिरा है, और आश्चर्यजनक रूप से गर्मी में इसके चारों ओर पानी से भरा रहता है जबकि बारिश में जलस्तर नीचे चला जाता है. 2003 में शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने इस स्थान पर आकर कहा था कि "ऐसा अद्भुत शिवलिंग मैंने पहली बार देखा है."


कांवरियों की कठिन यात्रा



हर साल मुंगेर जिले के छर्रापट्टी घाट से गंगा जल लेकर कांवरिया करीब 80 किलोमीटर पैदल यात्रा कर बाबा मटेश्वर धाम तक पहुंचते हैं.रविवार की रात को विशेषकर लाखों डाकबम इस कठिन डगर से गुजरते हैं. यात्रा के मार्ग में खगड़िया जिले के हरदिया गांव से शुरू होकर कांवरियों को पत्थर-गिट्टी वाले रास्ते, चालू व रिटायर रेलवे पुल जैसे खतरनाक और दुर्गम रास्तों से गुजरना पड़ता है.कांवरियों को सबसे कठिन चुनौती सहरसा-मानसी रेलखंड के चार पुलों को पार करने में आती है, जिसमें बागमती नदी पर रिटायर पुल नंबर 51 सहित अन्य पुल शामिल हैं.


प्रशासनिक तैयारियां तेज


श्रावणी मेला को लेकर रविवार को मंदिर परिसर में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई.बैठक में न्यास समिति के अध्यक्ष पूर्व विधायक डॉ. अरुण कुमार यादव, एसडीओ आलोक राय, प्रशासनिक पदाधिकारी और कई श्रद्धालु मौजूद रहे.एसडीओ आलोक राय ने कहा कि इस बार मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, रोशनी, पार्किंग, और बैरिकेडिंग की समुचित व्यवस्था की जा रही है. इसके अलावा कांवरियों की सुरक्षा हेतु महिला व पुरुष बल की तैनाती की जाएगी.प्रत्येक रविवार रात से ही पुलिस बल कांवरिया पथ पर मुस्तैद रहेगा.साथ ही खगड़िया जिला प्रशासन से समन्वय कर कांवरिया मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाया जाएगा.

डॉ. अरुण यादव ने बताया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर स्तर पर प्रशासन और समिति एकजुट होकर काम कर रहे हैं.


ये रहे मौजूद 


हर वर्ष सावन के महीने में बाबा मटेश्वर धाम श्रद्धा, आस्था और कठिन तपस्या का प्रतीक बन जाता है. कठिन डगर होने के बावजूद कांवरियों की भक्ति देख प्रशासन भी सजग हो गया है. इस वर्ष मेला ऐतिहासिक और सुरक्षित दोनों बनाने का संकल्प लिया गया है.इस मौके पर सचिव जगधर यादव, मटेश्वर धाम श्रावणी मेला के संस्थापक मुन्ना भगत, बलवाहाट थानाध्यक्ष मनीष कुमार, प्रमुख शबनम कुमारी, भोलेन्द्र राय,  रविन्द्र पौद्दार, रामोतार यादव, जितेन्द्र सिंह, धर्मवीर सिंह, ब्रह्मदेव तांती,अरविंद यादव, अमरेन्द्र गुप्ता, विंदल यादव सहित अन्य मौजूद थे.

दिशा की बैठक में बीजेपी नेता रितेश रंजन ने उठाए ज्वलंत मुद्दे

  सांसद प्रतिनिधि रितेश रंजन ने योजनाओं में  अनियमितता का मामला उठाया   कोशी बिहार टुडे। सहरसा सहरसा में आयोजित दिशा (जिला विकास समन्वय एवं ...