रविवार, 9 अक्टूबर 2022

मटेश्वर मंदिर को 2 साल 10 माह में 23 लाख रुपए की हुई आमदनी बैठक कर न्याय समिति ने आय-व्यय का ब्यौरा किया सार्वजनिक

 निर्माणधीन मंदिर मद में 32 लाख रुपए हुआ चंदा, अब तक 36 लाख हुआ खर्च

कोशी बिहार टुडे, सहरसा 



 प्रखंड के बलवाहाट कांठो स्थित प्रसिद्ध बाबा मटेश्वर मंदिर न्यास समिति ने 2 साल 10 माह के कार्यकाल में हुए आमदनी व खर्च का ब्यौरा बैठक आयोजित कर सार्वजनिक किया है। अपने कार्यकाल में कुल 23 लाख 6 हजार 588 रूपए की आमदनी हुई है वहीं 17 लाख 93 हजार 875 रूपए खर्च हुए जबकि कुल बचत 5 लाख 12 हजार 773 रूपए हुए। 

रविवार को मंदिर प्रांगण में मंदिर न्यास समिति की एक बैठक अध्यक्ष सह पूर्व विधायक डॉ अरुण कुमार यादव की अगुवाई में आयोजित की गई जिसमें आय व्यय का ब्यौरा सार्वजनिक कर मंदिर प्रांगण में लगने वाले स्थाई दुकानदार का भाड़ा भी तय किया गया। 

पूर्व विधायक सह अध्यक्ष डॉ अरुण कुमार यादव ने बताया कि नई कमेटी को वर्ष 2019 के दिसंबर माह में चार्ज मिला। पुरानी कमेटी ने करीब पौने दो लाख रुपए छः वर्ष के कार्यकाल का जमा किया। उन्होंने बताया कि नई कमेटी ने दिसंबर 2019 से दिसंबर 2020 के एक वर्ष में विवाह पंजीकरण, मुंडन संस्कार, गाड़ी पुजन, दान पेटी एवं विषेश दान काउंटर लगा कर कुल आमदनी 2 लाख 50 हजार 357 रूपए किया जबकि इस वर्ष मटेश्वर महोत्सव सहित अन्य कार्यक्रम कर 3 लाख 22 हजार 370 रूपए खर्च किया। 

उसी प्रकार जनवरी 2021 से दिसंबर 2021 में 5 लाख 02 हजार 102 रूपए की आमदनी की। वही जनवरी 2022 से सितंबर 2022 तक कुल 8 लाख 12 हजार 529 रूपए की आमदनी की। उन्होंने अपने 2 साल 10 माह के पुरे कार्यकाल का ब्यौरा सार्वजनिक कर दिया। 

उन्होंने बताया कि दो साल 10 माह में कुल 23 लाख 06 हजार 588 रूपए की आमदनी हुई जिसमें दो मटेश्वर महोत्सव 2020 एवं 2021, न्याय समिति पटना को टैक्स के रूप में 1 लाख 10 हजार एवं मंदिर में वेतनमान पर रहने वाले स्वीपर की 96 हजार सहित अन्य खर्च करीब 17 लाख 93 हजार 875 खर्च किए। इस प्रकार शुद्ध आमदनी के रूप में 5 लाख 12 हजार 773 रूपए जमा हुए। 

उन्होंने निर्माणधीन मंदिर मद का ब्यौरा देते हुए बताया कि 52 लाख रुपए चंदा का रसीद काटा गया जिसमें नगद 32 लाख रूपए प्राप्त हुए बाकी विभिन्न चंदा देने वालों के यहां बकाया बचा हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक मंदिर निर्माण में 36 लाख 31 हजार 998 रूपए खर्च हुए हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण के लिए अब चक विभिन्न लोगों ने 29 हजार 500 ईट, 429 बैग सिमेंट बोरी, 5 टेलर बालू एवं 1 टेलर गिट्टी प्राप्त हुआ है। 

उन्होंने बताया कि मचेश्वर महोत्सव 2022 सरकारी राशि से हुई थी। उन्होंने आमजनों से अपील करते हुए मंदिर निर्माण में बढ चढ कर दान देने की अपील करते हुए कहा कि मंदिर ऐतिहासिक बनेगा। इस मौके पर कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

मौके पर न्यास समिति उपाध्यक्ष सत्यनारायण सिंह, सचिव जगधर यादव, डाक कांवरिया संघ के अध्यक्ष मुन्ना भगत,  महम्मदपुर पंचायत के मुखिया विनय कुमार यादव, कांठो मुखिया भोलेंद्र राय, पिंकू यादव, धर्मवीर सिंह, सरपंच महेश ठाकुर, ब्रह्देव तांती, अरविंद यादव, रामप्रवेश राय, कृष्ण कन्हैया, सौरभ कुमार सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।

रविवार, 18 सितंबर 2022

पति ने जिंदा पत्नी का किया पिंडदान, जिंदा पत्नी को मृत मानकर कर दिया पिंडदान

पत्नी के प्रताड़ना से तंग एवं अन्य कई कारण से जिंदा पत्नी का पति के द्वारा किया गया पिंडदान अपने आप में अनोखा

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



 इन दिनों पितृपक्ष और श्राद्ध का महीना चल रहा है, जहां लोग अपने मृत परिजनों का पिंडदान करते हैं। पितरों का पिंडदान इसलिए किया जाता है, ताकि उनकी पिंड की मोह माया छूटे और वो आगे की यात्रा प्रारंभ कर सके। इसी पितृपक्ष के मौके पर मुंबई में बानगंगा टैंक के किनारे कई लोगों ने अपनी जिंदा पत्नियों का पिंडदान किया।  ये सभी ऐसे पत्नी पीड़ित पति थे, जिनका या तो तलाक हो चुका है या फिर मामला कोर्ट में लंबित है। इसी मौके पर मुंबई में एक अनोखा नजारा देखने मिला, जहां करीब 50 पत्नी पीड़ित पतियों ने अपनी जिंदा पत्नियों का पिंडदान किया।

इन सभी लोगों ने शादी की बुरी यादों से छुटकारा पाने के लिए पूरे विधि विधान के साथ अपनी जिंदा पत्नियों का पिंडदान किया। इनमें से एक शख्स ने मुंडन भी कराया, तो बाकियों ने सिर्फ पूजा में हिस्सा लिया। दरअसल ये कार्यक्रम पत्नी पीड़ित पतियों की संस्था वास्तव फाउंडेशन की तरफ से मुंबई में आयोजित किया गया था। वास्तव फाउंडेशन के अध्यक्ष अमित देशपांडे का कहना है कि ये पिंडदान इसलिए किया गया है, क्योंकि ये सभी लोग अपनी पत्नियों के उत्पीड़न से परेशान थे।  इनमें से ज्यादातर ऐसे लोग हैं, जिनका या तो तलाक हो चुका है या फिर वो अपनी पत्नी को छोड़ चुके है। मगर उनकी बुरी यादें अभी भी उन्हें परेशान कर रही हैं, इन्ही बुरी यादों से मुक्ति के लिए ये आयोजन किया गया है।

बुरी यादों से छुटकारा पाने के लिए किया पिंडदान:

वहीं पिंडदान करने वाले पतियों का मानना है की महिलाएं अपनी आजादी का फायदा उठाकर उनका शोषण करती हैं, लेकिन उनके आगे पुरुषों की सुनवाई नही होती है।  अपनी पत्नियों के साथ उनका रिश्ता एक तरह से मर गया है, इसलिए पितृपक्ष के मौके पर ये पिंडदान किया गया है, ताकि बुरी यादों से उन्हें छुटकारा मिल सके।  हर साल वास्तव फाउंडेशन इस तरह का आयोजन अलग अलग शहरों में करवाता है। ताकि ऐसे पीड़ित पति जो अपनी पत्नियों के उत्पीड़न को भुला नही पा रहे हैं और अपने बुरे रिश्ते को ढोने को मजबूर हैं उससे इन्हें निजात दिलाई जाए। इनपुट: एबीपी न्यूज़ 

गुरुवार, 8 सितंबर 2022

तीन बच्चे के बाप ने रचाया दो बच्चे की मां से शादी, पहली पत्नी बच्चे के साथ पहुंची थाना, पति को भेजिए जेल

तीन माह से लापता पति को खोजने के लिए पत्नी खर्च कर दी बीस हजार, मिला तो शौतन थी साथ

कोशी बिहार टुडे, सहरसा 



तीन माह पहले प्रदेश कमाने गए पति को खोजने में आवास योजना से मिले बीस हजार रुपए खर्च कर दी एक तीन बच्चे की मां, जब पति मिला तो उसके साथ शौतन देख पीड़िता पुलिस से गुहार लगाने बख्तियारपुर थाना पहुंच गई। इस संबंध में लिखित आवेदन देकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। 

घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार मधेपुरा जिला के पुरैनी थाना क्षेत्र के कुर्रसंडी दियारा निवासी उपेन्द्र पासवान की पुत्री उषा देवी की शादी करीब दस साल पहले बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के सिटानाबाद वार्ड नं एक जमेदार पासवान के पुत्र जीतू पासवान के साथ हुआ था। शादी के बाद इस दम्पत्ति को दो पुत्र एवं एक पुत्री हुआ। 

पति कमाने अन्य प्रदेश आया जाया करता था। तीन माह पहले पत्नी व बच्चों के साथ प्रदेश कमाने गया। वहीं पत्नी को अपने मां के पास छोड़ पति दुसरे जगह कमाने चला गया। कुछ दिनों तक पति से सम्पर्क नहीं होने पर पत्नी वापस सिटानाबाद आ गई। यहां बच्चों के साथ जीवन बसर करने लगी। कुछ दिनों तक पति से सम्पर्क नहीं होने पर पत्नी उषा देवी ने पति को खोजने के करीब बीस हजार रुपए खर्च कर दी। 

चार दिन पहले पति के संबंध में जानकारी प्राप्त हुआ तो उषा देवी भौचक रह गई। पति ने सहरसा के आरण बिशनपुर निवासी सुनीता देवी नामक महिला से दुसरी शादी कर उसके साथ रहने लगी। उषा देवी ने बताया कि वह महिला भी शादी शुदा है उसको भी पति व बाल बच्चे है। उषा देवी ने पुलिस को कहा हुज़ूर मेरे रहते शौतन लाया है, ना ही मुझे खर्चा पानी देखा है मुझे इंसाफ दिलाएं। 

इस संबंध में बख्तियारपुर थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष महेश रजक ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है मामले की छानबीन की जा रही है।

सोमवार, 22 अगस्त 2022

सूदखोर योगी ठीकेदार पर अब तक करवाई नही, सूद की रुपए के लिया किया था प्रताड़ित, जहर खा कर लिया जीवन लीला समाप्त

महाजन के कर्ज तले दबे शख्स ने जहर खाकर कर लिया आत्महत्या, बार-बार सुद पर लिए रूपए को लेकर महाजन करते थे तंग तबाह

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



सूद पर महाजन से लिए कर्ज के रूपए लौटने से अस्मर्थ व रूपए के लिए लगातार मिल रहे दबाव में आकर नगर परिषद क्षेत्र के सैनीटोला में एक 35 वर्षीय शख्स सदानंद ठाकुर ने जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर लिया। वहीं मृतक के परिजनों ने आनन फानन में शव का अंतिम संस्कार कर दिया। 

घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार सदानंद ठाकुर गरीबी की वजह से परेशान रहता था। इधर उधर मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। इस बीच कई लोगों से सुद पर रूपए लेकर रखा था। बताया जा रहा है कि सुद पर लिए रूपए का कर्ज दिन व दिन बढ़ते जा रहा था। कर्ज देने वाले महाजन आए दिन तगादा करते रहता था।

कुछ दिनों से सैनी टोला के ही योगेन्द्र यादव उर्फ योगी ठीकेदार से लिए कर्ज के रूपए के लिए योगी बार बार तगादा करते चले आ गया था। रविवार सुबह भी कर्ज के रूपए के लिए योगी ठीकेदार घर पहुंच तगादा करने पहुंचे थे। बताया जा रहा है इससे पहले भी वह उसके बाद गाली-गलौज व मारपीट तक किया था। 

रविवार सुबह तगादा बाद वह अपने घर से बाजार जाने के लिए निकला। कुछ देर बाद गांव में ही एक स्थान पर वह बेहौशी की हालत में देखा गया। आनन फानन में परिजनों ने सदानंद ठाकुर को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल सिमरी बख्तियारपुर लाया। जहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति देख बेहतर इलाज के लिए एम्बुलेंस से सहरसा रेफर कर दिया ‌। सहरसा ले जाए जाने के क्रम में रास्ते में उसकी मौत हो गई। 

मृतक की पत्नी सुनीता देवी ने बताया कि योगी ठीकेदार रूपए के लिए बार बार तंग तबाह करते रहता था। उसका पति काफी टेंशन में कर्ज को लेकर रहता था। रविवार सुबह भी योगी घर पर आकर गाली गलौज किया था। उसके बाद ही उसका पति घर से निकला तो फिर घर उसका शव ही आया। मृतक सदानंद ठाकुर को दो पुत्र हैं जिसमें प्रियाशु का उम्र करीब 12 साल है जबकि छोटे पुत्र प्रिंस की उम्र 10 साल है। परिवार का एक मात्र कमाउ शख्स की मौत से दो बच्चों सहित पत्नी पर दुखों का पहाड़ टुट पड़ा है। इधर दबंग सूदखोर ठिकेदार के खिलाफ अभी तक करवाई नही किया गया है। पीड़ित परिवार के घर में अकेला कमाने वाला था मृतक। 

बुधवार, 17 अगस्त 2022

सहरसा-राजेंद्रनगर इंटरसिटी एक्स्प्रेस अब बरौनी नही जायेगी, बायपास बरौनी से सीधे पटना

एक घंटे की समय की होगी बचत, 1 अक्तूबर से नए रूट पर चलेगी ट्रेन

कोसी बिहार टुडे, सहरसा



पटना जाने वाले रेलयात्रियों के लिए समय बचत व राहत प्रदान करने अच्छी खबर दी है। अब ट्रेन संख्या 13227 और ट्रेन संख्या 13228 सहरसा से राजेंद्रनगर और राजेंद्रनगर से सहरसा इंटरसिटी एक्सप्रेस आगामी 1अक्टूबर से भाया बरौनी रेलवे स्टेशन नहीं जाएगी। बल्कि यह ट्रेन अब न्यू बरौनी बाईपास से होकर निकलती हुई सीधे पटना पहुंचेगी। इंटरसिटी एक्सप्रेस के बरौनी रेलवे स्टेशन नहीं जाने से रेल यात्रियों को एक घंटे समय की बचत होगी।फिलहाल इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन बरौनी जंक्शन पहुंचती है। जहां उसका कुल 30 मिनट का ठहराव निर्धारित है। साथ ही बरौनी स्टेशन आने-खुलने में भी 15-20 मिनट का समय लगता है। ऐसे में अनावश्यक 45-50 मिनट का समय बर्बाद होता है।वही आगामी 1 अक्टूबर से ट्रेन बरौनी बाईपास होकर राजेंद्र नगर जाएगी।

इससे यात्रियों को 45 से 50 मिनट का समय बचत होगी। वर्ष 2005 से सहरसा राजेंद्रनगर इंटरसिटी एक्सप्रेस का परिचालन किया जा रहा है। शुरुआत के दिनो से ही यह ट्रेन बरौनी जंक्शन जाती थी। वर्तमान में इंटरसिटी एक्सप्रेस सहरसा जंक्शन से 3:05 पर खुलती है। वह ट्रेन शाम के 6:15 बजे बरौनी जंक्शन पहुंचती है। जहां इंजन शंटिंग के बाद 6:45 पर बरौनी जंक्शन से राजेंद्र नगर के लिए रवाना होती है। जो रात के 9:40 बजे राजेंद्र नगर पहुंचती है।लेकिन अक्टूबर महीने से उक्त ट्रेन सीधी बरौनी बाईपास होकर गुजरेगी।हालांकि उक्त ट्रेन का निर्धारित समय सारणी रेलवे ने अभी जारी नहीं किया है। लेकिन रेल अधिकारियों के मुताबिक अगले महीने समय सारणी जारी कर दी जाएगी।इससे रेलयात्रियो को काफी सहूलियत होगी।

शनिवार, 6 अगस्त 2022

गरीबों के खाद्यान्न का कालाबाजारी कर रहा था डीलर, ग्रामीणों ने पकड़ा, जांच करने गए बीएसओं को डीलर के परिजन ने भगाया

 महखड़ पंचायत के बगरोली गांव में खाद्यान्न बेचते पकड़ा गया डीलर, ग्रामीणों ने किया पुलिस के हवाले

कोशी बिहार टुडे, सहरस





बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के महखड पंचायत के बगरोली गांव में जुगाड़ गाड़ी पर लाद कर कालाबाजारी के लिए ले जा रहे 12 बोड़ा सरकारी खाद्यान्न को पंचायत के उप मुख्या संतोष दास ने ग्रामीणों के सहयोग से दबोच लिया। वहीं खाद्यान लदे गाड़ी को अपने दरवाजे पर लाकर अनुमंडल पदाधिकारी को सूचना दिया।सूचना पर पहुंचे प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी केशव कुमार और सअनि अबधेश कुमार पुलिस बल के साथ पहुंच कर 12 बोड़ा खाद्यान लदे गाड़ी और एक कारोबारी और चालक को हिरासत में लेकर थाना ले गए।इस दौरान उप मुखिया संतोष दास और ग्रामीण विक्रम दास, नारायण दास,दामोदर,दास, दुखी दास ने बताया कि यह पकड़ा गया चावल गांव के ही डीलर सिकन्दर दास का है।वह शनिवार के दिन दहाड़े अपने खाद्यान दुकान सह घर से चावल बेच रहा था।जिसे हमलोगों ने आज रंगे हाथ पकड़ लिया। वही ग्रामीणों ने डीलर पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि हमलोग जब डीलर के यहां खाद्यान लेने जाते है तो आठ किलो चावल के जगह सात किलो दो किलो गेहूं के जगह एक किलो गेहूं देता है और दस किलो का पैसा लेता है।विरोध करने पर गौदाम से ही कम राशन मिलने और जहां शिकायत करने की धमकी देता है।आज पहली बार ऐसा नहीं है कि यह कालाबाजारी कर रहा था पहले भी कई बार हमलोगों का राशन काट कर कलाबाजारी कर चुका है। जो चावल जप्त किया गया है,उसमे कई बोरा में सरकारी रैपर लगा था।



जांच करने गए बीएसओं को जांच करने नही दिया:
चावल पकड़े जाने की सूचना पर डीलर के दुकान पर जांच करने गए बीएसओं केशव कुमार को जांच नही करने दिया। दुकान पर उनकी पत्नी थी। जब पत्नी से डीलर के बारे में पूछा तो उन्होंने बताई की वे खाद्यान लेने गोदाम गया है। बीएसओ ने डीलर के पत्नी से पॉस मशीन की मांग किया तो बहाना करने लगी, इसी दौरान डीलर का भतीजा आया एवं बीएसओं को दुकान से बाहर कर दिया। हालांकि जुगाड गाड़ी के चालक एवं एक को पुलिस ने हिरासत में लिया है। 
इस संबंध में पूछे जाने पर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी केशव कुमार ने बताया कि एक जुगाड़ गाड़ी पर लदे बारह बोरा सरकारी चावल जप्त किया गया है।हिरासत में लिए गए चालक के वयान पर जांच पड़ताल किया जा रहा है। जांच के बाद जांच रिपोर्ट एसडीओ को समर्पित किया जाएगा। 

बुधवार, 13 जुलाई 2022

तमंचे के बल पर शादी के लिए साली का जीजा ने कर लिया अपहरण, मंदिर से पूजा कर लोट रही थी साली

दहशत फैलाने को लेकर किया फायरिंग, बख्तियारपुर थाना क्षेत्र की घटना

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के चकभारो पंचायत से बुधवार सुबह मंदिर में पूजा कर घर लौट रही एक युवती को उसके सगे जीजा ने फिल्मी स्टाइल में स्कार्पियो से अगवा कर लिया। इस दौरान दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग भी की गई। 

घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार चकभारो पंचायत की एक युवती सुबह सबेरे पंचायत के ही एक मंदिर में पूजा कर लौट रही थी कि जैसे ही वह मंदिर से सड़क पर पहुंची एक स्कार्पियो के साथ तीन बाइक पर सवार आधा दर्जन बदमाशों ने युवती को पकड़ स्कार्पियो में खींच बैठा लिया। 

इस दौरान युवती के हो हल्ला करने पर आसपास के ग्रामीण आगे बढ़कर घेरने का प्रयास किया तो फायरिंग कर दहशत फैलाते हुए फरार हो गया। बताया जाता है कि युवती के जीजा बनमा ईटहरी ओपी क्षेत्र के रहने वाले ने ही अपने अन्य सहयोगियों संग शादी की नियत से जबरन युवती को अगवा किया है। बताया जाता है कि अगवा कर युवती को शादी करने के लिए बनमा ईटहरी ओपी क्षेत्र के एक मंदिर में ले गया। 

लेकिन इस दौरान युवती के परिजनों को मामले की जानकारी मिलने पर वो अपने अपने समर्थकों को मामले की जानकारी दे युवती को जीजा के चुंगल से अपने कब्जे में लेकर जीजा के मनसुबें को नाकाम कर दिया। पुरे मामले पर सिमरी बख्तियारपुर के डीएसपी इम्तियाज अहमद से पुछे जाने पर बताया कि युवती का जीजा ही अगवा किया है। आवेदन प्राप्त होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दो दिन पहले से युवती का जीजा कर रहा था रेकी:

पंचायत  के लोगो की माने तो आरोपी जीजा बीते 5 साल से साली से शादी करने को लेकर सास-ससुर पर दवाब दे रहा था। लेकिन ससुराल वाले ने साफ मना कर दिया एवं आरोपी दामाद को ससुराल आने पर भी बैन लगा दिया। पंचायत के लोगो की माने तो बीते दो दिन से आरोपी लड़का लड़की के बारे में जानकारी लिया, उसके बाद बुधवार को घटना को अंजाम दिया। हालांकि पंचायत के लोगो ने बताया की सुबह में स्कॉर्पियो पूरे पंचायत में इधर उधर घूमता था, लोगो को लगा कि बिजली विभाग के द्वारा चेकिंग किया जा रहा है। अगर पंचायत के लोगो को थोड़ा भी भनक लगता तो फिर इस तरह की घटना ही नही घटती।

जनआस्था, युवाओं की तपस्या और जनसहयोग से बनी बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेले की पहचान

  बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेला की 21साल संघर्ष से शिखर तक:  आज लाखों कांवरियों की आस्था का केंद्र है बाबा मटेश्वर धाम, लेकिन इसकी शुरुआत कु...