रविवार, 11 अक्टूबर 2020

वीआईपी से मुकेश सहनी सिमरी बख्तियारपुर से, राजद से लवली आनंद सहरसा से लड़ेंगी चुनाव

 

दोनो गठबंधन से नाराज कार्यकर्ता चुनाव में एक संयुक्त तीसरा उम्मीदवार ला सकता है मैदान में,

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



सिमरीबख्तियारपुर से राजद उम्मीदवार होंगे युशूफ सलाउद्दीन

वीआईपी के अध्यक्ष मुकेश सहनी सिमरी बख्तियारपुर से चुनाव लड़ेंगे। इसकी घोषणा रविवार को की गई। एनडीए के घटक दल मुकेश सहनी की वीआईपी को भाजपा कोटे से 11 सीटें दी गई है। उपचुनाव में एनडीए के उम्मीदवार को 56 हजार और राजद उम्मीदवार को 61 हजार वोट मिले थे। इस बार मुकेश सहनी की पार्टी एनडीए की घटक दल के रूप में चुनाव लड़ रही है।


दूसरी ओर राजद से सिमरीबख्तियारपुर से राजद से खगडिया सासंद चोधरी महबूब अली केसर के पुत्र युशूफ सलाउद्दीन को उम्मीदवार बनाया गया है। इधर लवली आनंद सहरसा से राजद से उम्मीदवार होंगे। सैयद शहाबुद्दीन की पत्नी हीना शहाब रघुनाथपुर से चुनाव नहीं लड़ेंगी। उनके इनकार के बाद सिटिंग विधायक हरिशंकर यादव को ही सिंबल दे दिया है।

दोनो गठबंधन से नाराज कार्यकर्ता उतार सकता है तीसरा निर्दलीय उम्मीदवार

इधर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एनडीए एवं महागठबंधन से नाराज कार्यकर्ता अब तीसरा उम्मीदवार को निर्दलीय मैदान में उतारने को लेकर गुपचुप बेठक कर रहा है। कार्यकर्ता का आक्रोश इस बात से है कि पूरे साल गांव गांव, टोला-टोला जाकर हम लोगो से मिलते है, उनके परेसानी में हम साथ रहते है, लेकिन जब टिकट की बारी आती है हमलोगों को भूल जाता है, एवं हवा-हवाई नेता को जगह दिया जाता है। जनता इन राजनीतिक दल का गुलाम नही है जो जिसे थोप देगा उनको हमलोग मदद करेंगे। 

शनिवार, 10 अक्टूबर 2020

न मांझी न पतवार, भाजपा की नैय्या पर मुकेश सहनी सवार, नहीं मिल रहे विधानसभा में उम्मीदवार


सिमरी बख्तियारपुर में भी एनडीए कार्यकर्ता है काफी गुस्से में, सोमवार की एनडीए कार्यकर्ता की अहम बैठक में हो सकता है कोई बड़ा फैसला

कोसी बिहार टुडे, सहरसा



भाजपा ने वीआईपी को 11 सीटें तो दे दीं, लेकिन मुकेश सहनी को इन सीटों के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहे

महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा कर रंग में भंग डालने वाले मुकेश सहनी अब एनडीए की नैय्या पर सवार हैं। एनडीए में भाजपा और जदयू ने अपनी सीटों की कुर्बानी देकर वीआईपी को 11 सीटें तो दे दीं, लेकिन वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी को इन सीटों के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं।


अतिपिछड़ों के लिए प्यार की गंगा बहाने के चक्कर में भाजपा ने अपने निवर्तमान विधायकों की भी चिंता नहीं की। बोचहां और सुगौली सीटिंग सीटें होने के बावजूद वीआईपी पार्टी को दे दी गईं। यही नहीं, सहयोगी जदयू से ली गई और उसकी जीती गईं सीट गौडाबौराम भी वीआईपी को दे दी गई। पार्टी के इस फैसले को लेकर सभी 11 विधानसभा सीटों पर कार्यकर्ता गुस्से में हैं, लेकिन भाजपा की असल मुश्किल ये नहीं।


भाजपा की मुश्किल है कि जिस वीआईपी पार्टी के लिए उसने इतनी जहमत उठाई, उस पार्टी के पास इन 11 सीटों पर चुनाव लड़ाने के लिए उम्मीदवार ही नहीं हैं। वीआईपी के साथ सामने आ रही इसी मुश्किल पर अब भाजपा बैठक पर बैठक किए जा रही है।


भाजपा अब तक पहले चरण में अपने हिस्से आईं 29 सीटों पर ही केवल उम्मीदवारों का ऐलान कर पाई हैं। बाकी की 81 सीटों पर अब भी उसे उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करना है। भाजपा के खाते आईं सीटों में सबसे अधिक 46 पर दूसरे चरण में मतदान होना है, लिहाजा भाजपा के लिए पहले चरण से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण दूसरे चरण का रण है। पार्टी कुछ गिनी-चुनी सीटों पर अब भी मंथन कर रही है।


दिल्ली में हो रही बैठकों में इस बात पर चर्चा हो रही है कि मुकेश सहनी के हिस्से गईं सीटों पर उम्मीदवार कौन होंगे। एक तरफ बनियापुर और सुगौली जैसी कई सीटों पर वीआईपी के पास उम्मीदवार नहीं हैं। तो दूसरी तरफ भाजपा में इन सीटों के वीआईपी के हिस्से में जाने को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी है। ऐसे में भाजपा ने वीआईपी के हिस्से गई कई सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का मन बना लिया है।


हालांकि इससे पहले ही मधुबनी सीट से भाजपा नेता सुमन कुमार महासेठ को वीआईपी का उम्मीदवार बनाया जा चुका था, लेकिन तब ऐसा लगा था कि भाजपा अपने कुछ नेताओं को वीआईपी में एडजस्ट कर रही है, लेकिन अब जो बात सामने आ रही है उससे ये साफ हो गया है कि वीआईपी की नैय्या भाजपा के उम्मीदवारों के बिना पार ही नहीं लग सकती।

सिमरीबख्तियारपुर में भी एनडीए कार्यकर्ता काफी गुस्से में--

सिमरीबख्तियारपुर विधानसभा सीट जेडीयू की परंपरागत सीट रही है। यहां से जेडीयू कई बार जीत हासिल कर चुके है। खासकर मधेपुरा सासंद दिनेशचंद्र यादव के द्वारा सिमरीबख्तियारपुर में 1990 से जितने के बाद यहां चहुमुखी विकास हुआ। जिसमें सिमरीबख्तियारपुर को अनुमण्डल बनाना ऐतिहासिक है। लेकिन मुकेश सहनी के द्वारा अपने परिवार के लिये सीट को ले लेना यहां किसी एनडीए कार्यकर्ता को हजम नही हो रहा है। हालांकि सिमरीबख्तियारपुर बीजेपी तो खुलेआम बेठक कर एक तरह से मुकेश सहनी को कह दिया कि अगर स्थानीय उम्मीदवार नही हुआ तो भविष्य में परेसानी हो सकती है। अब सोमवार को एनडीए कार्यकर्ता की बैठक में कोई बड़ा फैसला हो सकता है।

आज देर शाम पटना पहुंच सकते हैं भाजपा के कई नेता

दिल्ली में चल रही बैठकों का सिलसिला पटना में भी जारी रहेगा। दिल्ली में आज बैठक के बाद रविवार को पटना में भी बैठक होनी है, जिसमें दिल्ली बैठक में शामिल नेताओं के अलावा उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी शामिल होंगे। रविवार की इन बैठकों के बाद बीजेपी की दूसरी लिस्ट जारी हो सकती है। तीसरे चरण की सीटों के लिए तीसरी लिस्ट 12 अक्टूबर के बाद जारी हो सकती है।इनपुट-दैनिकभास्कर

बुधवार, 7 अक्टूबर 2020

मुकेश सहनी की पार्टी भीआईपी नाव चुनाव चिन्ह नही बल्कि भाजपा के कमल चुनाव चिन्ह पर लड़ेगी चुनाव

 

मुकेश सहनी को लड़ने के लिए ब्रह्मपुर और मधुबनी समेत 11 सीटें मिली; भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे सभी प्रत्याशी

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



भाजपा ने चुनाव लड़ने के लिए अपने कोटे से 11 सीटें दी, साथ ही विधान परिषद की एक सीट भी दी जाएगी

बिहार विधानसभा में मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी 11 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पार्टी अब आधिकारिक तौर पर एनडीए का हिस्सा बन गई है। पटना में इसकी घोषणा करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि पार्टी उन्हें चुनाव लड़ने के लिए अपने कोटे से 11 विधानसभा सीटें दी है। साथ ही, वीआईपी को विधान परिषद की एक सीट भी उन्हें दी जाएगी। हालांकि, इन सभी सीटों पर मुकेश सहनी के प्रत्याशी भाजपा के सिंबल पर ही चुनाव लड़ेंगे। अगर इन्हें चुनाव जीतने में सफलता मिलती है तो भी तकनीकी तौर पर सभी भाजपा के विधायक ही कहे जाएंगे। यही वजह है कि मुकेश सहनी खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।


ये हैं वीआईपी को मिली 11 सीटें

1 ब्रह्मपुर

2 बोचहा

3 गौराबौड़म

4 सिमरी बख्तियारपुर

5 सुगौली

6 मधुबनी

7 केवटी

8 साहेबगंज

9 बलरामपुर

10 अली नगर

11 बनियापुर

सहनी को बताया बिहार के 40% अति पिछड़े समाज का नेता



प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने मुकेश सहनी को बिहार के करीब 40% अति पिछड़ी आबादी का नेता बताया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक गठबंधन ने अति पिछड़ों का अपमान किया, उसे देखकर भाजपा ने यह निर्णय लिया कि हमें अति पिछड़ों को सम्मान देना चाहिए। इसलिए विस्तृत चर्चा के बाद हमने विकासशील इंसान पार्टी को अपने साथ जोड़ा।


तीन दिनों पहले तक तेजस्वी यादव को अपना छोटा भाई बताने वाले मुकेश सहनी अब बिहार चुनाव में एनडीए के लिए काम करेंगे।

तीन दिनों पहले तक तेजस्वी यादव को अपना छोटा भाई बताने वाले मुकेश सहनी अब बिहार चुनाव में एनडीए के लिए काम करेंगे।

'मेरी बदौलत बनती सरकार, इसलिए मांगा था डिप्टी सीएम पद'


मुकेश सहनी ने महागठबंधन छोड़ने के बाद दावा किया था कि उन्हें डिप्टी सीएम बनाने की बात कही गई थी। इस बारे पर सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा कि  महागठबंधन की सरकार मेरी वजह से बनती इसलिए उस पद की मांग की थी। यहां (एनडीए) में ऐसी कोई बात नहीं है। वहां मेरी पीठ में छुरा घोंपने का काम किया गया था, जबकि यहां उस पर मरहम लगाया गया। इसलिए जो भी मिला वो स्वीकार है। मैंने 2015 में भी पूरी मजबूती से भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन किया था। किसी वजह से भटक गया। लेकिन अब खुशी है कि जहां से मैंने अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था आज फिर से वही हूं।


मुकेश सहनी करेंगे एनडीए के लिए काम


तीन दिन पहले तक तेजस्वी यादव को अपना छोटा भाई बताने वाले मुकेश सहनी अब बिहार चुनाव में एनडीए के लिए काम करेंगे। मंगलवार को भाजपा-जदयू के बीच सीट शेयरिंग के आधिकारिक ऐलान के बाद पटना पहुंचने पर उन्होंने कहा कि वे खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे। लेकिन अब बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर एनडीए को जिताने का काम करेंगे।इनपुट-दैनिकभास्कर

मंगलवार, 6 अक्टूबर 2020

भाजपा और जदयू ने जारी की अपने-अपने हिस्से की सीटों की लिस्ट


मंगलवार को पटना में भाजपा और जदयू के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया, जिसके बाद सीटों की लिस्ट जारी की गई।

कोसी बिहार टुडे, सहरसा



भाजपा अपने कोटे में से मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी को टिकट देगी

जदयू हम को अपने हिस्से में से सात सीटें देगी

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए में सीट बंटवारे की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही जदयू और भाजपा ने अपने-अपने कोटे की सीटों का भी ऐलान कर दिया। जदयू के हिस्से में 122 सीटें आईं हैं, जिनमें से 7 सीट हम को दी गई हैं। इसी तरह भाजपा के कोटे में 121 सीटें आई हैं। भाजपा अपने हिस्से में से कुछ सीटों पर मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी को टिकट देगी। हालांकि सीटों की संख्या की घोषणा अभी नहीं की गई है।


भाजपा के खाते में आईं ये सीटें

रामनगर (सु), नरकटियागंज, बगहा, लौरिया, नौतन, चनपटिया, बेतिया, रक्सौल, सुगौली, हरसिद्धि, गोविंदगंज, कल्याणपुर, पिपरा, मधुबन, मोतिहारी, चिरैया, ढाका, रीगा, बथनाहा (सु), परिहार, सीतामढ़ी, बेनीपट्टी, खजौली, बिस्फी, मधुबनी, राजनगर( सु), झंझारपुर, छातापुर, नरपतगंज, फारबिसगंज, जोकीहाट, सिकटी, बहादुगंज, किशनगंज, बायसी, बनममखी (सु), पूर्णिया, कटिहार, बलरामपुर, प्राणपुर, कोरहा, सहरसा, सिमरी बख्तियारपुर, गौराबौड़ाम, अलीनगर, दरभंगा, हायाघाट, केवटी, जाले, औराई, बोचहा (सु), कुढ़नी, मुजफ्फरपुर, बरुराज, पारू , साहेबगंज, बैकुंठपुर, बरौली, गोपालगंज, सीवान, दरौली (सु), दरौंधा, गोरियाकोठी, बनियापुर, तरैया, छपरा, गरखा, अमनौर, सोनपुर, हाजीपुर, लालगंज, राघोपुर, पातेपुर (सु), उजियारपुर, मोहद्दीनगर, रोसड़ा (सु), बछवाड़ा, बेगूसराय, बखरी (सु), बीहपुर, पीरपैंती (सु), कहलगांव, भागलपुर, बांका, कटोरिया (सु), मुंगेर, लखीसराय, बिहारशरीफ, बाढ़, बखितयारपुर, दीघा, बांकीपुर, कुम्हरार, पटना साहिब, फतुहा, दानापुर, मनेर, बिक्रम, बड़हरा, आरा, तरारी, शाहपुर, ब्रह्मपुर, बक्सर, रामगढ़, मोहनिया (सु), भभुआ, चैनपुर, डेहरी, कारकाट, अरवल, गोह, औरंगाबाद, गुरुआ, बोधगया (सु), गया टाउन, वजीरगंज, रजौली (सु), हिसुआ, वारसलीगंज, जमुई


हम के हिस्से में आईं ये सीटें, उम्मीदवार भी घोषित

जीतन राम मांझी-इमामगंज, ज्योति देवी-बाराचट्टी, श्रवण भुइयां-कुटुम्बा, राजेंद्र यादव-कस्बा, प्रफुल्ल मांझी-सिकन्दरा, अनिल कुमार-टेकारी, देवेंद्र माँझी-मखदुमपुर। इनपुट-दैनिकभास्कर

सोमवार, 5 अक्टूबर 2020

खगड़िया सासंद के पुत्र एवं सिमरीबख्तियारपुर के पूर्व लोजपा प्रत्याशी मो युशूफ सलाउद्दीन हुए राजद के


कोशी बिहार टुडे, सहरसा



सिमरी बख्तियारपुर निवासी एवं खगरिया के वर्तमान एनडीए लोजपा सासंद चोधरी महबूब अली केसर के पुत्र मो युशूफ सलाउद्दीन ने सोमवार को पटना में राजद का दामन थाम लिया। पटना में आयोजित कार्यक्रम में मो युशूफ सलाउद्दीन को राजद नेता तेजस्वी यादव ने राजद की सदस्यता दिलाई। अब चर्चा है कि 2020 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में मो युशूफ सलाउद्दीन राजद उम्मीदवार के रूप में सिमरीबख्तियारपुर विधानसभा के राजद उम्मीदवार हो सकते है। आपको बता दे कि मो युशूफ सलाउद्दीन पूर्व में एनडीए गठबंधन से सिमरी बख्तियारपुर से एनडीए उम्मीदवार के रूप में लोजपा से सिमरी बख्तियारपुर से किस्मत आजमा चुके है। जिनमे उनकी हार हुई थी। अब जब राजद में आये है तो देखने वाली बात होगी कि सिमरी बख्तियारपुर में आगे और क्या समीकरण बनता है।  हालांकि अभी तक राजद, जेडीयू, लोजपा एवं अन्य राजनीतिक दल के द्वारा सिमरीबख्तियारपुर विधानसभा में उम्मीदवार का नाम क्लियर नही हुआ है। सिमरीबख्तियारपुर की जनता में एकटक पटना की हलचल पर नजर बनाए है। लोगो की कहना है कि जो भी सिमरीबख्तियारपुर में उम्मीदवार बनेगा, अब मुकाबला देखने मे दिलचस्प होगा। सिमरीबख्तियारपुर में चर्चा बनी है कि प्रतिदिन लोगो को कुछ ना कुछ नया सुनने को मिल रहा है। 

शनिवार, 3 अक्टूबर 2020

माछ भात खाएंगे महागठबंधन को जिताएंगे का नारा देने वाले 'सन ऑफ मल्लाह' की नाव मजधार में फंसी

 

मुंबई में फिल्मों के लिए सेट बनाने वाले मुकेश सहनी महागठबंधन में खुद को सेट नहीं कर पाए

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



सहनी को उम्मीद थी कि उन्हें 10 से ज्यादा सीटें महागठबंधन में मिलेगी


‘माछ भात खाएंगे महागठबंधन को जिताएंगे’ का नारा लगाने वाले सन ऑफ मल्लाह ने महागठबंधन के प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब यह कहा कि उनके पीठ में खंजर भोंका गया है तो उनकी पार्टी विकासशील इंसान पार्टी के कार्यकर्ता उग्र हो उठे। तेजस्वी यादव के खिलाफ खूब नारेबाजी हुई। मुंबई में फिल्मों के लिए सेट बनाने वाले मुकेश सहनी महागठबंधन में खुद को सेट नहीं कर पाए।


तेजस्वी ने कह दिया कि दो दिन बाद बताया जाएगा कि वीआईपी पार्टी को कितनी सीटें दी जाएंगी। सहनी को उम्मीद थी कि उन्हें 10 से ज्यादा सीटें महागठबंधन में मिलेगी। पार्टी की मान्यता के लिए 10 सीटों पर लड़ने की अनिवार्यता है। सहनी 25 सीट की मांग कर रहे थे और उन्हें लगा था कि दो-तीन सीट आगे पीछे हो सकती है पर ऐसा नहीं हो सकता कि उनके साथ यह व्यवहार किया जाएगा। जिनको चार सीटें देनी थी उस सीपीएम के लिए भी घोषणा हो गई पर वीआईपी की नाव मझधार में फंस गई। इस नाव को सन ऑफ मल्लाह कैसे पार उतारेंगे यह रविवार को साफ होने की उम्मीद है।


सहनी का दावा रहा है कि उनकी जाति की आबादी 15 फीसदी है बिहार में। इसलिए उसी हिसाब से सीटें मिलनी चाहिए। मल्लाह जाति बिहार में अतिपिछड़ा वर्ग में आती है। इसके अनुसूचित जाति में शामिल करने की लड़ाई भी सहनी लड़ चुके हैं। वीआईपी पार्टी लोक सभा में तीन सीट पर लड़ी थी। तीनों सीट खगड़िया, मधुबनी और मुजफ्फरपुर में पार्टी की हार हुई थी।


सहनी के साथ आरजेडी ने ऐसा क्यों किया, इसके कारण तलाशे जा रहे हैं। यह भी सच है कि जीतन राम मांझी, उपेन्द्र कुशवाहा और सहनी तीनों ही महागठबंधन में कोआर्डिनेशन कमेटी की मांग कर रहे थे। यह कोआर्डिनेशन कमेटी इसलिए चाहते थे कि कमेटी तय करे मुख्यमंत्री पद का दावेदार कौन होगा। एक बार तो वे कांग्रेस आलाकमान के पास भी इस मांग को लेकर तीनों गए थे। लेकिन बाद में सहनी ने खुद को इस मांग से अलग कर लिया। वे कांग्रेस आलाकमान के वर्चुअल सम्मेलन में शामिल भी नहीं हुए। बावजूद इसके सहनी, तेजस्वी की नजर पर चढ़ गए थे। नजर पर तो मांझी और उपेन्द्र भी चढ़ गए थे लेकिन दोनों ने समय रहते अपना रास्ता खोज लिया, बच गए थे सहनी।

सहनी उस समय चर्चा में आए थे जब सरकार ने आंध्र से मछलियां मंगाने पर रोक लगा दी थी और तब उन्होंने आमरण अनशन तक किया था। सहनी यह कहते रहे हैं कि वे जाति के मल्लाह हैं और मल्लाह पानी को उपछ देता है, मछलियों को ले लेता है। पर इस बार वे राजनीति की जाल में ऐसे फंसे कि पीठ में खंजर वाला मुहावरा बोलना पड़ा। इनपुट-दैनिकभास्कर

बिहार के महागठबंधन में पहली दरार:जिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीटों के फॉर्मूले का ऐलान हुआ, उसी से उठकर चले गए VIP के नेता, गठबंधन छोड़ने का ऐलान किया

 

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



तेजस्वी यादव महागठबंधन के लिए मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे, बोले- ठेठ बिहारी हैं, वादा पूरा करेंगे

तेजस्वी यादव ने कहा- सरकार बनने पर पहला फैसला, 10 लाख सरकारी नौकरियों का होगा


बिहार विधानसभा चुनाव की 243 सीटों के लिए महागठबंधन में सीटों का फॉर्मूला तय हो गया है। अब तक 150 से ज्यादा सीटों पर लड़ने का दावा कर रही राजद के तेवर सहयोगियों की नाराजगी के बाद नरम पड़े हैं। वह 144 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस के हिस्से में 70 सीटें आई हैं। पर, सीटों के ऐलान के साथ ही गठबंधन में दरार पड़ गई। फॉर्मूले से नाखुश वीआईपी के नेता मुकेश सहनी ने कहा कि हमारी पीठ पर छुरा भोंका गया। उन्होंने कहा कि हम गठबंधन से बाहर हो रहे हैं।


ये है महागठबंधन की सीटों का फॉर्मूला



राजद:144, मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी और जेएमएम को भी राजद अपने हिस्से की सीट देगा

कांग्रेस: 70, बाई इलेक्शन लोकसभा वाल्मीकिनगर

सीपीआई माले: 19

सीपीआई: 6

सीपीएम: 4


कुल सीटें: 243


भाई की तबीयत बिगड़ने के एक घंटे बाद तेजस्वी ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस


भाई तेज प्रताप की तबीयत बिगड़ने के बाद तेजस्वी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे। उन्होंने कहा कि हमारे कुछ साथियों को एनडीए को हराने के लिए कुर्बानी देनी पड़ी है। हम उनकी कुर्बानी की रक्षा करेंगे।

तेजस्वी ने कहा- महागठबंधन में शामिल दलों ने मेरे नेतृत्व पर विश्वास किया है। मैं सभी के विश्वास पर खरा उतरूंगा। उन्होंने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार आईसीयू में है। नीतीश सरकार गरीबी भुखमरी को हटा नहीं पाई। गरीबों पर लाठी चलवाई है।

तेजस्वी ने कहा- हम ठेठ बिहारी हैं। जो वादा करते हैं, उसे पूरा करते हैं। हमारा डीएनए पूरी तरह शुद्ध है। हम बिहार को शुद्ध जल की तरह बढ़िया विकल्प देंगे। हम पहली कैबिनेट में पहली कलम से 10 लाख स्थाई और सरकारी नौकरी देंगे। नौकरी के लिए आवेदन भरने की फीस भी नहीं लगेगी।

प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान वीआईपी का हंगामा

तेजस्वी के सीट बंटवारे की घोषणा करते ही वीआईपी पार्टी के मुकेश सहनी के समर्थक तेजस्वी मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। सहनी ने प्रेस कॉफ्रेंस में ही कहा कि हम 25 सीट और उप-मुख्यमंत्री का पद दिए जाने की मांग के साथ गठबंधन में शामिल हुए थे, लेकिन हमारी पीठ में छुरा भोंका गया है। इसके बाद सहनी वहां से उठकर चले गए। इस दौरान सहनी के समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। इनपुट-दैनिक भास्कर

जनआस्था, युवाओं की तपस्या और जनसहयोग से बनी बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेले की पहचान

  बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेला की 21साल संघर्ष से शिखर तक:  आज लाखों कांवरियों की आस्था का केंद्र है बाबा मटेश्वर धाम, लेकिन इसकी शुरुआत कु...