शनिवार, 18 जून 2022

नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर के सफाई कर्मी की 5 मिनट में झटपट शादी बना चर्चा का विषय, वीडियो हुआ वायरल

पत्नी की मृत्यु होने के बाद किया दूसरी शादी, नगर में बना चर्चा का विषय, रंगीनिया शिवमन्दिर में किया सिंदूरदान

कोशी बिहार टुडे, सहरसा




नगर परिषद के सफाई कर्मचारी की शनिवार को रंगीनिया शिवमंदिर में झटपट शिंदूरदान चर्चा का विषय बना हुआ है। इस झटपट शादी की खबर सुनकर रंगीनिया वार्ड नंबर 14 स्थित शिव मंदिर में 5 मिनट में शादी कर लेने का वीडियो वायरल हुआ है। रंगीनिया शिवमंदिर में जैसे ही शादी होने की चर्चा आग की तरह फैली, जैसे महिला मंदिर तक पहुंची तबतक युगल जोड़ी शादी कर चलता बना। यही कारण है की इस शादी का चर्चा पूरे नगर परिषद में बना हुआ है। 

क्या है पूरा मामला:

नगर परिषद वार्ड नंबर 12 के रहने वाले दुखा मल्लिक बिहार सरकार के जमीन मे झुगी बनाकर रह रहा है। दो वर्ष पूर्व दुखा मल्लिक की पत्नी का निधन हो गया। दुखा मल्लिक को चार बेटा है। चारो बेटा नगर परिषद में ही सफाई का कार्य करता है। एक बेटी है, जिसका शादी खगड़िया जिले के बेलदौर है, लेकिन सिमरी बख्तियारपुर में मजदूरी करता है। दुखा मल्लिक के सबसे बड़ा पुत्र को भी तीन बच्चे है। दुखा मल्लिक की उम्र लगभग 55 वर्ष है। इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात का है कि दुखा मल्लिक की उम्र लगभग 55 वर्ष से ज्यादा है, लेकिन जिस लड़की से शादी रचाया है, उनका उम्र 25 से 30 वर्ष के आसपास है। अपने उम्र के आधे उम्र की लड़की से शादी करने पर नगर परिषद में चर्चा बना हुआ है। दुखा मल्लिक का कहना है की जब से मेरी पत्नी की मृत्यु हुआ है, उसके बाद मेरा बेटा एवं पुतोहू खाने नही देता है, जिन कारण मजबूरी में ये शादी करनी पड़ी। 

वार्ड नंबर 14 में ही सफाई का कार्य करता है दुखा मल्लिक:



55 उम्र में अपने से आधी उम्र के लड़के से शादी रचाने वाला दुखा मल्लिक नगर परिषद के वार्ड नंबर 14 में बीते छह माह से सफाई का कार्य करता है। वार्ड के  लोगो का कहना है की दुखा मल्लिक को सबसे ज्यादा बेहतर एवं सुरक्षित यही जगह लगा, जहा उन्होंने शादी रचा लिया। इनके साथ कार्य कर रहे अन्य सफाई कर्मी ने बताया की चूंकि दुखा मल्लिक की पत्नी की मौत दो साल पूर्व हो गया। उसके बाद उन्हें सही से खाना पीना नही होता था, इनका शादी की भी चर्चा होता था। यही कारण है की शनिवार को शिव मंदिर में शादी रचा लिया। 

5 मिनट में शादी कर निकल गया:

दुखा मल्लिक पूर्व से तैयारी कर लिया था। जिस महिला से शादी रचाने वाला था, वो पूरे सज धज कर आई थी। जबकि दुखा मल्लिक पूर्व में जिस पहनावा के साथ झाड़ू लगाने वार्ड में आता है, वही पहनावा के साथ आया था। जबकि जो महिला उनसे शादी करने आईं वो पूरे सज धज कर आई। अंतिम समय में महिला कहा की रहने वाली है, उनका जानकारी नहीं मिल सका है।

गुरुवार, 9 जून 2022

ढलाई के दौरान निर्माधिन पुल का एक हिस्सा भरभरा कर गिरा, कई मजदूर घायल, डीएम ने दिया जांच का आदेश

 सासंद एवं विधायक के द्वारा  पुल के शिलान्यास के 18वे दिन एक भाग भरभरा कर गिरा

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



सिमरी बख्तियारपुर प्रखण्ड के कोसी नदी के अंदर  कठडूमर पंचायत के रामनगर के निकट निर्माणाधीन आरसीसी पुल का एक हिस्सा गुरुवार सुबह ढह गया। इस घटना में पुल में कार्य कर रहे तीन मजदूर घायल हो गए। जानकारी मुताबिक प्रखण्ड के कठडूमर पंचायत के दह से कठडूमर जाने वाली प्रधानमंत्री  सड़क में रामनगर गांव के पास आरसीसी पुल का निर्माण कार्य चल रहा था। गुरुवार सुबह पुल के एक हिस्से में ढलाई कार्य शुरू हुआ। इस दौरान कई दर्जन मजदूर काम कर रहे थे। ढलाई कार्य के दौरान ही पुल का एक हिस्सा धड़धड़ा कर गिर गया। जिसमे तीन मजदूर घायल हो गए। घायल मजदूरों को आनन - फानन में कठडूमर में ही ग्रामीण चिकित्सक के यहां ले जाया गया। जहां मजदूरों का इलाज किया गया। घटना में घायल मजदूर खगड़िया के मोहराघाट निवासी कारी साह, हाजीपुर निवासी अजय पासवान और हाजीपुर निवासी शंभु पासवान के नाम शामिल है।।

 डेढ़ करोड़ की लागत से बन रहा था पुल:

सिमरी बख्तियारपुर प्रखण्ड के कठडूमर में गुरुवार को निर्माणाधीन पुल के गिरने से हड़कंप मच गया। घटना पुल के ढलाई कार्य शुरू होने के कुछ देर बाद ही घट गई। जैसे ही घटना घटी वहां ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। बताया जाता है कि बन रहे इस निर्माणाधीन पुल प्राक्कलित राशि लगभग एक करोड़ 48 लाख बताई जा रही है। वही पुल की लंबाई 35 मीटर और पहुँच पथ की लंबाई 100 मीटर है। वही पुल के पास लगे बोर्ड के मुताबिक कार्य प्रारंभ की तिथि 26 मार्च 2021 लिखा है। पुल निर्माण के समाप्ति की तिथि 25 जुलाई 2022 है। पुल निर्माण के संवेदक खगड़िया जिला के चौथम शिशवा निवासी महेंद्र कुमार है। 

एमपी, एमएलए के द्वारा निर्माधीन पुल के शिलान्यास के 18 वे दिन एक भाग भरभरा कर गिर गया

सिमरी बख्तियारपुर प्रखण्ड के पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर कठडूमर पंचायत में निर्माणाधीन आरसीसी पुल        के गुरुवार के गिर जाने के बाद एक बार फिर कोसी दियारा के अंदर हो रहे विकास योजनाओं में धांधली की पोल खुल गई है।।जानकारी मुताबिक प्रखण्ड के कठडूमर में रामनगर के निकट करीब डेढ़ करोड़ की लागत से निर्माणाधीन पुल ढलाई के दौरान गुरुवार सुबह दस बजे के करीब गिर गई।जिसमे पुल निर्माण कार्य मे लगे तीन मजदूर घायल हो गए।।

ग्रामीणों ने दी थी सही निर्माण करने की हिदायत:

गुरुवार को सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड अंतर्गत कठडूमर में निर्माणाधीन पुल गिरने से एक दिन पूर्व ही आसपास के ग्रामीणों ने कार्य स्थल पर पहुंच कर पुल में अनियमितता ना बरतते हुए कार्य करने की सलाह दी थी। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से जेई की मौजूदगी में पुल बनाने की बात कही थी। लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक पुल ढलाई कार्य के दौरान जेई के बिना मौजूदगी के ही पुल ढलाई कर दिया गया। जो कुछ ही देर में भड़भड़ा कर गिर गया। जिसके बाद एक बार फिर तटबंध के अंदर के जारी विकास कार्यो में अनियमितता की बात जग - जाहिर हो गई। हालांकि ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता और संवेदक पुल ढहने के बात को सिरे से खारिज करते हुए खुद से गिराने की बात कह रहे है। यहां यह बता दे कि पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर बीते कई वर्षों से सड़क एवं पुल निर्माण कार्य मे हमेशा से अनियमितता की बाते सामने आती रही है। ठेकेदार और लोकल दबंगो के संयुक्त घालमेल से योजना भगवान भरोसे पूरी हो जाती है। दुरूह भौगोलिक क्षेत्र होने के वजह से जेई और इंजीनियर कार्य को देखने तक की जहमत नही उठाते है। ग्रामीणों के मुताबिक यदि तटबंध के अंदर के योजनाओं की सच्चाई से जांच हो तो बड़े पैमाने पर कार्य मे अनियमितता सामने आ सकती है। 

बीते महीने 23 मई को एमपी - एमएलए ने किया था शिलान्यास:



गुरुवार को गिरे निर्माणाधीन आरसीसी पुल का शिलान्यास बीते महीने के 23 मई को ही खगड़िया सांसद चौधरी महबूब अली कैशर और विधायक यूसुफ सलाउद्दीन ने किया था। करीब डेढ़ करोड़ की लागत बनने वाले इस पुल की लंबाई 35 मीटर है। निर्माणाधीन पुल के पास लगे बोर्ड के मुताबिक कार्य प्रारंभ की तिथि 26 मार्च 2021 है। इसके मुताबिक करीब एक साल बाद इस पुल निर्माण का शिलान्यास किया गया। इसके निर्माण कार्य की समाप्ति की तिथि 25 जुलाई 2022 है।

 संवेदक और कार्यपालक अभियंता  ने झाड़ा पल्ला:

गुरुवार सुबह सिमरी बख्तियारपुर अंतर्गत कठडूमर में निर्माणाधीन पुल गिरने के बाद जब घटना के संबंध में जब ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता संग्राम हेम्ब्रम से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि बुधवार को ही पुल झुक गया था, जिसे तोड़ने का आदेश दे दिया गया था। इस मामले में संवेदक की लापरवाही उजागर हुई है। वही जब कार्यपालक अभियंता से घायल मजदूरों के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने इसकी जानकारी होने से इनकार करते हुए पता लगाने की बात कही। इस संबंध में संवेदक महेंद्र कुमार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि कार्यपालक अभियंता के आदेशानुसार पुल का एक हिस्सा गिराया गया है। ठीक से सैटरिंग नही किया गया था इसलिए गिराया गया है। 

शुक्रवार, 27 मई 2022

राह चलते लड़की को फोटो खींचकर करता था छेड़खानी, ग्रामीणों ने चप्पल का माला पहनाकर कर दिया मनचलों का इलाज

 कोशी बिहार टुडे, सहरसा



सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के कोसी नदी के अंदर धनुपरा पंचायत के फरेबा गांव में दो मनचले युवक को ग्रामीणों ने चप्पल का माला पहनाकर पहले गांव में भ्रमण कराया एवं बाद में गांव में ही एक जगह बांध दिया। ग्रामीणों के अनुसार ये दोनो लड़का फारेबा गांव निवासी  सीताराम महतो का लड़का है। ग्रामीणों का कहना है की ये लड़का सड़क चलते लड़की को छेड़खानी करता था। सेल्फी लेता था था। जिन कारण ग्रामीण लड़किया इन मनचले युवक से परेशान था। ग्रामीणों के अनुसार लड़किया स्कूल पढ़ने के।लिए जाती थी। ये लड़का सहित अन्य लड़का भी बराबर इन स्कूल पढ़ने जाने वाली लड़कियां के साथ छेड़खानी, सेल्फी खींचकर सोशल मीडिया पर डाल देता था। जीन कारण लड़की के माता-पिता सहित परिजन परेशान रहते थे। शुक्रवार को लड़किया पढ़ने जा रही थी। बस लड़की को देख ये दोनो लड़का चलते चलते लड़की का सेल्फी खीच लिया। बस लड़की ने परिजन को सूचना दिया, जिन कारण ग्रामीण भड़क गया एवं लड़का को पकड़ कर उनके गले में चप्पल की माला पहना दिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों की भीड़ उमड़ गया। ग्रामीणों ने बताया की घटना की सूचना कनारिया ओपी को दिया गया। लेकिन कनारिया पुलिस सिमरी बख्तियारपुर में थी, जिन कारण आगे की करवाई नही हो सकी। 

शनिवार को है फरेवा गांव में है सामाजिक पंचायत:

 इस मामले को लेकर धनुपरा पंचायत के फतेबा गांव में ग्रामीण पंचायत का आयोजन किया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल में पढ़ने जाने वाली छात्रा के साथ इस तरह की हरकत को लेकर बैठक किया गया है। जिसमे हरेक पहलू पर विचार किया जाएगा। अभी भी दोनो लड़का ग्रामीण के शिकंजे में आया है।

मंगलवार, 17 मई 2022

अंचल कचहरी से बिचौलिया को खदेड़ना जरूरी, नही तो सरकारी एवं गरीब की जमीन पर कब्जा कराते रहेंगे ये बिचौलिया

 सिमरी बख्तियारपुर अंचल कचहरी बिचौलिया के कब्जे में, जमीन की कागजात की हेराफेरी कर किसान को लुटते है बिचौलिया

चकभारो पंचायत में एक सरकारी जमीन पर पक्का निर्माण करवाने एवं दूसरा शमशान की की मिट्टी को चिमनी में बैचवाने वाला जो चकभारों का रहने वाला है, अंचल कचहरी का है बिचौलिया

कोशी बिहार टुडे, सहरसा

अंचल कचहरी सिमरी बख्तियारपुर जो आम लोग बिचौलिए की मदद से रजिस्टर-2 को देखते हुए


अनुमंडल मुख्यालय के सिमरी बख्तियारपुर के अंचल कचहरी पर बिचौलियों का कब्जा है। स्थिति यह है कि बिचौलियों की तिकड़म से किसान परेशान है। नतीजतन हर जगह बिचौलियों ने कब्जा जमा रखा है। सिमरी बख्तियारपुर अंचल कचहरी पर बिचौलिये इस कदर हावी हैं कि अंचलाधिकारी भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। यहां बिचौलिया रसीद तो काटते ही हैं किसान का मूल रजिस्टर-2 भी बिचौलिये के कब्जे में रहता है। आम किसानों को अपनी जमीन की ब्योरा लेने, सहित अन्य कार्य में भारी कठिनाई के साथ साथ आर्थिक एवं मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही कारण है कि दिनों-दिन जमीन संबंधी विवाद बढ़ रहा है। अगर कोई किसान किसी जमीन की जानकारी लेता है तो पहले तो उनको घुस दीजिए तब जानकारी मिलेगी। रसीद कितने राशि का क्यों ना हो, लेकिन किसान से रसीद मूल्य से कई गुना ज्यादा करके वसूला जाता है। वर्ष 13 में तत्कालीन डीसीएलआर मो. रासिद हुसैन ने बिचौलिये के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया था। उस समय सारे बिचौलिये अंचल कचहरी से गायब हो गये थे। जैसे ही श्री हुसैन का तबादला हुआ कि फिर अंचल कचहरी पर बिचौलिये हावी हो गये। बताया जाता है कि जिस समय तत्कालीन डीसीएलआर का तबादला हुआ तो कई अंचल कचहरी के बिचौलिये खुशी में मिठाई बाटी थी।  बिचौलिया का अंचल कचहरी पर सारे अभिलेख, रजिस्टर सहित अन्य कार्य करते हैं। 

जमाबंदी से हेराफेरी से लेकर कई गलत कार्य बिचौलिया करते है:

सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद सहित प्रखंड क्षेत्र में सक्रिय भूमाफिया सरकारी जमीन पर कब्जा करने के अलावे कमजोर गरीब लोगो की कीमती जमीन हड़पने को लेकर इसी अंचल कचहरी में कागजात की हेराफेरी करवाते है, बाद दबंगई से जमीन पर कब्जा करते है। यही कारण है की सिमरी बख्तियारपुर जमीन संबंधी मामले की भरमार है। 

बिचौलिया के घर पर रहता है भूमाफिया का जमावड़ा:

बताया जाता है की जो बिचौलिया अंचल कचहरी में रहते है, यही जमीन संबंधी हेराफेरी भी करते है। चूंकि इनके पास हर मोजा का कागजात रहते है। कहने को तो ये राजस्व कर्मचारी का मदद में रहता है, लेकिन हकीकत में ये जमाबंदी से छेड़छाड़ सहित कई तरह के गलत कार्य में इनकी सीधे संलिप्ता रहती है। प्रतिदिन सुबह में नेताओं की तरह इनके घर पर भी भूमाफिया का जमावड़ा लगा रहता है। बताया जाता है की चकभारो पंचायत में एक सरकारी जमीन पर कब्जा कर पक्का निर्माण करवाने एवं शमशान की मिट्टी को काटकर चिमनी को बेचनेवाले एक बिचौलिया जो चकभारो का ही रहने वाला है अंचल कचहरी में सारे जमीन की हेराफेरी में ये संलिप्त है। 

निजी लोग करते है रजिस्टर-2 का निरीक्षण:

अंचल कचहरी का बुरा हाल बना हुआ है। किसान के जमीन का कागजात अंचल कचहरी में सुरक्षित नही है। एक तो आजादी के समय से बना खपरेल पूरी तरह से जर्जर है। हल्की बारिश में पानी कमरा में जमीन के कागजात पर ही रिसता है। अंदर से लोग प्लास्टिक टांग कर कागजात को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। बावजूद उक्त अंचल कचहरी में कागजात सुरक्षित नही है। जिनको जब मन होता है, रैयत की जमीन की एक मात्र सबूत रजिस्टर-2  को लेकर इधर से उधर हेराफेरी में लगा रहता है। यही कारण है इनलोगो के कारण रैयत की अपनी वाजिब जमीन होने के वावजूद अंचल कचहरी में मौजूद बिचौलिया के कारण किसान परेशान रहते है। जबकि प्रखंड मुख्यालय में रिकार्ड रूम बनना 5 वर्ष से ज्यादा हो गया। लगभग दो वर्ष से ज्यादा तो उसमे अंचल कार्यालय भी चला था। 

क्या कहते है एसडीओ:

सिमरी बख्तियारपुर एसडीओ अनीशा सिंह ने बताई की प्रखंड मुख्यालय में रिकार्ड रूम बना है। अब जमीन से सबंधित सभी कागजात रिकार्ड रूम में रखा जाएगा। वही अगर अंचल कचहरी में बिचौलिया रहता है तो उनके खिलाफ करवाई होगी। 



बुधवार, 11 मई 2022

अररिया डीएम इनायत खान वो महिला अधिकारी, जिनके पीएम मोदी है फैन, पुलवामा हमले के शहीदों की बेटियो की कर रही है परवरिश

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



अररिया जिले के डीएम  इनायत खान को बनाया गया है। इनायत खान वो महिला अधिकारी हैं जिन्होंने मिसाल कायम की। पीएम मोदी ने भी उनकी प्रशंसा की। बिहार कैडर की इस महिला अफसर के नाम कई उपलब्धियां हैं। चलिए जानते हैं कौन हैं इनायत खान।

अररिया जिले की विधि व्यवस्था और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन ही मेरी पहली प्राथमिकता होगी। गुणवत्तापूर्ण तरीके से योजनाओं के क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जाएगा। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ जीविका सहित अन्य विभाग द्वारा जीविकोपार्जन व स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। कहा कि सामुहिक सहयोग से जिले के सर्वांगीण विकास का हर संभव कोशिशें की जा जाएगी।' मंगलवार को जिलाधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण करते हुए IAS इनायत खान ने उक्त बातें कही। इनायत, जिसका मतलब देखभाल, चिंता, फेवर होता है। इस महिला अधिकारी का जैसा नाम है वैसा इनका व्यवहार भी। अररिया की नई डीएम के बारे में विस्तार से जानते हैं।

           (पदभार ग्रहण करने के बाद अधिकारियों संग की बैठक)


आईएएस इनायत खान, ये नाम उस समय सुर्खियां बटोरने लगा। जब पुलवामा आतंकी हमले में बड़ी संख्या में देश के जवान शहीद हुए। इनमें बिहार के भी जवान शामिल थे। इनायत ने पुलवामा हमले में शहीद हुए रतन ठाकुर और संजय कुमार की बेटियों को गोद लेने का ऐलान कर दिया। इसके अलावा उन्होंने अपना दो दिन का वेतन शहीदों को दे दिया। इनायत ने शहीदों की बेटियों की ताउम्र परवरिश करने के फैसले को इंटरनेट मीडिया पर सराहा गया।

पीएम मोदी ने की तारीफ

अररिया से पहले इनायत बिहार के शेखपुरा जिले की डीएम थीं। इस जिले की गिनती बिहार के पिछड़े जिलों में होती है। केंद्र सरकार देश के जिन 113 जिलों में आकांक्षा योजना चला रही है, उसमें बिहार का शेखपुरा भी शामिल है और यहां इस योजना के तहत बेहतर काम हुआ। लिहाजा, पीएम मोदी ने एक वीसी में इनायत खान की जमकर तारीफ की। पीएम ने कहा कि इनायत खान द्वारा बेहतर काम करने से ही बिहार के शेखपुरा जिले में यह बदलाव सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के आकांक्षी जिलों यानी एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट में शामिल बिहार के शेखपुरा जिले के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए यहां की जिलाधिकारी इनायत खान द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।

युवा आईएएस इनायत खान के बारे में


इनायत उत्तर प्रदेश की ताज नगरी आगरा की रहने वाली हैं। 2011 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा अपने पहले ही प्रयास में पास कर ली। उनकी रैंक 176वीं रही। 2012 बिहार कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। इससे पहला इनायत ने आगरा से इंजीनियरिंग की। इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने एक साल तक सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी भी की लेकिन उन्होंने एक साल बाद ही यह नौकरी छोड़ दी। शेखपुरा से पहले इनायत खान का पंडारक, राजगीर और भोजपुर में अपनी सेवा दे चुकी हैं।

इनपुट: दैनिक जागरण

रविवार, 8 मई 2022

बिहार सरकार के जमीन पर हो रहा है कब्जा, प्रशासन बना है मुगदर्शक

 महंत नारायण दास उच्च विद्यालय चकभारो के पीछे जमीन पर हो रहा है पक्का निर्माण, पानी टंकी को ले लिया अपने प्रांगण में

कोसी बिहार टुडे, सहरसा



प्रखंड के चकभारों पंचायत के महंत नारायण दास उच्च विद्यालय चक्भारो से दक्षिण एवं पश्चिम चकभारो गांव जाने वाले सड़क के किनारे बिहार सरकार के जमीन को अतिक्रमित कर लिया है। उक्त जमीन पर पानी की टंकी वर्षो पूर्व बना है। पानी टंकी को अपने कब्जे में लेकर आगे से सड़क की तरफ से पक्का निर्माण किया जा रहा है। पहाड़पुर गांव निवासी रंजीत सहनी, रंजीत कुमार, माला देवी, उषा देवी ने एसडीओ को आवेदन देकर अतिक्रमण हटाने की मांग किया है। दिए आवेदन में कहा है की थाना नंबर 86, खाता 79, खेसरा 410 रैयत बिहार सरकार के जमीन पर मो रेहान आलम जबरदस्ती घर बना रहा है। उक्त जमीन के पीछे हमलोग का घर है। यही एकमात्र रास्ता था जिन रास्ते से हमलोग आते जाते थे। लेकिन घर को बना लेने के कारण हमलोग का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। आवेदन के आलोक में एसडीओ अनीशा सिंह ने अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष को स्थल जांच कर करवाई करने का निर्देश दिया था। बावजूद इन पदाधिकारियों के द्वारा स्थल जांच करने नही पहुंचा। इधर उक्त बिहार सरकार की जमीन पर ताबड़तोड़ निर्माण कार्य जारी है। 



इस बाबत एसडीओ अनीशा सिंह ने बताई की आवेदन मिला है। सीओ एवं थानाध्यक्ष को जांच का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की करवाई किया जाएगा। 

शनिवार, 7 मई 2022

मिथलांचल के लोगो को 88 साल के बाद सपना हुआ साकार, रेलमंत्री ने दिखाई हरी झंडी

 घट जाएगी मिथलांचल की दूरी, मिथिला के लोगो में खुशी

कोसी बिहार टुडे, सहरसा



 रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी द्वारा शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से झंझारपुर-निर्मली नव आमान परिवर्तित रेलखंड पर ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया गया। वही निर्मली-आसनपुर कुपहा नई रेल लाईन का उद्घाटन एवं ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया

इस अवसर पर झंझारपुर में ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव,मधेपुरा सांसद दिनेश चंद्र यादव,सुपौल सांसद दिलेश्वर कामत,परिवहन मंत्री शीला कुमारी,नीतीश मिश्रा सहित अन्य में गणमान्य मौजूद रहे

88 साल बाद मिथलांचल का हुआ मिलान---

मिथिलांचल के लोगों का सपना 88 साल बाद साकार हुआ है। एक बार फिर क्षेत्र में विकास की सीटी सुनायी देगी। मिथिलावासी करीब नौ दशक से इस घड़ी का इंतजार कर रहे थे। दरभंगा-सहरसा वाया सुपौली-निर्मली रेललाइन का सात मई को दोपहर दो बजे रेलमंत्री लोकार्पण किया। 



नये रेलखंड पर शुरू हुआ सवारी ट्रेन का परिचालन---

रेलवे बोर्ड ने खंडित मिथिला को जोड़ने वाले झंझारपुर-निर्मली-आसनपुर-कुपहा नयी रेल लाइन पर ट्रेन चलाने की हरी झंडी दे दी है। सबसे पहले नये रेलखंड पर सवारी ट्रेन का परिचालन शुरू किया जायेगा। दरभंगा, सकरी, निर्मली, कोसी महासेतु रेल ब्रिज के रास्ते सरायगढ़, सुपौल होकर सहरसा के लिए नये ट्रैक पर नयी ट्रेन का परिचालन सात मई से शुरू हो गया है। 


1934 में आये विनाशकारी भूकंप में बह गया था कोसी नदी पर बना रेल पुल---

मालूम हो कि साल 1934 में आये विनाशकारी भूकंप में कोसी नदी पर बना रेल पुल बह गया था। इसके बाद मीटर गेज पर ट्रेनों का परिचालन बंद हो गया था। इसके बाद कोसी और मिथिलांचल के बीच रेल नेटवर्किंग क्षेत्र में संपर्क टूट गया था।  अब करीब 88 साल बाद एक बार फिर से कोसी और मिथिला रेल नेटवर्किंग के क्षेत्र में जुड़ जायेगा। 


साल 2014 में प्रधानमंत्री ने युद्धस्तर पर कार्य करने का दिया था निर्देश---

साल 2002 में 15 अगस्त को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने चार महत्वाकांक्षी रेल परियोजना की घोषणा की थी। इनमें कोसी महासेतु रेल पुल भी महत्वपूर्ण योजना में शामिल था। करीब दो किलोमीटर लंबे पुल को करीब 400 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार किया गया है। साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोसी महासेतु रेल पुल पर युद्धस्तर पर कार्य का निर्देश दिया था। इसके बाद साल 2018 में कोसी रेल महासेतु पुल के निर्माण में गति आयी थी और इसे साल 2020 के अंत तक पूरा कर लिया गया।


घट जायेगी मिथिलांचल के बीच की दूरियां---

शनिवार 7 मई को सहरसा-निर्मली-दरभंगा के बीच ट्रेन परिचालन के बाद मिथिलांचल के बीच की दूरियां घट जायेंगी। सहरसा, सुपौल, झंझारपुर, निर्मली होकर ट्रेन का परिचालन शुरू हो सकेगा। उत्तर बिहार का यह वैकल्पिक रेल मार्ग पूर्वोत्तर राज्यों से कोसी और मिथिलांचल को सीधा जोड़ेगा। इस मार्ग के शुरू होने से मिथिलांचल में रोजगार के भी साधन बढ़ेंगे। 

करीब 1400 करोड़ से अधिक की है रेल परियोजना--

सहरसा, सुपौल, ललितग्राम, फारबिसगंज, सकरी, निर्मली, दरभंगा, लोकहां की करीब 206 किलोमीटर लंबी नये रेल परियोजना पर करीब 1400 करोड़ से अधिक की लागत आयी है।  ललितग्राम से फारबिसगंज के बीच रेलवे ट्रैक बिछाने का काम किया जा रहा है।  वर्तमान में सहरसा से सरायगढ़ और आसनपुर तक ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। जुलाई तक सहरसा से फारबिसगंज तक के लिए ट्रेन का परिचालन शुरू होने की संभावना है। 


जनआस्था, युवाओं की तपस्या और जनसहयोग से बनी बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेले की पहचान

  बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेला की 21साल संघर्ष से शिखर तक:  आज लाखों कांवरियों की आस्था का केंद्र है बाबा मटेश्वर धाम, लेकिन इसकी शुरुआत कु...