गुरुवार, 13 दिसंबर 2018

सहरसा से राजधानी पटना एव दरभंगा की दूरी हुई कम, गंडोल-बिरौल पथ में तेजी से चल रहा है कार्य

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मिथलांचल को जोड़ने वाली इस सड़क का करेंगे उदघाटन
कोशी बिहार टुडे


सहरसा के बलुआहा घाट से होते गंडौल-बिरौल उच्चस्तरीय सड़क का निर्माण कार्य जनवरी 2019 में पूरा हो जायेगा। इसके पूरा होते ही इस रूट से दरभंगा सहित पटना की दूरी कम हो जायेगी।
कोसी नदी पर बने उच्चस्तरीय बलुआहा पुल होकर कोसी को मिथिलांचल दरभंगा से सीधे सड़क मार्ग से जोड़ने वाली निर्माणाधीन गंडौल-बिरौल सड़क का निर्माण कार्य जोरों पर है। इस सड़क के बनने से लाखों की आबादी को फायदा मिलेगा। इस सड़क का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा दिसंबर में किये जाने की उम्मीद है। 
सीएम के उद्घाटन को लेकर निर्माण कंपनी के इंजीनियर व कर्मी युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं। सड़क पूरा होते ही दो जिले यानी दरभंगा और सहरसा आपस में सड़क मार्ग से जुड़ेंगे इसके अलावा सुपौल, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज जिले के सुदूर भाग का संपर्क मार्ग की दूरी भी कम हो जायेगी। सड़क निर्माण कार्य अभी पूर्ण हुआ नहीं और इसके बाद भी निर्माणाधीन सड़क से होकर दरभंगा आदि शहरों के लिए प्रतिदिन सैकड़ों बड़े वाहनों का आना-जाना जारी है। 
लगभग एक किलो मीटर सड़क पर कार्य जारी है। लेकिन मिट्टी में नमी होने के कारण निर्माण कार्य में कठिनाई उत्पन्न हो रही है। कंपनी के अभियंताओं को मिट्टी की नमी को सुखाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। बलुआहा के समीप कोसी पर बने दो किमी उच्चस्तरीय पुल निर्माण के बाद से पश्चिमी कोसी तटबंध के गंडौल तक सुगम रूप से आवागमन सुलभ हो गया। लेकिन सड़क व पुल के अभाव में दरभंगा तक का सफर काफी कठिन था। इस कारण बलुआहा पुल से सीधे सड़क मार्ग से कोसी को दरभंगा से जोड़ने के लिए गंडौल-बिरौल सड़क का निर्माण कार्य शुरू करवाया गया।
दो-दो बार बढ़ाई गई समय सीमा, संवेदक पर जुर्माना : सड़क निर्माण के लिए विभाग द्वारा दो-दो बार समय सीमा बढ़ाई जा चुकी है। वर्ष 2016 में कार्य समाप्त होना था लेकिन कार्य पूरा नहीं होने पर वर्ष 2017 और फिर वर्ष 2018 में सड़क निर्माण कार्य पूरा करने समय सीमा निर्धारित की गई। निर्माण एजेंसी गैमन इंडिया द्वारा समय सीमा पर सड़क निर्माण पूरा नहीं किये जाने से 1.15 करोड़ का जुर्माना भी विभाग द्वारा लगाया चुका है।
श्रोत-हिंदुस्तान

सोमवार, 10 दिसंबर 2018

दिवगंत राजद के पूर्व बरिष्ट मंत्री का मना जन्मदिन, लोगो ने इनके अच्छे कार्यो का किया प्रशंसा

सहरसा जिला के गाँधीपथ ने लोगो ने श्रद्धापूर्वक किया याद
कोशी बिहार टुडे


सहरसा जिले के गांधी पथ स्थित तैलिक साहु वैश्य भवन में सोमवार को वैश्य समाज के द्वारा बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं वैश्य समाज के पुरोधा स्व. शंकर प्रसाद टेकरीवाल के 89 वां जयंती समारोह गोष्ठी आयोजित कर मनायी गयी।
 जयंती समारोह में उपस्थित वैश्य समाज उनके तस्वीर पर माल्यर्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया, और सबों ने एक स्वर से वैश्य समाज के उत्थान और आपसी एकजुटता का संकल्प लिया। वैश्य समाज सहरसा के जिलाअध्यक्ष मोहन प्रसाद साह की अध्यक्षता एवं प्रवक्ता राजीव रंजन साह के सफल संचालन में चली जयंती समारोह को संबोधित करते हुए जिलाअध्यक्ष ने कहा कि स्व. टेकरीवाल की राजनीतिक यात्रा जनसंघ से शुरू होकर समाजवादी विचार पर आकर स्थिर हो गया। उनकी नजर में वैश्य समाज सहित सभी जातियों के प्रति एकरूपता व समानता का भाव बनी रही।
 उन्होंने कहा कि उनके आदर्श व विचार आज भी वैश्य समाज के लिए अनुकरणीय है। इस अवसर जदयू नेता सह वैश्य समाज के उपाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार देव ने कहा कि स्व. टेकरीवाल व उनके पुरखों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। खासकर शिक्षा के क्षेत्र मे उनके किए गए कार्य को आने वाली जितनी भी पीढी याद रखेगी ।


 वैश्य समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन चौधरी ने कहा कि अपने पूर्वजों व महापुरूषों की जयंती हम सबों को आपसी एकजुटता और सामाजिक विकास की प्रेरणा प्रदान करती है।
इस मौके पर पूर्व वार्ड पार्षद सुबोध साह, कृष्ण मोहन चौधरी, जिला महामंत्री संजय कुमार, युवाध्यक्ष अजित कुमार अजय, मीडिया प्रभारी नीरज राम, फुलेश्वर साह, रंजीत बबलू, रंजीत चौधरी, मनोज मिलन, देव नारायण चौधरी, अरूण जायसवाल, शांति प्रसाद साह, भैरव साह, सत्यनारायण साह, रूपेश कुमार, रामनाथ साह, किशोर साह, सुनील सूर्या, बिनोद साह, उपेन्द्र नारायण गुप्ता, पुलकित साह, राजेन्द्र प्रसाद साह, इंदु साह, दिनेश साह एवं आलोक कुमार, सुरेंद्र साह , रोशन कुमार, अरिवंद साह ,अनुरूदध साह , आदि ने भी संबोधित करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किया।  जबकि धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रवक्ता राजीव रंजन साह ने कहा कि वैश्य समाज के युवाओं को सामाजिक कायों में बढ-चढकर हिस्सा लेना चाहिए। संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए आपसी मनभेद को भूला देना चाहिए।

रविवार, 9 दिसंबर 2018

सिमरी बख्तियारपुर वासियो को तोहफा, बनेगा बिजली डिवीजन, ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र यादव ने किया घोषणा

विद्युत सब स्टेशन के पास उपलब्ध 3 एकड़ जमीन पर बनेगा डिवीजन, कई भवन का भी होगा निर्माण: मंत्री दिनेशचंद्र यादव
कोशी बिहार टुडे

आपदा मंत्री दिनेश चंद्र यादव के अनुरोध पर किया घोषणा
भास्कर न्यूज सिमरी बख्तियारपुर, सहरसा
सिमरी बख्तियारपुर विद्युत सब स्टेशन अब बिजली डिवीजन बनेगा। सूबे के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने घोषणा किया। श्री यादव सलखुआ प्रखंड के तटबन्ध के समीप उटेशर गांव के समीप सुधा प्रोडक्ट का दूध शीतल केंद्र का उद्घाटन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा। श्री यादव से बिहार सरकार के आपदा मंत्री दिनेशचंद्र यादव ने अनुरोध किया था कि सिमरी बख्तियारपुर विद्युत सब स्टेशन के पास तीन एकड़ जमीन उपलब्ध है। यह पहले से ही विधुत सब स्टेशन है। यह पर बिजली डिवीजन बनाया जाए। मंत्री के अनुरोध पर ऊर्जा मंत्री ने ये घोषणा किया।

 सलखुआ के उटेशरा में स्थापित दूध शीतल केंद्र के उद्घाटन के उपरांत मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि कोसी इलाका दूध का बहुत बड़ा उत्पादक क्षेत्र है। यह कि दूध की क्वालिटी बिहार के सभी जगहों से अच्छा है। मंत्री ने किसान से अनुरोध किया कि अच्छा नश्ल का दुधारू पशु पाले। दुधारू पशु को सुधा दाना के अलावे हरा चारा जरूर दे ताकि दूध का उत्पादन अच्छा हो। मंत्री ने कहा कि बिहार किसान का राज्य है। यह 11 प्रतिशत लोग शहर में एव 79 प्रतिशत लोग गांव में रहता है। हमारे मुख्यमंत्री ने कृषि रोडमैप बनाया, ताकि कृषि पर आधारित उधोग लगाया जाये। मंत्री ने कहा कि एक सर्वेक्षण में आया कि खगरिया में दुनिया का सबसे ज्यादा मक्का का उत्पादन होता है। मक्के से पशु का चारा बनता है जो दूध बढ़ाने में सहायक होता है। उनके अलावे बांस का पत्ता भी बहुत उपयोगी है। किसान गोबर गैस का प्लांट लगाए। बेगूसराय बिहार का एक ऐसा जिला है जहाँ घर घर कम से कम 4-5 गाय लोग पालते है। इससे उनकी आर्थिक उन्नति भी होती है।

बिहार सरकार के आपदा मंत्री दिनेशचंद्र यादव ने कहा कि इस इलाके में दूध की कमी नही है। पहले किसान अपना इलाके का दूध धमराघाट में जमा करता था। तब वहां से सहरसा, सुपौल, मधेपुरा एव खगरिया जाता था। मंत्री ने कहा कि हम पूर्व में सहरसा में दूध प्लांट लगाने का प्रयास किया लेकिन अधिकारी के द्वारा रुचि नही लेने के कारण ये सफल नही हो सका। पहले लोग दूध बांस की बहंगी पर दूध लाता था। मंत्री ने कहा कि मानसी से हरदी चौघरा तक सड़क बनेगी। इसने कोसी, बागमती सहित चार बड़ी पूल एव 5 प्लाय ओवर बनेगा। जिसमें फेंसहा ढाला  पर भी प्लाय ओवर बनेगा। इससे दूध उत्पादन करने  वाले किसान सहित आम लोगो को भी लाभ मिलेगा। मंत्री ने कहा कि कोसी तटबन्ध के अंदर अलानी, कठडूमर एव ऐना में पावर सब स्टेशन बनेगा। इन तीनो स्टेशन से माठा ग्रिड से बिजली जायेगी। मंत्री ने कहा कि सहरसा जिला में ढाई लाख उपभोक्ता है। जिसमे अकेले सिमरी बख्तियारपुर में 1 लाख 10 हजार बिजली उपभोक्ता है। इसीलिये सिमरी बख्तियारपुर में बिजली डिवीजन की जरूरत है।

कोसी दूध उत्पादक सहकारी समिति लिमिटेड के एमडी श्री ओमप्रकाश राय ने कहा कि कोसी का दूध में पोषण मात्रा अधिक होती है। इस बार कोशी तटबन्ध के अंदर से नाव के द्वारा भी समय पर दूध मंगाने के लिये बेहतर प्रयास किया जा रहा है। इस मौके पर पूर्व विधयाक डॉ अरुण कुमार, कोसी दूध उत्पादन समिति सुपौल के अध्यक्ष दीप नारायण यादव, एसडीओ अरविंद कुमार, डीएसपी मृदुला कुमारी आदि मौजूद थी। 

बुधवार, 5 दिसंबर 2018

जानिये सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड में कितने लोगों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का मिलेगा लाभ

सिमरी बख्तियारपुर में प्रधानमंत्री हेल्थ कार्ड बनना हुआ प्रारम्भ
एक साल में 5 लाख तक का इलाज मुफ्त करा सकते है लोग
कोशी बिहार टुडे

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड में 1 लाख 33 हजार लोगों का हेल्थ कार्ड बनेगा। 2011 की जनगणना को  इस स्कीम ला लाभ लेने वाले लोगो की सूची बनाई है। सिमरी बख्तियारपुर में कुल जनसंख्या 3 लाख 26 हजार  है। जो सूची उपलब्ध है। कोई भी व्यक्ति अपना नाम की जांच अस्पताल या बसुधा केंद्र पर जाकर कर सकता है। कोई भी लाभार्थी अपना राशन कार्ड लेकर केंद्र पर जाए एव अपना नाम का पता कर की इस योजना में उनका नाम लिस्ट में है या नही। 
 प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का कार्ड बनबाने के लिये लाभुक को राशनकार्ड, आधारकार्ड, पहचानपत्र एव फोटो लेकर केंद्र पर आना पड़ेगा। पहले अपना नाम का पता कर ले। सरकार के द्वारा भेजी सूची में अगर आपका नाम है तो ही आपका कार्ड बनेगा। अनुमंडलीय अस्पताल सिमरी बख्तियारपुर के दूसरी मंजिल के कम्प्यूटर कक्ष में अशिवनी कुमार, मो सफदर आलम एव प्रमोद कुमार के द्वारा कार्ड बनबाया जायेगा। मो सफदर आलम में बताया कि अभी तक 10 लाभार्थी का रजिस्ट्रेशन हुआ है।  दो व्यक्ति का कार्ड बना है। चार को स्वीकृति के लिये भेजा गया है। चार लाभिक का सरकार के पास मौजूद आईडी से मिलान नही होने के कारण वापस कर दिया है।

रविवार, 2 दिसंबर 2018

डुमरी पूल में चार पहिया एव भारी वाहन का परिचालन का इंतजआर खत्म, उस तिथि से होगा परिचालन

विगत 8 वर्ष से कोशी सहित उत्तर बिहार के लोगो का कटा था संपर्क
डुमरी पूल का मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन, 16 दिसंबर के बाद कभी हो सकती है तिथि निर्धारित
कोशी बिहार टुडे, सहरसा

कोसी क्षेत्र सहित उत्तर बिहार को जोड़ने वाली बीपी मंडल डुमरी पुल पर परिचालन 16 दिसंबर के बाद ही हो पायेगा। चूंकि डुमरी पूल का परिचालन का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे। हालांकि डुमरी पूल पर चल रहे निर्माण कार्य लगभग समाप्त हो चुका है।
लगातार परिचालन की तिथि बदलने से लोगो मे व्याप्त है असंतोष---
 हाल यह है कि चार पहिया या भारी वाहनों के परिचालन की तिथि लगातार बदली जा रही है। जिस कारण कोसी सहित क्षेत्रवासियों में गुस्सा व्याप्त है। पुल पर चारपहिया वाहनों के परिचालन नहीं होने से क्षेत्र के लाखों लोंगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभी हालात यह है कि डुमरी पुल के क्षतिग्रस्त भागों के जीणार्ेद्घार का काम 5 दिसम्बर के अंदर समाप्त हो जाएगा।

लेकिन पुल पर वाहनों का परिचालन कब शुरू होगा इसका जवाब किसी भी अधिकारियों के पास नहीं है। पुल का जीणार्ेद्घार कर रहे एसपी सिंगला कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर के के रंजन का कहना है कि उनका पुल बनाना काम है। चालू कब होगा इसके बारे में जिला प्रशासन के अधिकारी या एनएच के अधिकारी ही बता सकते हैं।

अंतिम चरण में है जीणार्ेद्घार का काम: डुमरी पुल के जीणार्ेद्घार का कार्य एसपी सिंगला कंपनी द्वारा पचास करोड़ की लागत से किया जा रहा है। जिसमें डुमरी पुल के क्षतिग्रस्त आठ पाया को तोड़कर दो नए पाया का निर्माण किया गया है। जबकि चार पायलन का भी निर्माण किया गया है। चारों पायलन 56 केबल लगाया गया है। इसी केबल पर पुल का सारा भार है। बताया जाता है पुल के जीणार्ेद्घार का कार्य लगभग कार्य पूरा कर लिया गया है। बस अभी डेंटिंग एवं पेंटिंग का कार्य बचा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि 5 दिसंबर तक पुराना कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
पुल चालू कराने को लेकर हो चुकी है राजनीति: हालांकि पुल चालू कराने को लेकर राजनीति भी हो चुकी है। पूर्व में गत 19 नवम्बर को स्थानीय विधायक द्वारा पुल पर चार चक्के वाहनों का परिचालन कराया गया था। हालांकि तीन घंटे के अंदर ही पुल पर परिचालन बंद कर दिया गया। इसके बाद एक बार फिर 20 नवम्बर को केंद्रीय मंत्री मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा को पुल से पार कराया गया। इसके बाद फिर 20 नवम्बर की ही शाम को स्थानीय जदयू कार्यकर्ताओं द्वारा जबरन पुल पर अवरोधक को हटाकर सहरसा जा रही कुछ वीआईपी गाड़ियां पार कराई गईं।एनएच के कार्यपालक अभियंता उमाशंकर प्रसाद ने कहा जल्द ही पुल पर भारी वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। डीएम से बात की जा रही है।

बेलदौर विद्यालय पन्नालाल पटेल ने कहा कि डुमरी पूल का उद्घाटन सीएम नीतीश कुमार करेंगें। अभी तिथि निर्धारित नही किया है। उम्मीद किया जा रहा है कि 16 दिसंबर के बाद कभी भी उद्घाटन का समय निर्धारित हो सकता है।
खगरिया डीएम अनुरुद्ध कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के द्वारा उद्घाटन किया जायेगा। अभी तिथि निर्धारित नही हुआ है। 

शनिवार, 1 दिसंबर 2018

उच्च विद्यालय सिमरी बख्तियारपुर में विहिप एव बजरंगदल का धर्मसभा रविवार को, सुरक्षा का पुख्ता व्यवस्था


पूरा कार्यक्रम सीसीटीवी कैमरा की निगरानी में करने का निर्देश, देर संध्या निकली रैली

कोशी बिहार टुडे, सहरसा


सिमरी बख़्तियारपुर अंतर्गत उच्च विद्यालय के मैदान पर आयोजित  विराट धर्म सभा का आयोजन को लेकर तैयारी पूरी कर लिया गया है। इस आयोजन को  लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई है। कार्यक्रम को लेकर हाई स्कूल मैदान में पंडाल सज चुके है। अनुमंडल पदाधिकारी अरविंद कुमार ने आठ शर्तो के साथ धर्मसभा करने की अनुमति दे दिया है। दिए गए शर्तो में एसडीओ ने कहा है कि आयोजन स्थल पर सीसीटीवी से निगरानी एवं वीडियोग्राफी करना अति आवश्यक है। महिला एवं पुरुषों के लिए अलग - अलग बैरिकेटिंग की व्यवस्था, ध्वनि विस्तारक अधिनियम का पालन करना अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावे कार्यक्रम में किसी भी प्रकार का ऐसा उदबोधन नही होगा जिससे किसी भी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचे। कार्यक्रम को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी ने प्रखंड सांख्यिकी पर्यवेक्षक पंकज कुमार मिश्र को दंडाधिकारी के रूप प्रतिनियुक्त किया गया है।।अंचल अधिकारी धर्मदेव चौधरी एवं बख्तियारपुर थानाध्यक्ष रणवीर कुमार को विधि - व्यवस्था के तहत वरीय प्रभार में रहेंगे।इसके साथ - साथ विभिन्न थानों के थानाध्यक्ष भी आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सजग रहेंगे। कार्यक्रम से जुड़े खगेश कुमार ने बताया कि विराट धर्म सभा में पूरे कोसी इलाके से रामभक्त सम्मिलित होंगे। साथ ही देश के विभिन्न इलाको के साधु - संत भी शामिल होंगे। वही राजवीर सिंह ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर प्रचार प्रसार का दौर अंतिम चरण में है। इस मौके पर रोशन राज बादशाह, रितेशवीर जायसवाल, शास्त्री, पंकज यादव, आशीष कुमार, सिंपल चौरसिया, सुमित भगत, रिक्की जैसवाल, राज चौरसिया, सनोज, प्रवीण सहित अन्य कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे है। 

बड़े काम की है पपीते के पत्ते, इनके फायदा जानकर हैरान हो जाएंगे आप

बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज हैैं पपीते के पत्ते, ये 5 फायदे जानते ही कर लेंगे डाइट में शामिल

कोशी बिहार टुडे, सहरसा


आज तक आपने पपीता खाने के तमाम फायदे सुने होंगे, पर क्या आपने पपीते के पत्तों के जूस के बारे में कभी सुना है या कभी पीया है। अगर पीया है तो अच्छी बात है अगर नहीं तो आज से पीना शुरू कर दें, क्योंकि यह हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। नियमित तौर पर इसको पीने से आप कई बड़ी बीमारियों को मात दे सकते हैं। आइए जानते हैं इससे होने वाले फायदों के बारे में।
खून की कमी दूर करे---
पपीते का जूस किसी औषधि से कम नहीं है। आयुर्वेद में भी इसके कई फायदे बताए गये हैं। अगर किसी की ब्लड प्लेटलेट्स कम हो रही हैं तो उसके लिए ये रामबाण इलाज है। इसके लिए उन्हें बस रोजाना इसके जूस को दो चम्मच लगभग तीन महीने तक पीना होगा।
डेंगू में बरदान---
डेंगू और मलेरिया के पेशेंट्स के लिए पपीते के पत्ते किसी वरदान से कम नहीं। अगर किसी को डेंगू या मलेरिया हुआ हो तो इसके लिए भी पपीते के पत्तों का जूस काफी फायदेमंद होता है। यह बुखार में लगातार गिर रही प्लेटलेट्स को मेंटेन करने के साथ-साथ शरीर में कमजोरी को बढ़ने से रोकता है।
कैंसर सेल को बढ़ने से रोके---
कैंसर के पेशेंट्स को पपीते के पत्तों का रस जरूर पीना चाहिए। इसमें कैंसररोधी गुण होते हैं जो कैंसर के सेल्स को बनने से रोकते हैं। इसके अलावा यह इम्यूनिटी को बढ़ाने में भी मदद करते हैं।
पीरियड्स के दर्द को दूर करे---
कुछ लड़कियों और महिलाओं को पीरियड्स के दौरान असहनीय दर्द होता है। पपीते के पत्ते आपको इससे भी निजात दिलाने में मदद करते हैं। इसके लिए पपीते के पत्तों को इमली, नमक और 1 ग्लास पानी के साथ मिलाकर काढ़ा बना लें। जब यह थोड़ा नार्मल हो जाए तब इसे पी लें। आपको आराम मिलेगा।
इन्फ़ेक्सन को दूर रखे---
पपीते के पत्ते का जूस आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाने में मददगार है। इसके जूस को रोजाना पीने से शरीर में बैक्टीरिया की ग्रोथ को रोका जा सकता है। इसके अलावा यह खून में वाइट ब्लड सेल्स को बढ़ाने में भी मदद करता है।

जनआस्था, युवाओं की तपस्या और जनसहयोग से बनी बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेले की पहचान

  बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेला की 21साल संघर्ष से शिखर तक:  आज लाखों कांवरियों की आस्था का केंद्र है बाबा मटेश्वर धाम, लेकिन इसकी शुरुआत कु...