शनिवार, 11 दिसंबर 2021

विद्यालय निरीक्षण करने आये डीपीओ को विदयालय में मिला मात्र एक छात्र, चावल की नापी कर चलते बने

 विदयालय में नामांकित 460 छात्र नामांकित, लेकिन डीपीओ के पहुचने पर मिला एकमात्र छात्र

कोशी बिहार टुडे, सहरसा

मध्य विद्यालय बदिया-बलहमपुर में डीपीओ के निरिक्षण में मात्र एक छात्र थे उपस्थित

सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड में कोसी तटबंध के अंदर हो या बाहर शिक्षा विभाग का बहुत ही बुरा हाल हो गया है। शिक्षा की गुणवत्ता की बात तो दूर हाल यह है कि स्कूल में ना तो शिक्षक रहते हैं और ना ही बच्चों की उपस्थिति देखी जा रही है। जिसका खुलासा कोई ओर नहीं खुद ही शिक्षा विभाग से जुड़े पदाधिकारी के निरीक्षण से हुआ है। जब पदाधिकारी के द्वारा एक स्कूल का निरीक्षण किया गया तो वहां पर लगभग नामांकित 460 बच्चों में से मात्र एक बच्चे उपस्थित थे और 8 शिक्षक में से दो-तीन शिक्षक ही उपस्थित पाये गये। आश्चर्य जनक बात ये है कि मात्र एक छात्र के विदयालय में उपस्थित रहने से डीपीओ तो हक्का-बक्का रहे, लेकिन चावल की नापी कराकर चलते बने। आग ग्रामीणों का कहना है कि अगर शिक्षा विभाग इन विदयालय के प्रधान सहित अन्य शिक्षक पर करवाई नही करेगी तो हमलोग फिर आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। 



        शुक्रवार को एमडीएम विभाग के डीपीएम अमित कुमार प्रखंड के मध्य विद्यालय बदिया बलहमपुर में एमडीएम का भंडारित खाद्यान्न की जांच करने स्कूल पहुंचे। जिसके साथ में एमडीएम विभाग का डीआरपी संत कुमार भारती तथा स्थानीय बीआरपी विनय कुमार भी थे। डीपीएम स्कूल पहुंचने के बाद स्कूल की स्थिति देख खुद हक्का बक्का रह गए। स्कूल में मात्र एक ही बच्चे उपस्थित पाये और तीन शिक्षक मौके पर उपस्थित देखे। हालांकि स्कूल में डीपीएम के पहुंचने की खबर मिलते ही दो-तीन शिक्षक और भी हांफते-हांफते पहुंच गए। वहीं मिली जानकारी अनुसार डीपीएम के निरीक्षण में स्कूल के प्राधानाध्यापिका सुनैना कुमारी अनुपस्थित देखी गई। जिनके बारे में शिक्षको ने बताया कि वे 7 दिसम्बर से 11 दिसम्बर तक शिक्षा समिति के अध्यक्ष से अनुमति लेकर आकस्मिक अवकाश पर है। 


वितरण करने के बजाय स्कूल में मिला खाद्यान्न का भंडार :-



विद्यालय में भंडारित खाद्यान्न का जांच करने पहुंचे डीपीओ को स्कूल में भारी मात्रा में उपलब्ध खाद्यान्न का भंडार मिला। जो कि कुछ कोठी तो कुछ बोरा में रखा हुआ मिला। डीपीओ ने शिक्षा समिति तथा ग्रामीणो की मौजूदगी में स्कूल में भंडारित खाद्यान्न का तराजू पर मापी कराया। खाद्यान्न की मापी कराने के बाद कुल लगभग साढ़े 82 क्वींटल खाद्यान्न स्टॉक में मिला। जबकि भंडारित खाद्यान्न को बच्चो के बीच वितरण कराना था।


ग्रामीणो ने जमकर किया शिकायत :-

स्कूल निरीक्षण करने पहुंचे डीपीएम को ग्रामीणो ने जमकर शिकायत किया। ग्रामीणो ने कहा कि स्कूल में पठन पाठन नहीं होती है। शिक्षक भी एक्का-दुक्का ही आते हैं। जिसके कारण स्कूले आने-जाने से स्कूली बच्चों की दिलचस्पी कम हो गई है। स्कूल की स्थिति बद से बदतर हो गई है। शिकायत करने के बाद भी विभाग के स्थानीय पदाधिकारी व अधिकारी के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किया जाता है। लिहाजा शिक्षको का हौंसला बुलंद रहता है और वे अपने मनमर्जी से स्कूल का संचालन कर रहे हैं। वहीं इसके अलावा ग्रामीणो ने कहा कि स्कूल में खाद्यान्न के भारी मात्रा में भंडार रहने के बावजूद भी शिक्षक के द्वारा वितरण नहीं किया जाता है। बीते वर्ष 2020 के दिसम्बर माह से लेकर अब तक खाद्यान्न का वितरण नहीं किया गया है।


क्या कहते हैं पदाधिकारी :-

एमडीएम विभाग के डीपीएम अमित कुमार ने स्कूल की बदतर स्थिति पर नाराजगी जताते ग्रामीणो को आश्वासन दिया कि स्कूल से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा तथा विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

शुक्रवार, 10 दिसंबर 2021

सलखुआ में भी बदलाव की लहर, 11 में से 8 निवर्तमान मुखिया चुनाव हारे,

 टिक-टॉक स्टार संचिता बसु की मां भी चुनाव हारी, मात्र तीन मुखिया बचा सके अपनी प्रतिष्ठा

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



पंचायत चुनाव के 10वें चरण में ही बदलाव की लहर जारी रही। सलखुआ के 11 पंचायतों में हुए मतदान की नतीजा शुक्रवार को जारी हुआ, जिसमें 8 पंचायत में लोगों ने निवर्तमान मुखिया को नकारते हुए नए चेहरे पर भरोसा जताया। प्रखंड के मात्र 3 मुखिया ही अपनी प्रतिष्ठा बचा पाने में सफल रहे। सबसे रोचक मुकाबला प्रखंड के सलखुआ पंचायत में देखने को मिला।

जहां बिहार के वर्तमान उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के चचेरे भाई और मुखिया प्रत्याशी राकेश कुमार भगत को करारी हार का सामना करना पड़ा है। उन्हें पंचायत में मात्र 45 मत ही मिले। वे पंचायत में मुखिया पद के लिए खड़े कुल 7 उम्मीदवार में संयुक्त रूप से छठे स्थान पर रहे। जबकि सितुआहा पंचायत से मुखिया पद पर निवर्तमान जिला परिषद सदस्य श्यामली देवी खड़ी थी।

उनका मुकाबला टिक-टॉक स्टार के रूप में मशहूर संचिता बसु की मां वीणा देवी से था। साथ ही निवर्तमान मुखिया पिंकी देवी भी अपना भाग्य अजमा रही थी। लेकिन मतगणना के बाद संगीता यादव सभी पर भारी पड़ी है। जबकि वीणा देवी को दूसरा स्थान और श्यामली देवी को पांचवां स्थान मिला।

अलानी पंचायत के वर्तमान मुखिया संजू निषाद, उटेसरा पंचायत के वर्तमान मुखिया अनिल कुमार उर्फ अनिल महंत और कोपड़िया पंचायत के वर्तमान मुखिया अमृता कुमारी ने फिर से अपनी सीट जीत लिया है। जबकि कुल चार निवर्तमान मुखिया दूसरे स्थान पर रहे है। जिनमें चानन से चंदुला देवी, कबीरा से कलर सादा, हरेवा से रमन कुमार और सलखुआ से मिथिलेश विजय हैं।

गोरदह से मौजूदा मुखिया के परिवार ने नहीं लड़ा था चुनाव

साम्हरखुर्द पंचायत के निवर्तमान मुखिया राम बालक सादा के मौत हो जाने के बाद उनके पुत्र रामाशीष सादा खड़े हुए थे। उन्हें और रणवीर चौधरी को कुल 884-884 मत मिले। दोनों संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। गोरदह पंचायत के निवर्तमान मुखिया साधु शरण साह न तो खुद खड़े हुए और न ही उनके कोई अन्य परिजन चुनाव में खड़े हुए है।

साम्हरखुर्द पंचायत में हुआ सबसे नजदीकी मुकाबला

बड़ी जीत-हार की बात करें तो मोबारकपुर पंचायत के नाजरा परवीण ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को 1366 मतों से हराकर बड़ी जीत दर्ज की हैं। जबकि साम्हरखुर्द पंचायत के विजयी उषा देवी मात्र 14 मत से जीत दर्ज किया है।

जिप क्षेत्र संख्या-19 से कम्युनिष्ट नेता ओम प्रकाश नारायण को मिली हार


जिला परिषद क्षेत्र संख्या 20 पर पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष सुरेंद्र यादव की पत्नी किरण देवी ने जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी रूणा देवी को 576 मतों से पराजित किया है। उक्त सीट का परिणाम काफी रोचक रहा। शुरुआत में वे लगभग तीन हजार मत से पिछड़ते नजर आ रहे थे। लेकिन अंतिम दो पंचायत की गिनती में उन्हें अप्रत्याशित जीत दिला दी। जबकि क्षेत्र संख्या 19 से अनिल भगत की जीत ने सबको चोंका दिया। नजदीकी मुकाबला में अनिल भगत ने जीत दर्ज किया। इनपुट-दैनिकभास्कर

प्रसिद्ध बाबा मटेश्वर धाम में 1,2 एवं 3 मार्च को होगा मटेश्वर महोत्सव, बिहार सरकार ने दिया राजकीय महोत्सव का दर्जा

कला एवं संस्कृति विभाग ने कार्यक्रम के लिए राशि भी करा दिया उपलब्ध

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



 बिहार सरकार के कला संस्कृति विभाग ने सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के काठों पंचायत स्थित बाबा मटेश्वर धाम मंदिर में प्रत्येक वर्ष होने वाले मटेश्वर महोत्सव को को राजकीय महोत्सव का दर्जा प्रदान कर दिया है। इसके साथ ही विभाग ने आयोजन के लिए राशि भी जिला को उपलब्ध करा दिया है। 

शुक्रवार को मंदिर परिसर में आयोजित एक बैठक में न्यास समिति के अध्यक्ष सह पूर्व विधायक डॉ अरुण यादव ने विभाग द्वारा महोत्सव का दर्जा मिलने की जानकारी दी। इस मौके पर मीडिया से बातचीत में पूर्व विधायक ने कहा कि न्यास समिति की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, कला संस्कृति मंत्री आलोक रंजन, एवं विशेष योगदान देने के लिए सांसद दिनेशचंद्र यादव व जिलाधिकारी कौशल कुमार का योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है उपरोक्त लोगों की वजह से आज महोत्सव का दर्जा मिला इसके लिए सभी का आभार है।



पुरातात्विक दृष्टिकोण से बाबा मटेश्वर धाम मंदिर का पूरे भारतवर्ष में विशेष पहचान बन चुका है। उन्होंने कहा कि आगामी 2022 में होने वाले राजकीय मटेश्वर महोत्सव की तारीख मार्च माह में एक दो एवं तीन मार्च को आयोजित किया जाएगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि मटेश्वर महोत्सव के लिए जिला कोषागार में पन्द्रह लाख रूपए की राशि विभाग द्वारा उपलब्ध करा दी गई है।

इस मौके पर उपाध्यक्ष सत्यनारायण सिंह, सचिव जगधर यादव, श्रावणी मेला के जनक मुन्ना भगत, विनोद सिंह, धर्मवीर सिंह, रामोतार यादव, पिंकू यादव, शैलेन्द्र कुमार सिंह, महेश ठाकुर, कृष्ण कन्हैया, दीपक सिंह, सौरभ कुमार, परितोष कुमार, ब्रह्मदेव तांती, अरविंद यादव सहित अन्य लोग मौजूद थे।

बुधवार, 8 दिसंबर 2021

खाद के लिये किसान है परेसान, बाजार के दुकान में ऊंची कीमत पर खाद बेच रहा दुकानदार

 सिमरीबख्तियारपुर अनुमंडल के शासन-प्रशासन को नही दिख रहा किसान की परेसानी

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



सिमरीबख्तियारपुर नगर परिषद के पुरानी बाजार में खाद के लिये बिस्कोमान गोदाम में सबेरे से लगी है किसान की भीड़

इस समय रबी फसल की बुआई जोड़ो से चल रहा है। इस समय किसान के समीप दो-तरफा परेसानी का सामना करना पर रहा है। किसान खेत की तैयारी करें, या खाद के लिये सुबह से लाइन में लगे। किसान के बीच खाद के लिये अफरातफरी मचा है। नगर परिषद के पुरानी बाजार स्थित बिस्कोमान खाद गोदाम में पहले से ही खाद की किल्लते चल रही है। किसान को जरूरत के मुताबिक खाद नही मिल रहा है। जिन कारण किसान खाद के लिये परेसान है। बिस्कोमान गोदाम खाद लेने आये तरियामा के  किसान सिकंदर राम, प्रमोद साह, रायपुरा के रत्नेश सिंह, महेंद्र सिंह, भौरा के अशोक यादव, तुर्की के अमरेंद्र यादव ने बताया कि बाजार में ब्लेक से खाद ऊची कीमत पर बेचा जा रहा है। उन्होंने बताया कि बाजार में डीएपी 1700 रुपये प्रति बोरा, आईपीएल 1650 रुपये, पोटाश 1400, यूरिया 330 रुपये बोरा बेच रहा है। इतनी ऊची कीमत पर खाद लेना किसान की बस की बात नही है। यही कारण है कि किसान बिस्कोमान गोदाम खाद के लिये सुबह से ही लगे रहते है। 

किसान की परेसानी नही दिख रहा है अधिकारी को--

सिमरीबख्तियारपुर के एसडीओ, बीडीओ, एवं कृषि पदाधिकारी को किसान की परेसानी नही दिख रहा है। बाजार  के दुकानदार के द्वारा खाद में प्रतिबोरा 250 से 350 रुपये बढ़ोतरी किये जाने के कारण किसान दुकान से खाद नही खरीद रहा है।  प्रतिदिन किसान खाद के लिये मारामारी कर रहा है, लेकिन अधिकारी पूरी तरह से अनजान बना है। किसान का कहना है कि अगर पदाधिकारी बाजार के खाद दुकान पर किसी पदाधिकारी को तैनात करे एवं खुद निरीक्षण करे तो किसान को वाजिब दाम में बाजार से खाद मिलना शुरू हो जाएगा। लेकिन किसान की समस्या का समाधान नही हो रहा है। किसान काफी परेसान है।

शुक्रवार, 3 दिसंबर 2021

कोशी में देश के सबसे लंबे पुल की निर्माण कार्य शुरू, भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बन रहा 10.2 किलोमीटर लंबा पुल

सुपौल से मधुबनी की दूरी होगी 30 किमी कम, 2023 दिसंबर तक महासेतु का निर्माण होगा पूरा


असम का 9.15 किमी लंबा भूपेन हजारिका सेतु अभी देश में सबसे लंबा, इससे 1 किमी ज्यादा लंबा होगा यह पुल

कोशी बिहार टुडे, सहरसा


   सुपौल के बकौर से और मधुबनी जिले के भेजा के बीच देश के सबसे लंबा सड़क पुल बन रहा है। केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से 984 करोड़ की लागत से 10.2 किलोमीटर लंबे महासेतु का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। एप्रोच रोड मिलाकर पुल की लंबाई 13.3 किलोमीटर होगी। निर्माण कार्य दो एजेंसी कर रही है। इसमें गैमन इंडिया एवं ट्रांस रेल लाइटिंग प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। पुल का निर्माण 2023 तक पूरा होगा। यह पुल भारतमाला प्रोजेक्ट हिस्सा है। भारतमाला प्रोजेक्ट 5 पैकेजों में बन रहा है। इन्हीं में से एक पैकेज में इस पुल का निर्माण हो रहा है। पुल बनने से सुपौल से मधुबनी की दूरी 30 किलोमीटर कम हो जाएगी। अभी लोगों को मधुबनी जाने के लिए करीब सौ किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, जो घटकर 70 किमी हो जाएगी। पुल में 171 पीलर होंगे। इसमें 113 का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। 5 पीलर का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इस पुल में 36 पाया बकौर की ओर से और 87 पाया का भेजा की ओर से निर्माण कार्य शुरू है। बकौर की ओर से 2.1 किमी और भेजा की ओर से करीब 01 किमी एप्रोच पथ का निर्माण किया जाना है।

इसलिए होगा सबसे लंबा पुल : कोसी नदी का स्वभाव धारा बदलते रहने की है। इस महासेतु के सिर को दोनों तरफ बने तटबंध (पूर्वी और पश्चिमी) से सीधे जोड़ा जा रहा है। इस कारण से यह महासेतु देश में सबसे लंबा हो जाएगा।

सामरिक दृष्टिकोण से भी यह अहम

भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत उमगांव (मधुबनी) से महिषी तारापीठ (सहरसा) के बीच बन रहे फोरलेन सड़क के एलाइनमेंट में यह पुल है। यह पुल सामरिक दृष्टिकोण से भी बहुत ही महत्वपूर्ण है। नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के साथ उत्तर-पूर्व के राज्यों को जुड़ने में यह कारगर सिद्ध होगा। इसके बन जाने के बाद बागडोगरा एयरपोर्ट पर जाना-आना काफी आसान हो जाएगा।


दिसंबर 23 तक होगा पुल निर्माण

कोविड-19 के कारण कार्य में देरी हुई। इसके बावजूद दिसंबर 2023 तक पुल निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। अब तक पुल का 25 प्रतिशत कार्य हुआ है। प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई। इनपुट- दैनिकभास्कर

रविवार, 28 नवंबर 2021

बैखौफ बदमाशों ने दिन दहाड़े 20 वर्षीय युवक की गोलीमार कर दी हत्या, जल्दी आज हो सकता है मामला का खुलासा

बख्तियापुर थाना क्षेत्र के एकपढ़हा रोड सखूआ बन्नी बगीचा के बीच सड़क किनारे की घटना

कोशी बिहार टुडे, सहरसा 


बख्तियापुर थाना क्षेत्र के चकभारो पंचायत अन्तर्गत एकपढ़हा रोड सखूआ बन्नी बगीचा के समीप सड़क किनारे बैखौफ बदमाशों ने एक 20 वर्षीय युवक को गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया है। मृतक के शरीर में दो गोली मारी गई है। 

वहीं घटनास्थल से पुलिस ने तीन खाली खोखा बरामद किया है। हत्या के कारणों का अस्पताल खुलासा नहीं हो पाया है। आक्रोशित लोगों ने शव को लेकर एनएच 107 पहाड़पुर बाजार के समीप सड़क जाम कर एसपी को घटनास्थल पर आने की मांग कर रहा है। बख्तियापुर थानाध्यक्ष पुलिस बलों के साथ घटनास्थल पर पहुंच मामले की छानबीन शुरू कर दिया है। 

घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी अनुसार चकभारो वार्ड नं 7 निवासी मो कासीम का 20 वर्षीय पुत्र अबू तौराब उर्फ लड्डन साईकिल लेकर एकपढ़हा रोड से होकर आटा मिल जा रहा था कि रास्ते में सखूआ बन्नी बगीचा के समीप बदमाशों ने युवक को गोली मार दिया। आसपास के लोगों को गोली की आवाज सुनने पर जबतक घटनास्थल पर पहुंचे तबतक हमलावर भाग निकले। वहीं गोली लगने से युवक की मौत तत्काल घटनास्थल पर ही हो गया।



घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं बख्तियापुर थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार के साथ घटनास्थल पर पहुंच शव का पंचनामा तैयार कर रहे थे लेकिन कुछ लोग आक्रोशित होकर घटनास्थल पर एसपी को आने की मांग करने लगे। उसके बाद आक्रोशित लोगों ने शव को लेकर एनएच 107 को पहाड़पुर बाजार चकभारो स्कूल के समीप जाम कर रोषपूर्ण प्रदर्शन करने लगा। समाचार लिखे जाने तक आक्रोशित लोगों सड़क जाम कर एसपी को आने की मांग कर बदमाशों की गिरफ्तार करने की मांग करने लगा। 

इस संबंध में बख्तियापुर थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार ने बताया कि घटनास्थल से तीन खोखा बरामद किया गया है। घटना के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस मामले की छानबीन शुरू कर दिया है।

शुक्रवार, 26 नवंबर 2021

सिमरी बख्तियारपुर के 20 पंचायतों में 4 मुखिया की बची सीट, बाकी सभी जगह नए चेहरे पर जताया भरोसा


सिमरी बख्तियारपुर में पंचायत चुनाव का रिजल्ट घोषित, 6 प्रखंडों की तरह ही बदलाव की लहर जारी

जिलापरिषद के तीन सीट में से दो पर नए चेहरे, एक निवर्तमान सीट बचाने में रही कामयाब

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



सिमरी बख्तियारपुर में पंचायत चुनाव का परिणाम घोषित कर दिया गया। बीते छः प्रखंड के नतीजे में हुए बदलाव की हवा सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड क्षेत्र में भी देखने को मिला। कुल 20 मुखिया पदों में से मात्र 4 निवर्तमान मुखिया ने ही अपनी सीट बचाई। वही 1 सीट पर वर्तमान मुखिया ने अपनी वधू को उम्मीदवार बनाया था। जिस सीट पर उन्हें जीत मिली है। अन्य सभी पंचायतों में नए चेहरे ने दस्तक दी है। प्रखंड क्षेत्र के सोनपुरा पंचायत में राम विलास तांती ने निवर्तमान मुखिया उत्तम रजक को सबसे बड़े मतों के अंतर 1637 से पराजित किया है। वहीं सरोजा पंचायत में कुमारी चित्रा सिंह में अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बीबी तबस्सुम आरा को दोबारा मतों की गिनती में भी पछाड़ते हुए सबसे कम मतों के अंतर 19 मतों से पराजित किया है। सरोजा पंचायत से चित्रा सिंह को जीत मिल गई थी। उसके मतों का अंतर भी पुनर्मतगणना के मापदंड से अधिक था। फिर भी विरोधी पक्ष के आवेदन पर प्रशासन ने दोबारा मतों की गिनती का आदेश दिया। इसके बावजूद भी उसकी जीत बरकरार रही। वही बेलवाड़ा पंचायत के बन्ती देवी, महखड़ पंचायत के सगुफ्ता प्रवीण , सरडीहा पंचायत के सुमन कुमार सिंह और चकभारो पंचायत के कनीज फातमा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को पराजित कर अपनी सीट बचा ली है। जबकि जिप क्षेत्र 5 में वर्ष 2011 में जीते रितेश रंजन और वर्ष 2016 के चुनाव में जीते व निवर्तमान जिला पार्षद ललिता देवी की  हार हुई है। उन्हें 2988 मत प्राप्त हुए।  तीसरे स्थान पर रही मीरा देवी को 2998 मत प्राप्त प्राप्त हुआ है। जबकि गजाला रुबाब प्रवीण 3452 मत को प्राप्त कर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी नाथिया देवी पर 249 मतों से जीत दर्ज की है। वहीं, जिला परिषद क्षेत्र संख्या 4 से वर्तमान जिला परिषद सदस्य कुमारी नेहा चुनाव जीत गईं हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी मंजू देवी - 2 को  175 मतों से पराजित किया है। मंजू देवी - 2 को कुल 5402 मत प्राप्त हुए। जबकि कुमारी नेहा ने 5577 मत प्राप्त कर अपनी सीट को बचा लिया है। जिला परिषद क्षेत्र संख्या - 3 पर रेनू कुमारी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी रानी कुमारी को 61 मतों से पराजित किया है। जबकि निवर्तमान जिला परिषद सदस्य गीता देवी चौथे स्थान पर संतोष करना पड़ा।



20 पंचायत में मुखिया पद पर कहां से किसने मारी बाजी और मत

कठडूमर पंचायत

विजेता- लालो देवी 1572

उपविजेता- धनो देवी 1250

अंतर - 322

घोघसम पंचायत

विजेता- अनिमा देवी 1411

उपविजेता- किरण कुमारी 954

अंतर - 457

सकड़ा पहाड़पुर पंचायत

विजेता- नीलू भारती 2447

उपविजेता- सुनैना कुमारी 1047

अंतर - 1400

बेलवाड़ा पंचायत

विजेता- बन्ती देवी 1536

उपविजेता- किरण देवी -1 1215

अंतर - 320

धनपुरा पंचायत

विजेता- प्रमोद कुमार 843

उपविजेता- देवेंद्र कुमार चौधरी 813

अंतर - 30

बघवा पंचायत

विजेता- रंजीत कुमार राय 1035

उपविजेता- सतीश मिश्रा 857

अंतर - 178

खजूरी पंचायत

विजेता- संतोष कुमार सिंह 1651

उपविजेता- नरेंद्र कुमार यादव 1387

अंतर - 264

रायपुरा पंचायत

विजेता- सवुजिया देवी 2277

उपविजेता- केशव चौधरी 1829

अंतर - 448

सोनपुरा पंचायत

विजेता- राम विलास तांती 2993

उपविजेता- उत्तम रजक 1356

अंतर - 1637

महखड़ पंचायत

विजेता- सगुफ्ता प्रवीण 1119

उपविजेता- आशा देवी 1041

अंतर - 78

मोहम्दपुर पंचायत

विजेता- विनय कुमार यादव 847

उपविजेता- राजेन्द्र यादव 596

अंतर - 251

सरडीहा पंचायत

विजेता- सुमन कुमार सिंह 1922

उपविजेता- अजय सिंह 1683

अंतर - 239

काठो पंचायत

विजेता- भोलेनन्द राय 2367

उपविजेता- अमरेंद्र कुमार 1159

अंतर - 1208

सिटानाबाद उत्तरी पंचायत

विजेता- मसीर खान 1826

उपविजेता- मतीन खान 1576

अंतर - 250

सिटानाबाद दक्षिणी पंचायत

विजेता- रविना खातून 2394

उपविजेता- रजिया खातून 2005

अंतर - 389

मोहनपुर पंचायत

विजेता- संजीव जायसवाल चौधरी 2273

उपविजेता- मो अशरफ अली जोहा 1984

अंतर - 289

चकभारो पंचायत

विजेता- कनीज फातमा 1425

उपविजेता- गुलनाज रानी 1228

अंतर - 197

भटौनी पंचायत

विजेता- सजन कुमार 1117

उपविजेता- बल राम यादव 886

अंतर - 231

तरियामा पंचायत

विजेता- रंजू देवी 2758

उपविजेता- शहनाज खातून 2502

अंतर - 256

सरोजा पंचायत

विजेता- कुमारी चित्रा सिंह 1155

उपविजेता- बीबी तबस्सुम आरा 1136

अंतर - 19

इनपुट- दैनिकभास्कर


जनआस्था, युवाओं की तपस्या और जनसहयोग से बनी बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेले की पहचान

  बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेला की 21साल संघर्ष से शिखर तक:  आज लाखों कांवरियों की आस्था का केंद्र है बाबा मटेश्वर धाम, लेकिन इसकी शुरुआत कु...