रविवार, 14 मार्च 2021

अवैध उगाही में व्यस्त सिमरीबख्तियारपुर के गोदाम मैनेजर डीलर से करवाते है दरबारी, नही दे रहा है खाद्यान

गोदाम मैनेजर की तानाशाही एवं अवैध उगाही से परेसान डीलर ने किया गोदाम पर प्रदर्शन

कोसी बिहार टुडे, सहरसा



सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड कार्यालय स्थित एसएफसी गोदाम परिसर में रविवार को खाद्यान्न उठाने पहुंचे डीलरों ने गोदाम प्रशासन पर खाद्यान्न उठाव में लेटलतीफा करने व आनाकानी करने का आरोप लगाते गोदाम मैनेजर के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं प्रदर्शनकारी डीलरों ने गोदाम प्रशासन के अलावा ट्रांसपोर्टर पर खाद्यान्न होम डीलिवरी देने में अवैध उगाही नहीं होने पर जानबूझ कर लेटलतीफा तथा मनमानी करने का आरोप लगाते ट्रांसपोर्टर के खिलाफ भी प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न जगहों से रविवार को पहुंचे आधे दर्जन से अधिक डीलर शामिल थे। जो विभाग के उच्चधिकारी से मामले की गहन जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई किये जाने का मांग करते गुहार लगाया है।

     प्रदर्शनकारी डीलर खजुरी पंचायत के हीरा यादव, राजेन्द्र महतो, फुलेश्वर मिश्र, अमरनाथ मिश्र, सोनपुरा पंचायत के इंदल पासवान, जवाहर कुमार राम, नगर पंचायत सिमरी बख्तियारपुर के मो इस्लाम, बेलवाड़ा के अशोक पासवान, विनोद सादा, सकरा पहाड़पुर के वीरेन्द्र यादव, मोहम्मदपुर के नथुनी साह, सरोजा बलिया देवी सहित अन्य डीलरों ने आरोप लगाते हुए कहा कि हमलोगों को घर तक राशन पहुंचाने का जिम्मा गोदाम मैनेजर तथा ट्रांसपोर्टर के ठिकेदार का है। लेकिन अवैध उगाही के कारण हमलोगों को बार-बार गोदाम पर बुलाया जाता है। राशि नहीं देने पर खाद्यान नही रहने का बहाना बना दिया जाता है। बार-बार गोदाम का चक्कर कटवाया जाता है। खाद्यान्न देने में आनाकानी इतना किया जाता है कि डीलर अवैध राशि देने पर मजबूर हो जाता है। लिहाजा जो डीलर मांगी गई रकम नहीं देता है उसको खाद्यान्न उठाव करने कठिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है, और जो डीलर मुंह मांगी राशि देता है उसे सभी सुविधा गोदाम पर मुहैया हो जाया करता है। वहीं डीलरों ने कहा कि महिला मैनेजर के कारण हमलोग कुछ नहीं बोल पाते हैं। ऐसे पदाधिकारी का जल्द से जल्द तबादला होना चाहिए। इसके कार्यकाल में सिमरी बख्तियारपुर तथा बनमा ईटहरी प्रखंड के सभी डीलर परेशान है। यहां प्रशासनिक उदासीनता के कारण सिर्फ डीलरों का दोहन किया जाता है। गोदाम मैनेजर तथा ट्रांसपोर्टर के मनमानी तथा अवैध उगाही से आजिज होकर रविवार को दोनों के खिलाफ मजबूरी में प्रदर्शन करना पड़ा। बताया जाता है कि अगर डीलर गोदाम मैनेजर पर खाद्यान देने एवं रुपये नही देने की बात कहता है तो मैनेजर के द्वारा डीलर की लाइसेंस रद्द करवाने की धमकी भी देते है। 

बीते वर्ष के केंद्र सरकार की  मुप्त अक्टूबर एवं नंबम्बर माह खाद्यान में गड़बड़ी की जांच की मांग--

इतना ही नही कई डीलर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के द्वारा  कोरोना काल मे  गरीबो को दिए जाने वाले अक्टूबर एवं नंबम्बर माह का  खाद्यान वितरण में भी काफी गड़बड़ी गोदाम मैनेजर के द्वारा किया गया है। इनकी जांच जिले के वरीय अधिकारी से कराई जाए तो एक बहुत बड़ा खाद्यान घोटाला बाहर आएगा। केंद्र सरकार के नबम्बर माह की मुप्त खाद्यान के लिये अनुमंडल के डीलर गोदाम दौड़ते दौड़ते थक गया, लेकिन उन्हें खाद्यान नही मिला। जिन कारण गरीब मुप्त खाद्यान योजना से बंचित हो गया। 

क्या कहते हैं एसडीओ :-

एसडीओ वीरेन्द्र कुमार ने पूछे जाने पर बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। डीलर के द्वारा शिकायत आने पर मामले की जांच की जाएगी। वैसे ससमय खाद्यान्न वितरण को लेकर बराबर पत्र जारी किया जाता रहा है।

बुधवार, 10 मार्च 2021

56 हजार आबादी वाला होगा नए नगर परिषद सिमरीबख्तियारपुर

अटकलों के कवायद पर लगा विराम, खम्हौती, भौरा, मधुबन, सिमरी व अशरफ़चक राजस्व गांव को जोड़ बना नगर परिषद 

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



 सहरसा जिले के नगर पंचायत सिमरी बख्तियारपुर अब नगर परिषद बन गया है। सरकार के संयुक्त सचिव की मुहर के बाद खम्हौती व सिमरी पंचायत के सम्पूर्ण भाग को नवगठित नगर परिषद क्षेत्र में शामिल कर लिया गया है। 

खम्हौती पंचायत के खम्हौती, भौरा, मधुबन व सिमरी पंचायत के अशरफ़चक व सिमरी नए नगर परिषद का हिस्सा होते हुए राजस्व गांव शामिल किया गया है। नवगठित नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर के नया जनसंख्या 54 हजार 680 होगा। 

इसके साथ ही नवगठित नगर परिषद क्षेत्र क्षेत्रफल बड़ा हो जाएगा। अब नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर के उत्तर में रायपुरा, महखड़ पंचायत की सीमा होगी वहीं दक्षिण में गोरदह, पुरैनी व पुरब में पहाड़पुर, घौड़दौर, चकभारो तथा पश्चिम में सरडीहा, गोरदह, रायपुरा, भौरहा सीमा क्षेत्र होगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि नए नगर परिषद में लगभग 31 वार्ड हो सकते है। 

राज्यपाल के आदेश से सरकार के संयुक्त सचिव अरविंद कुमार झा ने 3 मार्च 2021 को आदेश जारी कर दिया है। अब सिमरी बख्तियारपुर नगर पंचायत से नगर परिषद बनने के साथ विकास की नई उम्मीदें कायम हुई है। सिमरी व खम्हौती को नगर परिषद क्षेत्र में शामिल होने पर लोगों में खुशी देखी जा रही है।

यहां बताते चलें कि सरकार ने गत दिनों ही नगर पंचायत सिमरी बख्तियारपुर को अपग्रेड कर नगर परिषद बनने की अधिसूचना जारी की थी। जिसके के बाद राज्य केबिनेट ने इस पर मुहर लगा दिया था। हालांकि सिमरी व खम्हौती पंचायत को नवगठित नगर परिषद में शामिल करने को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई थी। 

जिसमें आरजेडी प्रखंड अध्यक्ष हेलाल अशरफ, जाप नेता पुनपुन यादव सहित अन्य ने इस संबंध में आपत्ति आवेदन देकर सिमरी व खम्हौती पंचायत को शामिल नहीं करने की मांग की थी लेकिन दिए गए आपत्ति विचारोपरांत इसे खारिज करते हुए खम्हौती व सिमरी पंचायत के सम्पूर्ण भाग को नवगठित नगर परिषद क्षेत्र में शामिल कर लिया गया।

गुरुवार, 4 मार्च 2021

बिहार में 10 चरण में होगा पंचायत चुनाव, जानिए आपके जिले में कब होगा चुनाव

 कोशी बिहार टुडे, सहरसा



बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारी ने जोर पकड़ ली है। इसके तहत राज्य निर्वाचन आयोग ने सूबे के सभी 38 जिलों में कुल 10 चरणों में चुनाव कराने का निर्णय लिया है। चुनाव के लिए आयोग के पास कुल 15 हजार मल्टीपोस्ट ईवीएम मशीन ही उपलब्ध है। इन्हीं ईवीएम मशीन से पूरे राज्य में पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। बाढ़ प्रभावित जिलों में पांचवें और छठे चरण में चुनाव कराने योजना है। 


चुनाव आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए जो रणनीति तय की है, उसके अनुसार पहले चरण में तीन प्रमंडल के एक जिले में चुनाव कराया जाएगा। इसके साथ ही निर्णय लिया गया है कि एक जिले में एक ही दिन में चुनाव संपन्न होगा। राज्य चुनाव आयोग ने ईवीएम की उपलब्धता के आधार पर जो योजना तैयार की है, उसमें वर्ष 2016 के मतदान केंद्रों की संख्या को ध्यान में रखकर निर्णय किया गया है। यदि इस साल कोविड गाइडलाइन के कारण मतदान केंद्रों की संख्या में बदलाव होता है तो संभव है कि चुनाव के लिए तय चरणों में कुछ बदलाव किया जाये। लेकिन, अब तक की तैयारी के अनुसार यह चुनाव 10 चरणों में ही संपन्न होगा। 


पहले चरण में तीन, दूसरे में चार, तीसरे में पांच, चौथे  में तीन, पांचवें में तीन, छठे में चार, सातवें में चार, आठवें में चार, नौवें में चार व दसवें चरण में भी चार जिलों में पंचायत चुनाव संपन्न कराया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव योगेंद्र राम ने इसके लिए सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। बताया गया है कि चुनाव की तिथि की घोषणा जल्द की जाएगी।


प्रत्येक ईवीएम के साथ लगे होंगे छह बैलेट यूनिट---

पंचायत चुनाव के लिए जो मल्टीपोस्ट ईवीएम इस्तेमाल किया जाएगा, उसमें एक ईवीएम में छह बैलेट यूनिट लगाये जाएंगे। प्रत्येक पद के  लिए एक बैलेट यूनिट निर्धारित किया गया है। उल्लेखनीय है कि पंचायत चुनाव में प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र सदस्य, पंच, मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य व जिला परिषद सदस्य के पद का चुनाव होना है। हर पद के लिए एक बैलेट यूनिट के हिसाब से छह बैलेट यूनिट लगाये जाएंगे। बता दें कि यदि एक पंचायत में 15 उम्मीदवार चुनाव लड़ते हैं तो एक कंट्रोल व छह बैलेट यूनिट होंगे। यदि उम्मीदवारों की संख्या 15 से अधिक होती है तो कंट्रोल यूनिट को भी बढ़ाना होगा। इनपुट-हिन्दुस्तान

 

पहला चरण : मधुबनी, सुपौल व अररिया 

दूसरा चरण  : दरभंगा, मधेपुरा, किशनगंज व सीतामढ़ी 

तीसरा चरण : समस्तीपुर, सहरसा, पूर्णिया, शिवहर व शेखपुरा 

चौथा चरण  : पूर्वी चंपारण, कटिहार व बेगूसराय 

पांचवा चरण : मुजफ्फरपुर, खगड़िया व सारण

छठा चरण   : पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, नालंदा व जहानाबाद 

सातवां चरण : वैशाली, सीवान, भागलपुर व लखीसराय 

आठवां चरण : पटना, मुंगेर, नवादा व बांकार 

नौवां चरण   : जमुई, भोजपुर, गया व बक्सर

दसवां चरण  : औरंगाबाद, अरवल, रोहतास व कैमूर  

बुधवार, 24 फ़रवरी 2021

साले की पत्नी के साथ था अवैध संबंध, फिर इस तरह से कर दिया हत्या

 कोशी बिहार टुडे, सहरसा



बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के चकभारो पंचायत स्थित खेत के बहियार से शव बरामद

मृतक युवक की पहचान बनमा-ईटहरी प्रखंड के तरहा गांव निवासी पप्पू सादा के रूप में हुई

 बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के चकभारो पंचायत स्थित गेहूं लगे खेत के बहियार से बुधवार की सुबह एक 40 वर्षीय युवक का शव पुलिस ने बरामद किया है। मृतक युवक की पहचान बनमा-ईटहरी ओपी क्षेत्र के तरहा मुसहरी निवासी मानिक सादा का पुत्र पप्पू सादा के रूप में हुई है। 

पुलिस मृतक युवक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम हेतू सहरसा भेज दिया है। सुबह सवेरे बहियार में शव होने की सूचना पर आसपास के लोगों की भीड़ शव देखने को उमड़ पड़ी। मृतक युवक के शरीर पर कई जख्म के निशान पाए गए हैं। संभावना व्यक्त की जा रही है कि युवक की पीट-पीटकर कर हत्या बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए गेहूं लगे खेत में फेंक दिया गया। 



वहीं घटना की जानकारी मिलने पर बनमा-ईटहरी ओपी क्षेत्र के तरहा गांव से मृतक पप्पू सादा की पत्नी तेतरी देवी परिजनों के साथ बख्तियारपुर थाना पहुंच पति के शव की पहचान किया है। मृतक की पत्नी तेतरी देवी ने बताया कि कल पप्पू सादा दैनिक मजदूरी के दौरान ही गांव से निकल गया। उनकी पत्नी ने बताया कि उसके पति अक्सर चकभारो पंचायत के चकला मुसहरी किसी महिला रिस्तेदार से फोन पर बातचीत के साथ साथ कभी कभार आया जाता था।

उन्होंने बताई कि मंगलवार को भी वह चकला मुसहरी चला गया। उन्होंने आशंका व्यक्त किया है कि चकला मुसहरी स्थित उसके महिला रिस्तेदार ने अपने पति व अन्य लोगों के साथ मिलकर अपने घर बुला मारपीट कर हत्या कर दिया है। वहीं बख्तियारपुर थाना पुलिस चकला मुसहरी स्थित रिस्तेदारों के घर छापेमारी करने गई तो सभी लोग घर छोड़ फरार हो गया है। पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। 



पप्पू सादा ने किया दो शादी---

बनमा-ईटहरी ओपी क्षेत्र के तरहा निवासी मृतक पप्पू सादा ने पहली पत्नी के मौत बाद दुसरी शादी की थी। पप्पू सादा की पहली शादी अपने गांव से कुछ दुरी पर स्थित परसाहा गांव निवासी बहादुर दास की पुत्री शिखा देवी से किया था। पहली पत्नी से दो पुत्री व तीन पुत्र हुआ। लेकिन पांच साल पहले पहली पत्नी की मौत हो गई। 

पहली पत्नी की मौत उपरांत पप्पू सादा ने दुसरी शादी धमारा मुसहरी निवासी शिबू सादा की पुत्री तेतरी देवी से किया। इस पत्नी से एक एक साल की पुत्री है। हालांकि तेतरी देवी की भी दुसरी शादी है उसके पहले पति सलखुआ थाना क्षेत्र के कोरलाहा गांव निवासी प्रकाश सादा से हुई थी उस पति से दो पुत्र अभी तेतरी देवी के साथ ही पप्पू सादा के द्वारा पालन पोषण कर रहा था।


पहली पत्नी के भाई की पत्नी से अवैध संबंध---

मृतक पप्पू सादा की पहली पत्नी शिखा देवी के फुफेरा भाई की शादी चकला मुसहरी हुआ था। मृतक की पत्नी ने बताया कि फुफेर भाई की पत्नी ने मंगलवार को फोन कर उसे बुला उसकी हत्या पति सहित अन्य लोगों के साथ मिलकर किया है। वहीं बख्तियारपुर थाना पुलिस चकला मुसहरी छापेमारी करने गई तो सभी लोग घर छोड़ फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है

क्या कहते हैं थानाध्यक्ष---

इस पुरे मामले पर बख्तियारपुर थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर सुधाकर कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया प्रेम-प्रसंग में हत्या की संभावना जताई जा रही है। मृतक की पत्नी के अनुसार आरोपी की तलाश हेतू छापेमारी की जा रही है जल्द पुरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।

शनिवार, 20 फ़रवरी 2021

जिनके घर में नही होगा शौचालय, वह नही लड़ सकेंगे चुनाव, ईवीएम के माध्यम से पंचायत चुनाव कराने की तैयारी

 

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



पंचायत चुनाव में नया फरमान : मुखिया के घर से कम से कम 100 मीटर दूर होगा मतदान केंद्र

पंचायत चुनाव अप्रैल महीने में होना है। इसको लेकर तैयारी जोराें पर है। पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल जून महीने में खत्म हो रहा है। गत चुनाव से इतर इस बार वैसे ही लोग चुनाव लड़ सकते हैं जिनके घर में शौचालय है। जिनके घर में शौचालय नहीं है तो वह किसी भी पद के लिए योग्य नहीं माने जाएंगे। नामांकन करने पर उनका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा। चुनाव आयोग से मिले पत्र को प्रखंडों में भेजा गया है। उधर, इस बार पंचायत चुनाव पहली बार ईवीएम से होने जा रही है।

जिसको लेकर जिला प्रशासन से लेकर उम्मीदवार अपनी-अपनी तैयारी कर रहे हैं। चुनाव लड़ने को इच्छुक उम्मीदवार अपनी तैयारी पर जोरों पर कर रहे हैं। गांव में बैठक से लेकर वर्तमान प्रतिनिधि के कामकाज का लेखा-जोखा भी पेश कर उसमें खामी निकालने का प्रयास कर रहे हैं ताकि खुद को उससे बेहतर पेश कर सकें। उधर, विभाग इस बार मुखिया के घर से कम से कम सौ मीटर की दूरी पर मतदान केंद्र बनाएगी। ताकि मुखिया वोट को प्रभावित नहीं कर सके।

मुखिया किसी हाल में मतदान को प्रभावित नहीं करेंगे

चुनाव के दौरान वर्तमान मुखिया के घर से कम से कम 100 मीटर की दूरी पर मतदान केंद्र बनाया जाएगा। ताकि किसी भी स्थिति में मुखिया मतदान को प्रभावित नहीं कर सके। गत चुनाव के दौरान इस तरह की शिकायत सामने आई थी।

महिलाओं के जारी रहेगा 50 प्रतिशत आरक्षण | गत चुनाव की तरह ही इस बार भी महिलाओं के लिए 50 प्रतिशित आरक्षण का स्लैब जारी रहेगा। आरक्षण मोड में कोई बदलाव नहीं है।

बढ़ाई जा सकती है खर्च की सीमा | पंचायत चुनाव में इस बार खर्च की सीमा बढ़ सकती है। अभी के अनुसार वार्ड सदस्य व पंच पद के प्रत्याशियों को अधिकतम 20 हजार रुपए खर्च करना है। इनपुट-दैनिकभास्कर

शुक्रवार, 5 फ़रवरी 2021

इतने बच्चे वाले ही लड़ सकते है पंचयात चुनाव, पंचायती राज विभाग ने कर दिया स्पष्ट

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



बिहार में मार्च से के अप्रैल बीच संभावित पंचायत चुनाव में उतरने का मन बना रहे संभावित उम्मीदवारों के लिए राहत की खबर है। पंचायत चुनाव लड़ने में उनके बच्चों की संख्या उनके लिए बाधा नहीं बनेगी, यानी बिहार में पंचायत चुनाव में टू चाइल्ड पॉलिसी सरकार नहीं लाने जाने जा रही है। इससे पहले यह आशंका जताई जा रही थी कि नगर निकाय चुनाव की तरह ही सरकार पंचायत चुनाव में भी मुखिया और सरपंच के पदों के लिए दो बच्चों से अधिक वालों को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार दे सकती है, लेकिन अब पंचायती राज विभाग ने इन आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया है।

पंचायती राज अधिनियम में नहीं होगा कोई बदलाव

पंचायत चुनाव को लेकर मीडिया के सवालों का जबाब देते हुए पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने कहा कि 'पंचायती राज अधिनियम में बदलाव करने का कोई प्रस्ताव नहीं है,और मौजूदा अधिनियम पर ही चुनाव कराया जाएगा। इसलिए प्रत्याशी भ्रम में ना आएं। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव की तैयारी आयोग स्तर पर चल रहीं है और इस बार पंचायच चुनाव पूर्व के चुनाव की तुलना में कम चरणों में होंगे।

फरवरी के अंत तक चुनाव तिथि का हो सकता है ऐलान

राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग जोर-शोर से पंचायत चुनाव की तैयारियों में लगा है। इन तैयारियों को देखते हुए यह माना जा रहा है कि फरवरी के अंत तक बिहार में पंचायत चुनाव की तिथियों का ऐलान हो सकता है। पंचायती राज विभाग पंचायत चुनाव से जुड़ी विभिन्न तैयारियों को अंतिम रूप में देने में लगा है। EVM खरीद का प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट भेजा जाने वाला है, क्योंकि इस बार त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनाव EVM से होना है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिहार में पहली बार EVM से हो रहे पंचायत चुनाव पर करीब 450 करोड़ का खर्च आएगा, जिसमें 125 करोड़ की लागत से पंचायत चुनाव के लिए मल्टीपोस्ट EVM खरीदी जाएंगी। इनपुट-दैनिकभास्कर

बुधवार, 3 फ़रवरी 2021

बिहार पंचायत चुनाव: 3 साल से जमे अफसर बदले जाएंगे, BDO, CO और SDM का भी होगा तबादला

अब मुखिया को मिलेगा ये सम्बल, चुनाव आयोग ने मुखिया के लिए 29 सिंबल अलॉट किया गया

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



इस साल मार्च से अप्रैल के बीच संभावित पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग एक्शन मोड में आ चुका है। निर्वाचन आयोग ने विभिन्न विभागों को पत्र लिखकर ऐसे BDO, CO और SDM को हटाने के लिए कहा है, जो बीते तीन साल से एक ही जगह पदस्थापित हैं। इसके साथ ही आयोग ने उन अधिकारियों को भी हटाने का फरमान जारी किया है, जो दागी या अपने काम में लापरवाह रहे हैं।

कई विभागों को भेजा पत्र

राज्य निर्वाचन आयोग ने ग्रामीण विकास विभाग,राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के साथ सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखा। निर्वाचन आयोग की तरफ से भेजे गए इस पत्र में तीन साल से एक ही जगह पर पदस्थापित पदाधिकारियों को वर्तमान नियुक्ति स्थल से हटाने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही इस पत्र में उन पदाधिकारियों की जानकारी भी विभाग से मांगी गई है, जिन पर पंचायत चुनाव में गड़बड़ी करने या काम ठीक से नहीं करने के आरोप पहले से रहे हैं।

मतदाता सूची में गडबड़ी तो BDO होंगे जिम्मेवार

बिहार पंचायत चुनाव के लिए तैयार हो रहे मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायतों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्ती दिखाई है। आयोग ने निर्देश दिया है कि अंतिम सूची प्रकाशित करते समय सभी BDO को यह लिखित प्रमाण देना होगा कि प्रकाशित मतदाता सूची सही है। सुधार के बाद 19 फरवरी को मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। उस फाइनल मतदाता सूची के प्रकाशन के समय सभी बीडीओ को यह लिखकर देना होगा कि प्रकाशित मतदाता सूची सही है और विधानसभा की मतदाता सूची में दर्ज सभी नाम पंचायत की सूची में भी शामिल हैं।

विभिन्न पदों के लिए सिंबल हुए तय

पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने मुखिया पद से लेकर वार्ड सदस्यों के लिए सिंबल निर्धारित कर दिया है। मुखिया के लिए कुल 29 सिंबल को अलॉट किया गया है। वहीं, वार्ड सदस्यों के प्रत्याशियों के लिए पांच सिंबल निर्धारित है। मुखिया पद के लिए मोतियों की माला, ब्लैक बोर्ड, कलम और दवात, ईंट, पुल, बैगन, ब्रश, कैमरा, चिमनी, मोमबत्तियां, कार, गाजर, जग, टेलीविजन, टोकरी, बल्ला, केतली व कैरम बोर्ड जैसे कुल सिंबल अलॉट किये गए हैं। वार्ड सदस्यों के पद के लिए वायुयान, अलमारी, कुल्हाड़ी, गुब्बारा व केला चिन्ह को निर्धारित किया गया है। बाइक, नल, जीप, टमटम, छाता, टेलीफोन, ट्रक, पानी का जहाज, चरखा व तलवार जैसे सिंबल ग्राम कचहरी के लिए हैं, तो कचहरी के पंच गुड़िया, चापाकल, कुर्सी, टार्च और ट्रैक्टर के सिर्फ पांच सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे। पंचायत समिति के लिए कुल 10 सिंबल अलॉट हैं। पंचायत समिति के प्रत्याशी को छत का पंखा, नारियल, कंघा, चारपाई, कप और प्लेट, डोली, फ्राक, फ्राइंग पैन, गैस सिलिंडर और बिजली है। इनपुट-दैनिकभास्कर

जनआस्था, युवाओं की तपस्या और जनसहयोग से बनी बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेले की पहचान

  बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेला की 21साल संघर्ष से शिखर तक:  आज लाखों कांवरियों की आस्था का केंद्र है बाबा मटेश्वर धाम, लेकिन इसकी शुरुआत कु...