बुधवार, 20 मार्च 2019

भाजपा बिहार में जारी किया उम्मीदवार का लिस्ट, कोसी के मतदान केंद्र के ईवीएम मशीन में इस बार नही दिखेगा कमल निशान


खगरिया के सीट पर फिलहाल एनडीए एव महागठबंधन के उम्मीदवार पर कई अटकलें
कोसी बिहार टुडे, सहरसा

भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति ने बिहार में जदयू-लोजपा से गठबंधन के बाद मिलीं अपने कोटे की 17 सीटों पर उम्मीदवार तय कर लिए हैं। हालांकि औपचारिक  घोषणा होना बांकी है। पार्टी ने मौजूदा सभी सांसदों को टिकट दिया गया है। केवल मधुबनी से सांसद हुकुमदेव नारायण यादव की जगह उनके बेटे अशोक यादव लड़ेंगे। नवादा सीट लोजपा के खाते में जाने से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को बेगूसराय भेजा गया है। भाजपा को इस बार सुपौल, मधेपुरा एव खगरिया का सीट नही मिलने से इस क्षेत्र के मतदान केंद्र के ईवीएम में कमल चिन्ह नही देखने को मिलेगा।

बिहार में सामाजिक समीकरण और बगावत की आशंका को देखते हुए पार्टी ने जोखिम नहीं लिया है। हालांकि जिन सांसदों के टिकट गठबंधन की भेंट चढ़ गए हैं, उन्हें पार्टी ने मान मनौव्वल कर भविष्य में अन्य जिम्मा देने का भरोसा दिलाया है। नवादा सीट लोजपा को मिलने से गिरिराज पार्टी नेतृत्व के सामने नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। पार्टी महासचिव भूपेंद्र यादव और अन्य नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश की है, जिसके बाद माना जा रहा है कि गिरिराज बेगूसराय से ही लड़ेंगे। चुनाव समिति की ओर से देरी के चलते पहले चरण के उम्मीदवारों को पार्टी ने सूचित कर दिया है ताकि वे पर्चा भर सकें।

 ये बेटिकट : सतीश दुबे वाल्मिकीनगर, जनक राम गोपालगंज, वीरेंद्र चौधरी झंझारपुर,  ओम प्रकाश यादव सीवान और हरि मांझी गया का टिकट कटा।
 9 सीटें सवर्णों को, 8 पिछड़े-अतिपिछड़े व दलित को
टिकट बंटवारे में सामाजिक के साथ क्षेत्रीय समीकरण का ध्यान रखने की पूरी कोशिश की गई है। राजपूत, भूमिहार, ब्राह्मण, कायस्थ के साथ वैश्य, यादव और दलित-अति पिछड़ों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। भाजपा की सूची में सर्वाधिक 5 टिकट राजपूत उम्मीदवारों को दिया गया है जबकि यादव को तीन, वैश्य-ब्राह्मण-अति पिछड़ा को दो-दो और दलित-कायस्थ-भूमिहार को एक-एक टिकट दिया गया है। सबसे अहम यह है कि पार्टी ने अपने हिस्से की 17 सीटों पर किसी सांसद को बेटिकट नहीं किया है। जो खुद बाहर गए वे ही बेटिकट हुए। पार्टी ने अपने सांसदों पर भरोसा जताते हुए फिर से टिकट देकर उन तमाम कयासों को ध्वस्त कर दिया, जिसमें मौजूदा सांसदों को बेटिकट करने की बात थी। सीटों की औपचारिक घोषणा के पहले ही सभी उम्मीदवारों को अपने-अपने क्षेत्र में जाकर काम करने का टास्क सौंप दिया गया है।
सभी मौजूदा सांसदों को टिकट-
1. प. चंपारण-    संजय जायसवाल
2. पूर्वी चंपारण-     राधामोहन सिंह्
3. शिवहर-     रमा देवी
4. मधुबनी     -अशोक यादव
5. अररिया-    प्रदीप सिंह
6. दरभंगा-     गोपाल जी ठाकुर
7. मुजफ्फरपुर-      अजय निषाद
8. महाराजगंज-      जनार्दन सिग्रीवाल
9. सारण-    राजीव प्रताप रूडी
10. उजियारपुर-      नित्यानंद राय
11. बेगूसराय-`    गिरिराज सिंह
12. पटना साहिब-     रविशंकर प्रसाद
13. पाटलिपुत्र-     रामकृपाल यादव
14. आरा-    आरके सिंह
15. बक्सर-    अश्विनी चौबे
16. सासाराम-     छेदी पासवान
17. ओरंगाबाद-    सुशील सिंह
महागठबंधन में सीट फाइनल, घोषणा होली के बाद---
महागठबंधन की सीटों और पहले चरण के उम्मीदवारों का ऐलान होली के बाद होगा। वाम को छोड़ अन्य की सीटों पर सहमति बन गई। कांग्रेस और राजद के सूत्रों के मुताबिक वाम दल साथ आए तो माले के लिए राजद और सीपीआई के लिए कांग्रेस को अपनी सीटें देनी होंगी। अगर पप्पू यादव कांग्रेस के बैनर तले चुनाव लड़े, तो उनको खगड़िया सीट देने की खातिर कांग्रेस, शरद के लोजद को एक सीट कुर्बान करने के लिए तैयार करेगी। कांग्रेस कीर्ति आजाद के लिए दरभंगा सीट लेने में कामयाब रही। जीतन राम मांझी ने गया से नामांकन करने का ऐलान किया है।
 40 सीटों पर ऐसे बनी सहमति
 राजद 20
कांग्रेस 9
रालोसपा 4
हम (से.) 3
वीआईपी 2
लोजद 2

सोमवार, 18 मार्च 2019

कोहिनूर स्कूल बना 60 जोड़ो की शादी का गवाह, गरीब मुस्लिम बेटी की शादी में आशीर्वाद के लिये उमड़ी इलाका के लोगो की भीड़

पहली बार हुआ सामूहिक शादी का आयोजन, लोगो ने किया जमकर तारीफ
कोशी बिहार टुडे, सहरसा
                                   (शादी के लिये पहुचा दूल्हा)
नगर पंचायत क्षेत्र  में स्थित कोहिनूर पब्लिक स्कूल बटौआ में सोमवार को 60 जोड़ो का निकाह सम्पन्न हुआ। सभी का निकाह उपस्थित मौलवी ने कराया। इस  सामूहिक निकाह में सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल के तीनों प्रखंड से लोग आए हुए थे। टेंट के साथ नव दम्पत्तियों को दी जाने वाले समानों को अलग अलग जोड़ो को देने के लिए व्यवस्था किया गया था। जिस जोड़ो की निकाह सम्पन्न हो जाता था, उनको समान के साथ सीधे उनके ससुराल के लिये विदा कर देता था। 
आईएसएसए फॉउंडेशन जामिया फैजानुल के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस समारोह का आयोजन किया था। सोमवार को मुख्य अतिथि फाउंडेशन के चैयरमेन सऊद आलम,  मौलाना महबूब आलम कासीमी एवं मौलाना आरिफ पटेल (गुजरात)  कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप से उपस्थित थे। 
                       (नवदम्पति को शादी में दिया गया कई समान)
सोमवार को आयोजित कार्यक्रम ने  60 जोड़ों का सामूहिक निकाह हुआ। निकाह उपरांत नवविवाहिता को तत्काल  सभी साजो सामान देकर ससुराल के लिए विदा किया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये विगत एक सफ्ताह से कोहिनूर पब्लिक स्कूल में तैयारी कर रहा था।
 इस में शामिल होने के लिए बतौर निशुल्क फार्म निकाला गया था जिसकी अंतिम तिथि 25 फरवरी रखी थी। उसके बाद काउंसिलिंग उपरांत पांच दर्जन जोड़ों को शामिल किया गया है। वर्तमान में सिर्फ मुश्लिम परिवार की गरीब की बेटी की शादी हुआ। बाद में दूसरी अवसर पर धर्म के भी गरीब के लड़की की शादी की जाएगी। इस सामुहिक शादी को देखने के लिये अगल-बगल के लोग खासकर महिलाये की भीड़ लगी रही।
यहां के लोगो का सहयोग रहा तो हिन्दू-मुश्लिम 600 गरीब की बेटी का शादी करेंगे---


             
(गुजरात से निःशुल्क शादी कराने पहुचे ईसा फाउंडेशन के अध्यक्ष मौलाना हदीव अहमद)

आईएसएसए (ईसा) फाउंडेशन जामिया फेनाजुल गुजरात के चैयरमेन मौलाना हदीव अहमद ने बताया कि उनके द्वारा गुजरात मे लगभग 500 हिन्दू-मुस्लिम जोड़ो का सामूहिक शादी कराया। इनके अलावे यूपी में भी कराया। इसमे हर लोगो का सहयोग रहा। चैयरमेन हदीव ने बताया कि यह के लोगो का अगर सहयोग रहा तो हम बिहार में इस तरह के आयोजन और करेंगे। उस आयोजन में सभी धर्म के गरीब की बेटी का शादी होगा। मुस्लिम के लिये अलग पंडाल, हिन्दू के लिये पंडित के साथ अलग पंडाल के साथ जो धर्म के लोगो के लिये अलग अलग पंडाल होगा। तत्काल घर की जरूरत की सारे समान जो एक मध्यम परिवार अपनी बेटी को देते है तत्काल देंगे। हमारा मकसद ये है कि कोई गरीब की बेटी दहेज के लिये कुंवारा नही रहे एव दहेज के लिये उनकी हत्या ना हो।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सैयद कासिम अशरफ, ज़फर आलम, महबूब आलम, मो सुभान, अबू नसर, बीडीओ मनोज कुमार, पूर्व मुखिया जमील आफताब, बरकत अली, वजी अहमद, मो मसीर आलम, अब्दुल हन्नान, फैयाज अहमद सहित कई लोग उपस्थित थे। 

रविवार, 17 मार्च 2019

60 गरीब मुस्लिम लड़की की होगी सामूहिक शादी, तैयारी पूरी, गोवा के लोग करा रहे है ये आयोजन


नव दम्पत्तियों को दी जाएगी पलंग, गोदरेज,कुलर,गैस चूल्हा, सिलाई मशीन सहित 16 प्रकार के समान
निकाह समारोह में शामिल होने वाले बरातियों को फूड पैकेट की है व्यवस्था
कोशी बिहार टुडे, सहरसा

नगर पंचायत क्षेत्र के कौहिनूर पब्लिक स्कूल बटौआ में अगामी 18 मार्च को होने वाले सामूहिक निकाह समारोह की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। टेंट के साथ नव दम्पत्तियों को दी जाने वाले समानों को अलग अलग जोड़ो को देने के लिए व्यवस्था किया जा रहा है।
आईएसएसए फॉउंडेशन जामिया फैजानुल के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस समारोह की तैयारी का अंतिम चरण में है। शनिवार को मौलाना महबूब आलम कासीमी एवं मौलाना आरिफ पटेल (गुजरात) ने   बताया कि इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में फॉउंडेशन के चेयरमैन मौलाना हबीब अहमद, मौलाना फैयाज अहमद एवं मौलाना सउद आलम शामिल होंगे। 
उन्होंने बताया कि कुल 60 जोड़ों का सामूहिक निकाह होगा।

 निकाह उपरांत नवविवाहिता को तत्काल  सभी साजो सामान देकर ससुराल के लिए विदा की जाएगी। इस में शामिल होने के लिए बतौर निशुल्क फार्म निकाला गया था जिसकी अंतिम तिथि 25 फरवरी रखी थी। उसके बाद काउंसिलिंग उपरांत पांच दर्जन जोड़ों को शामिल किया गया है। वर्तमान में सिर्फ मुश्लिम परिवार की गरीब की बेटी की शादी होगी। बाद में दूसरी अवसर पर धर्म के भी गरीब के लड़की की शादी की जाएगी। 

शुक्रवार, 15 मार्च 2019

खगरिया सीट पर संसय बरकरार, एनडीए एव महागठबंधन किसी का फाइनल नही


खगरिया से भी पप्पू यादव के चुनाव लड़ने की खूब हो रहा है चर्चा
कोशी बिहार टुडे, सहरसा

खगड़िया संसदीय सीट पर अब तक किसी भी राजनीतिक दल द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा नहीं किये जाने से संशय की स्थिति है। फिलहाल जो तस्वीरें उभर रही हैं उसके मुताबिक मुख्य मुकाबला एनडीए व महागठबंधन के बीच ही होगा। इधर पप्पू यादव की खगरिया से भी  चुनाव लड़ने की चर्चा ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया।
 यादव बहुल क्षेत्र होने के कारण यहां माय समीकरण काफी अहमियत रखता है। यही कारण है कि एनडीए जहां इसमें घुसकर सेंधमारी की कोशिश में है वहीं महागठबंधन माय समीकरण को मजबूती के साथ बचाये रखना चाहती है। दोनों ही गठबंधन के लिए यह बड़ी चुनौती है। 2014 के लोसभा चुनाव की बात करें तो माय समीकरण के बिखरने से एनडीए के लोजपा प्रत्याशी चौधरी महबूब अली कैसर की आसान जीत हुई थी। इस चुनाव में राजद ने पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव को खड़ा किया था तो जदयू ने पूर्व सांसद दिनेश चन्द्र यादव पर भरोसा जताया था।

जदयू के दिनेश चन्द्र यादव 2009 के लोकसभा चुनाव में विजयी रहे थे। कृष्णा यादव पूर्व विधायक व बाहुबली रणवीर यादव की पत्नी थीं। वहीं एनडीए ने लोजपा उम्मीदवार महबूब अली कैसर को खड़ा किया। वे तब कांग्रेा से लोजपा में शामिल हुए थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव में यादव मतों के बिखरने व कुछ अल्पसंख्यकों के लोजपा के पक्ष में जाने से चुनाव परिणाम अप्रत्याशित देखने को मिला। हालांकि उस समय प्रधानमंत्री मोदी की लहर थी।

इस चुनाव में राजद की कृष्णा कुमारी यादव को दो लाख 27 हजार 803 वोट मिले तो जदयू के दिनेश चन्द्र यादव को दो लाख 20 हजार 316 मतों से ही संतोष करना पड़ा। लोजपा के चौधरी महबूब अली कैसर तीन लाख 13 हजार 803 वोट लाकर चुनावी जंग जीत गये। इस तरह उन्हें पहली बार संसद जाने का अवसर मिला। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि त्रिकोणीय मुकाबला नहीं हुआ होता और माय समीकरण एकजुट रहता तो चुनाव परिणाम कुछ और हुआ होता। यही कारण है कि इस बार प्रत्याशियों का चयन काफी सोच-समझ कर किया जा रहा है। यहां बता दें कि खगड़िया जिले में तीसरे चरण में 23 अप्रैल को मतदान होना है।
छह में से पांच पर विधानसभा में जदयू का कब्जा
खगड़िया लोकसभा क्षेत्र के छह विस क्षेत्रों में से पांच पर जदयू तो एक पर राजद का कब्जा है। खगड़िया सदर, परबत्ता, बेलदौर, सिमरी बख्तियारपुर व हसनपुर पर जदयू का तो वहीं अलौली सुरक्षित सीट पर राजद का कब्जा है। खगड़िया सदर की पूनम देवी यादव, परबत्ता के आरएन सिंह, बेलदौर से पन्ना लाल पटेल, सिमरी बख्तियारपुर के दिनेश चन्द्र यादव व हसनपुर के राज कुमार विधायक हैं जबकि अलौली के विधायक चंदन कुमार हैं।

मंगलवार, 12 मार्च 2019

17 सीटों पर JDU के आधा दर्जन प्रत्याशियों के नाम लगभग तय, मुहर लगना बाकी


लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल में सरगर्मी तेज
कोशी बिहार टुडे, सहरसा

  एनडीए गठबंधन में सीटों की संख्या को लेकर सहमति बन चुकी है. लेकिन कौन-कौन सी सीट पर किस दल का प्रत्याशी लड़ेंगा. इसको लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के तीनों दल दिल्ली में बैठक कर रहे हैं. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि 15 मार्च से पहले सभी नाम सामने होंगे. वहीं, जेडीयू ने मोटे तौर पर अपने उम्मीदवारों के नामों का चयन कर लिया है.

बिहार में जेडीयू और बीजेपी ने बराबर-बराबर सीटों पर सहमति बनाई है. दोनों दल 17-17 सीटों पर लड़ेंगे. लेकिन कौन सी सीट किस दल का प्रत्याशी खड़ा होगा, ये तय होना बाकी है. दिल्ली में इसे लेकर मंथन का दौर जारी है. मिल रही जानकारी के मुताबिक जेडीयू ने जिन 17 सीटों पर चुनाव लड़ने का मन बनाया है, उसमें से दर्जन भर सीटों पर प्रत्याशियों के नाम लगभग तय कर दिए हैं।
जेडीयू के संभावित प्रत्याशी
जानकारी के मुताबिक जेडीयू में मुंगेर से ललन सिंह, पूर्णिया से संतोष कुशवाहा, दरभंगा से संजय झा, मधेपुरा से दिनेश चंद्र यादव, नालंदा से कौशलेंद्र कुमार, गोपालगंज से डॉक्टर आलोक सुमन, सुपौल से दिलेश्वर कामत, जहानाबाद से नरेंद्र सिंह, किशनगंज से मनाजिर हसन और काराकाट से रालोसपा के बागी नेता नागमणि का नाम सुर्खियों में है।
ये भी हैं प्रबल प्रत्याशी
इसके अलावा जेडीयू ने महाराजगंज, बांका, पाटलिपुत्र, सीतामढ़ी, औरंगाबाद झंझारपुर और बेतिया सीट पर भी दावा ठोक रखा है. जानकारी के मुताबिक रामकृपाल यादव पाटलिपुत्र से जेडीयू के प्रत्याशी हो सकते हैं. जेडीयू सीतामढ़ी से रामदुलारी देवी को उतार सकती है।

रविवार, 10 मार्च 2019

पढिये, कोसी के तीनों जिला तृतीय चरण में तो दरभंगा चतुर्थ चरण


लोकसभा चुनाव बिहार: जानें किस जिले में किस तारीख को होगा मतदान
कोशी बिहार टुडे, सहरसा



निर्वाचन आयोग ने रविवार को शाम करीब पांच बजे लोसभा चुनाव 2019 की तारीखों का ऐलान कर दिया। इस बार देशभर में 7 चरणें में लोकसभा चुनाव संपन्न होंगे। बिहार और उत्तर प्रदेश में सभी जिलामें सात चरणों में चुनाव होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इस बार लोगों को ईवीएम मशीन में उम्मीदवार की तस्वीर भी दिखाई जाएगी। कोसी के तीन जिला सहरसा, सुपौल एव मधेपुरा में तीसरा चरण तो दरभंगा में चतुर्थ चरण में मतदान होगा।
जानें बिहार में जिलावार मतदान की तारीख-
11 अप्रैल, प्रथम चरण
- औरंगाबाद, गया, नवादा और जमुई
18 अप्रैल, दूसरा चरण
- किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया,भागलपुर, बांका
23 अप्रैल, तीसरे चरण में
- झंझारपुर,सुपौल,अररिया,मधेपुरा, खगड़िया
29 अप्रैल, चौथे चरण में
- दरभंगा,उजियारपुर,संसतीपुर,बेगूसराय, मुंगेर
6 मई, पांचवा चरण में
- सीतामढ़ी,मधुबनी, मुजफ्फरपुर,सरन,हाजीपुर
12 मई, छठे चरण में
- वाल्मीकिनगर,पूर्वी और पश्चिमी चंपारण,शिवहर,वैशाली,गोपालगंज, महराजगंज,सिवान
19 मई, सातवे चरण में
- नालंदा,पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, काराकाट, जहानाबाद, बक्सर, सासाराम में लोकसभा  चुनाव होगा।
लोकसभा चुनावों के साथ विधानसभा चुनाव भी-
निर्वाचन आयुक्त सुनील आरोड़ा ने मीडिया को जानकारी दी कि लोकसभा चुनाव 2019 के साथ ही आंध्रप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और ओडिशा में विधानसभा चुनाव भी आयोजित कराए जाएंगे। यानी लोकसभा चुनाव के साथ ही चार राज्यों के विधानसभा चुनाव भी होंगे।
श्रोत-हिंदुस्तान

शनिवार, 9 मार्च 2019

सीटों के फेर में फंसी कांग्रेस में कई नेता कर रहा है इंट्री का इंतजार, पप्पू यादव के भी कांग्रेस से चुनाव लड़ने की चर्चा


सीट फाइनल नही होने से कई नेता असमंजस में
कोशी बिहार टुडे, सहरसा

कांग्रेस भले ही लोकसभा चुनावों में बीते तीन दशक से बिहार में बहुत प्रभावी भूमिका में न हो, पर इस बार हालात कई मायने में अलग हैं। पिछले कई चुनावों से उम्मीदवारों का टोटा झेल रही कांग्रेस के साथ इस बार यह दिक्कत नहीं है। लेकिन अब पार्टी को नए लोगों को शामिल कराने में दिक्कत हो रही है। असल में जो आना चाहते हैं, उनमें कई जाने माने नाम हैं और वो टिकट की गारंटी चाहते हैं।
कांग्रेस से लड़ने को इच्छुक है पप्पू यादव---
सांसद पप्पू यादव इस बार कांग्रेस से लड़ने को इच्छुक हैं। मगर राजद कैंप की नाराजगी आड़े आ रही है। हालांकि उनका नाम पूर्णिया से भी उछाला जा रहा है। पूर्व सांसद पप्पू सिंह भाजपा को अलविदा कह चुके हैं। कांग्रेस के टिकट पर पूर्णिया सीट पर लड़ना चाहते हैं किंतु सीट किसके खाते में जाएगी, इस असमंजस के कारण अब तक कांग्रेस में शामिल नहीं हुए हैं।
महागठबंधन में सीट बंटवारे पर अभी फैसला नहीं हुआ है। जो सीटें कांग्रेस को मिलने की उम्मीद है, उसके हिसाब से पार्टी के पास प्रत्याशी भी मौजूद हैं। कांग्रेस के खाते में वर्ष 2014 में 12 सीटें आई थीं। तब पार्टी के लिए दर्जनभर मजबूत प्रत्याशी जुटा पाना भी मुश्किल हो रहा था। मगर इस बार पार्टी के पास करीब डेढ़ दर्जन ऐसे नाम हैं, जिन्हें चुनावी दृष्टि से दमदार कहा जा सकता है। पर दिक्कत यह है कि महागठबंधन में कांग्रेस को सीटें दस-ग्यारह से ज्यादा नहीं मिलने जा रही हैं।
ऐसे में नए लोगों की एंट्री संभव नहीं हो पा रही, जबकि कई ऐसे नाम सुर्खियों में हैं, जो टिकट की गारंटी मिले तो 'हाथ' के साथ आने को तैयार हैं। जिन नामों की चर्चा है उनमें सिने अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा, सांसद अरुण कुमार और पप्पू यादव एवं पूर्व सांसद पप्पू सिंह सहित कई प्रमुख लोग हैं। एनसीपी छोड़ तारिक अनवर और हाल में भाजपा से आए कीर्ति आजाद कांग्रेसी हो चुके हैं। कटिहार से तारिक की राह तो टिकट के लिए आसान दिखती है लेकिन दरभंगा में अभी पेच फंसा है।
कांग्रेस को सीट मिले तो कई आने को तैयार ---शत्रुघ्न लगातार भाजपा के खिलाफ बोल रहे हैं। एक-एक करके सभी गैर भाजपाई दलों के नेताओं से मिल भी चुके हैं। उनके कांग्रेस के साथ आने की चर्चा थी मगर यह तभी संभव है जब पटनासाहिब सीट कांग्रेस के खाते में जाए। जहानाबाद के सांसद अरुण कुमार रालोसपा का दामन छोड़ चुके हैं। भाजपा के खिलाफ भी वे बोलते रहे हैं। उनके भी महागठबंधन से लड़ने की चर्चाएं हैं। कांग्रेसी सूत्र उनके संपर्क में होने की बात तो कहते हैं किंतु उसके लिए नवादा सीट पार्टी के खाते में आना जरूरी है। 
श्रोत-हिंदुस्तान

जनआस्था, युवाओं की तपस्या और जनसहयोग से बनी बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेले की पहचान

  बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेला की 21साल संघर्ष से शिखर तक:  आज लाखों कांवरियों की आस्था का केंद्र है बाबा मटेश्वर धाम, लेकिन इसकी शुरुआत कु...