मंगलवार, 15 सितंबर 2020

चुनाव से पहले एम्स का तोहफा:दरभंगा में 1264 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा बिहार का दूसरा एम्स, चार साल में पूरा होगा 750 बेड का अस्पताल


दरभंगा एम्स बनने से न केवल उत्तर बिहार के बल्कि नेपाल तक के लोगों को फायदा होगा। 

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



दरभंगा एम्स में 100 एमबीबीएस, 60 बीएससी नर्सिंग व एमडी-एमसीएच जैसी सुपर स्पेशिलिटी डिपार्टमेंट भी होगा

वित्त मंत्रालय से पहले ही मिल चुकी है हरी झंडी, खर्च होगा 1264 करोड़


विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले केंद्र से बिहार को सौगात मिलने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को नरेंद्र मोदी कैबिनेट ने बिहार के लोगों को एक और तोहफा दिया। दरभंगा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को मंजूरी दी। इसके साथ ही बिहार में पटना के बाद दूसरा एम्स बनने का रास्ता साफ हो गया है।


दरभंगा एम्स, 750 बेड का होगा। 1264 करोड़ रुपए की लागत से यह एम्स करीब 48 महीने में बनकर तैयार होगा। दरभंगा एम्स में एमबीबीएस की 100 सीटें, बीएससी नर्सिंग की 60 सीटें निर्धारित की गई हैं। इसमें 15 से 20 सुपर स्पेसिलिटी डिपार्टमेंट भी होगा। इसका निर्माण प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत किया जाएगा। केंद्रीय वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2015-16 के बजट भाषण में दरभंगा एम्स की घोषणा की थी। एम्स बनने से प्रत्यक्ष रूप से करीब 3000 लोगों को रोजगार मिलने की भी उम्मीद है।

डायरेक्टर के एक पद सृजन को भी मंजूरी

केंद्रीय कैबिनेट ने दरभंगा एम्स के लिए डायरेक्टर के एक पद के सृजन को भी मंजूरी दी है। डायरेक्ट के लिए मूल वेतन 225000 रुपए निर्धारित किए गए हैं। अलाउंसेज आदि मिलाकर 237500 रुपए से अधिक नहीं, तय किया है।

वित्त मंत्रालय ने 25 अगस्त को ही 1264 करोड़ की दी थी मंजूरी

दरभंगा में एम्स के निर्माण पर खर्च होने वाली 1264 करोड़ रुपए की मंजूरी वित्त मंत्रालय ने पहले ही दे दी थी। 25 अगस्त को केंद्रीय वित्त सचिव की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय के प्राइमरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर वित्त मंत्रालय ने मुहर लगाते हुए अनुमानित राशि की स्वीकृति दे दी। प्राइमरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार दरभंगा एम्स 750 बेड का होगा और इसके निर्माण कार्य पर 1264 करोड़ रुपए खर्च होने की संभावना है।


उत्तर बिहार के लोगों को होगा फायदा

दरभंगा एम्स बनने से न केवल उत्तर बिहार के बल्कि नेपाल तक के लोगों को फायदा होगा। खासकर के बेतिया से लेकर कोसी और सीमांचल के सहरसा, सुपौल और पूर्णियां तक के लोगों स्वास्थ्य क्षेत्र में इसका फायदा होगा। उत्तर बिहार के लोगों को पटना पर निर्भरता कम होगी। इनपुट-दैनिक भास्कर

सोमवार, 14 सितंबर 2020

नल-जल योजना में कंपनी ने मचा रखी है लूट, रात के अंधेरे में होता है नल-जल का कार्य

 महम्मदपुर पंचयात में चल रहे नल-जल कार्य मे ग्रामीणों ने लगाया अनियमितता का आरोप, मुखिया रमेश यादव ने कहा कुछ तो गड़बड़ है तभी तो रात्रि में किया जा रहा कार्य

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



नल-जल योजना में लगातार पंचयात से शिकायत आती रहती है कि संवेदक के द्वारा सही कार्य नही किया जा रहा है जिन कारण नल-जल योजना पंचयात में सफल नही हो रहा है। ताजा मामला सहरसा जिले के सिमरीबख्तियारपुर प्रखंड के  महम्मदपुर पंचयात का हाल जहाँ दिन में नही बल्कि रात्रि में नल-जल का कार्य होता है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात्रि में जब लोग सो जाता है तो नल-जल का कार्य शुरू किया जाता है। सुबह लोग के उठने से पहले ही कार्य समाप्त कर वापस चला जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि बहुत गड़बड़ है इनकी जांच किया जाए। इधर कार्य स्थल पर ना तो संवेदक एवं ना ही इंजीनियर नजर आता है, जैसे तैसे नल-जल का कार्य किया जा रहा है। महम्मदपुर पंचयात के पूर्व मुखिया पति शिवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि महम्मदपुर पंचयात में चार अलग अलग संवेदक को नल-जल का कार्य मिला है। आज तक उस पंचयात में ना तो संवेदक एवं ना कि पीएचडी के इंजीनियर झांकने तक आया है। मजदूर के भरोसे नल-जल का कार्य किया जा रहा है। 

 पंचयात के मुखिया रमेश यादव का कहना है कि रात्रि के अंधेरे में नल-जल का कार्य करना गलत है। स्थल में ना तो कभी संवेदक झांकने आता है एवं ना ही इंजीनियर। मजदूर के भरोसे पूरे महमददपुर पंचयात में नल-जल का कार्य किया जा रहा है। मुखिया ने प्रशासन से जांच की मांग किया है। 

क्या कहते है पीएचडी जेई---उस सम्बन्ध में पीचडी के जेई नीरज कुमार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि हमें जानकारी नही है कि रात्रि में कार्य किया जा रहा है। हम खुद स्थल पर जाकर जांच करेंगे। 

वही नल जल का कार्य करा रहे कंपनी एसबीफी ग्रीन के प्रोजेक्ट मैनेजर सन्नी सिंह ने बताया की काम का लोड ज्यादा है कम समय है जिस कारण दो शिप्ट में कार्य किया जा रहा है। मेटेरियल में किसी तरह की अनियमितता नही है। अगर गांव वालों को लगता की गड़बड़ी है तो ख़ुद बैठकर कार्य करावे। 

इस संबंध में अनुमण्डल पदाधिकारी बीरेन्द्र कुमार ने बताया कि रात्रि में कार्य करना गलत है। हम इनकी जांच करेंगे कि किनके आदेश पर रात्रि में ढलाई कार्य किया जा रहा है। वेसे पता कर रहे क्या मामला है। 

रविवार, 13 सितंबर 2020

झूठे केश में फसाने के लिये लोकेश ने रचा 1 लाख 80 रुपये लूट का षडयंत्र

भौरा पूल के समीप शुक्रवार की संध्या लूट की घटना निकला फर्जी, अब फर्जी केश करने वाले पर चलेगा मामला

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



 शुक्रवार की संध्या भौरा पूल के समीप मारपीट कर 1 लाख 80 हजार रुपये लूट के अभियुक्त बने अनिल यादव ने बख्तियारपुर थाना में आवेदन देकर लोकेश यादव सहित तीन पर उधार की रुपये मांगने पर मारपीट 40 हजार रुपये लिए जाने का आरोप लगाया है। वही शुक्रवार को भौरा पूल के समीप लूटपाट की घटना को पूरी तरह से फर्जी बताया। मानसी थाना के धमराघाट वार्ड नम्बर 2 निवासी अनिल यादव ने बख्तियारपुर थाना में आवेदन देकर कहा है कि बख्तियारपुर थाना अंतर्गत सरोजा पंचयात के गल्फारिया निवासी लोकेश यादव पिता अरुण यादव से अच्छे संबंध थे जिनके बीच पूर्व से लेनदेन होता रहता था। दिनांक 27 दिसंबर 18 को मुझे विश्वास में लेकर 50 हजार रुपये उधार लिया। जिसमे लोकेश यादव के खाता में 25 हजार एवं उनके पत्नी कविता देवी के खाता में 25 हजार रुपये दिया। लिये गए रुपये 15 दिन के अंदर वापस करने का वादा किया था। उक्त अवधि बीतता गया जब में रुपये मांगने गया तो टाल-मटोल करता रहा। दिनांक 10 सितंबर को लिये गए रुपये देने के लिये नगर पंचयात के पोस्ट आफिस गली के विवेकानंद यादव के घर पर बुलाया गया। जब में पोस्ट गली विवेकानंद यादव के मकान पर गया तो लोकेश यादव, मुकेश यादव एवं अरुण यादव एवं कुछ अग्यात लोग मेरे साथ मारपीट कर गाली-गलौज करते हुए हमलोगों के साथ मारपीट कर घायल कर दिया। मारपीट में मेरे गले से चेन एवं मेरे भाई बिजेंद्र यादव के जेब से 40 हजार रुपये निकाल लिया। ये लोग मेरा दिया उधारी बेईमानी करने की नीयत से मेरे साथ मारपीट किया। 

क्या कहना है थानाध्यक्ष का--

इस मामले में थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार ने बताया कि लोकेश यादव एवं अनिल यादव के बीच आपसी लेनदेन का विवाद था। जिसमे पंचयात भी हुआ था।झूठी केश में फसाने के लिये भौरा पूल के समीप लोकेश यादव के द्वारा लूटपाट का षडयंत्र रचा गया था।

बुधवार, 2 सितंबर 2020

राजद कार्यकर्ता ने वर्तमान राजद विधयाक के खिलाफ फूंका बिगुल, ज़फर आलम मंजूर नही, बांकी कोई भी उम्मीदवार मान्य

 

कोशी बिहार टुडे, सहरसा

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सिमरी बख्तियारपुर में सियासी पारा बढ़ता जा रहा है। बुधवार को राजद के स्थानीय कार्यकर्ताओं व कई पदधारी नेताओं ने एक स्वर में वर्तमान विधायक जफर आलम का विरोध करते हुए राजद आलाकमान से वर्तमान विधायक को टिकट ना देने की मांग किया। इस संबंध में सिमरी बख्तियारपुर अंतर्गत हटिया गाछी स्थित सत्संग मंदिर भवन में पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की एक बैठक आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने अपने - अपने विचार रखे। बैठक की अध्यक्षता प्रखण्ड राजद अध्यक्ष हैलाल असरफ ने और संचालन अभय भगत ने किया। बैठक में एक स्वर में वर्तमान स्थानीय विधायक जफर आलम पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध का बिगुल फूंक दिया। वही इन नेताओं ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के पास इनको दोबारा टिकट ना देने की बात से अवगत कराया जाएगा। अगर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इन्हें दोबारा यहां से टिकट देती है तो हम सभी इनका पुरजोर विरोध करेंगे। बैठक उपरांत मीडिया से बात करते हुए राजद प्रदेश महासचिव अभय भगत ने कहा कि राजद के  प्रदेश एवं जिलास्तर के सभी लोगो की एक ही मांग है कि इस बार सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा का ही उम्मीदवार होना चाहिए। हमे बाहरी लोग नही चाहिए। जफर आलम जैसे तानाशाह उम्मीदवार नही चाहिए। वही राजद के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव मीर रिजवान ने कहा कि सभी कार्यकर्ताओ ने एक मत हो कर यह निर्णय लिया है कि वर्तमान विधायक की नीति और नियत किसी भी कार्यकर्ताओ के संग सकारात्मक नही रहा। जिससे सभी कार्यकर्ता दुखी है। इसलिए आलकमान से निवेदन है कि जफर आलम जैसे अहंकारी को टिकट ना दिया जाए। 



वही आरजेडी पंचायती राज प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मिथिलेश विजय ने कहा कि वर्तमान विधायक जफर आलम जनता एवं कार्यकर्ताओ के विश्वास पर खड़ा नही उतर पाए। हम सभी आलाकमान से यह अवगत करायेंगे की जफर आलम को छोड़ कर किसी भी सिमरी बख्तियारपुर के बेटे को टिकट दिया जाए। अगर पुनः शीर्ष नेता जफर आलम को टिकट देती है हम सभी उसका विरोध करेंगे। वही राजद महिला  प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष गुंजन देवी ने कही कि सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा के लोग को टिकट मिले। 

राजद प्रखण्ड अध्यक्ष हैलाल असरफ ने कहा कि स्थानीय विधायक जफर आलम ने अपने व्यवहार से जनता और कार्यकर्ता को नाखुश किया। विधायक ने जितने के बाद एक बार भी कार्यकर्ताओ तक की बैठक नही की और ना ही पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में सफल तक नही होने दिया। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष विनोद यादव, राजेंद्र यादव, सुरेश यादव, अरुण यादव, नंद किशोर यादव, गुलटेन यादव, विपिन भगत, प्रदीप सिंह, कमलेश्वरी निराला, सुरेंद्र यादव, रामसोगारथ यादव, पुकार कुमार साह,  अनिल यादव, कारी चौधरी, अशोक यादव, जमील अख्तर, चंदन साह, रागिब हुसैन सहित अन्य मौजूद थे। 

इस संबंध में राजद विधायक ज़फर आलम ने बताया कि राजद की कोई बेठक की जानकारी मुझे नही है। मेरा वही लोग विरोध कर रहा है जो खुद टिकट के लिये भागदौड़ कर रहा है एवं पहले से दूसरे दल को मदद करता रहा है। 

शनिवार, 29 अगस्त 2020

मोहर्रम को लेकर नगर पंचायत सिमरीबख्तियारपुर में निकली एसपी के नेतृत्व में प्लेग मार्च


कोशी बिहार टुडे, सहरसा


मुहर्रम में लॉकडाउन का पालन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से पर्व मनाने को लेकर एसपी राकेश कुमार के नेतृत्व में शनिवार को फ्लैग मार्च निकाला गया.जो थाना परिसर से शुरू होकर नगर पंचायत स्थित ब्लॉक चौक , शर्मा चौक , मुख्य बाजार से होते स्टेशन चौक, मालगोदाम रोड, रानीबाग , रंगिनियां चौक, पहाड़पुर पहुंचा और पुनः एनएच होकर पुरानी बाजार होते थाना पर समाप्त हो गया.इस मौके पर एसपी राकेश कुमार ने कहा कि इसबार सरकार का निर्देश है कि ना तो कोई ताजिया निकलेगा एवं ना ही किसी भी तरह का जुलूस निकाला जाएगा. कोरोना को लेकर सभी लोगो की इस महामारी से खुद को बचाते हुए समाज को भी बचाना है।



वही एसडीओ वीरेंद्र कुमार ने कहा कि शांती भंग करने वालो को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जायेगा.वही डीएसपी मृदुला कुमारी ने कहा कि पर्व में गश्ती बढ़ा दी जाएगी.साथ ही किसी प्रकार की पर्व के दौरान कोई घटना घटती है तो इसकी सूचना तुरंत थाना को दें.ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान किसी प्रकार का खलल डालने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.फ्लैग मार्च में बीडीओ मनोज कुमार, सीओ कृष्ण कुमार सिंह  , सर्किल इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार, थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार, मो  हस्सान आलम, नगर पंचायत अध्यक्षा प्रतिनिधि मोजाहिर आलम, उपाध्यक्ष विकास कुमार सहित पुलिस बल मौजूद रहें।


10 करोड़ खर्च के बाद भी एक बूंद पानी नही निकला जल-मीनार से, पानी साफ करने वाले संयंत्र को खा रहा है जंग

गांव गांव में नल-जल चालू, जबकि शहर में पूरी तरह से फ्लॉप

कोशी बिहार टुडे



नगर पंचायत वासियो के लिये साफ पानी सपना ही बना है। 10 करोड़ खर्च के बाद भी नगर पंचयात के प्लस टू उच्च विद्यालय सिमरीबख्तियारपुर के पीछे हटिया गाछी में बना जलमीनार से नगर वासियो को काफी खुशी मिली थी कि अब नगर के लोगो को साफ पानी उपलब्ध होगा, लेकिन उद्घाटन के चार साल बाद भी जलमीनार से एक बूंद पानी भी नही निकला है। 

3 नबंवर 16 को हुआ था उदघाटन---

3 नबम्बर 2016 को तत्कालीन स्थानीय विधायक सह वर्तमान सासंद दिनेश चंद्र यादव, पूर्व विधयाक डॉ अरुण कुमार एवं तत्कालीन नगर अध्यक्ष सीमा कुमारी गुप्ता के द्वारा इस जलमीनार का उदघाटन किया था। उस समय जलमीनार को चलाने वाले एवं इनकी देखरेख करने वाले इंजीनियर के द्वारा बताया गया था कि एक महीने के अंदर नगर के लोगो को स्वच्छ पानी मिलना प्रारम्भ हो जाएगा। लेकिन एक महीने क्या चार साल बीत जाने के बाद एक बूंद पानी भी जलमीनार से नही निकल सका है। नगर पंचयात के 15 वार्ड में पानी सप्लाई किया जाना था, जिसमे एक मुख्य बाजार जबकि दूसरा रानीहाट के कोसी प्रोजेक्ट परिसर में प्लांट लगा है। 

नगर विकास विभाग ने नगर पंचायत सिमरी बख़्तियारपुर में शुद्ध पानी सप्लाई के लिये 8 करोड़ 19 लाख 30 हजार रुपए निर्गत किया था।



नालंदा इंडिकॉम प्राइवेट लिमिटेड को टेंडर के द्वारा सिमरी बख़्तियारपुर का कार्य शुरू किया गया। गगनचुंबी टंकी, दो पम्प चेंबर एवं पाइप लाईन भी बिछ गया। आवश्यक स्थानों पर जल स्तंभ भी बनाया गया। कई जगह अभी तक जलस्तम्भ अभी तक पूरा नही हुआ है। लेकिन अभी तक शुद्ध पेयजल आपूर्ति संभव नहीं हो सकी है। नगर पंचायत सिमरी बख़्तियारपुर कार्यालय के द्वारा दिया जानकारी के अनुसार 19 जनवरी 15 को 3 करोड़ 68 लाख 30 हजार 600 रुपये, 28 सितंबर 16 को 2 करोड़ 15 लाख 30 हजार, एवं 31 मार्च 2016 को 2 करोड़ 36 लाख 600 रुपए कार्य के लिये नालंदा इंडिकॉम को दिया गया। कुल 8 करोड़ 19 लाख 30 हजार 600 रुपये दिया भुगतान कर दिया गया है। घर घर पानी का कनेक्शन देने के लिये विभाग ने लगभग 2 करोड़ रुपये राशि निर्गत भी  किया है

क्या कहते है कार्यपालक पदाधिकारी--

नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी कमलेश कुमार प्रसाद का कहना है कि बुडको के द्वारा नगर पंचयात को जलमीनार सुपुर्द नही किया गया है। जब तक बुडको नगर पंचायत को हस्तगत नही कराएगा, तब तक पानी सप्लाई संभव नही है। 

क्या कहते है बुडको के कार्यपालक अभियंता---

बुडको के कार्यपालक अभियंता अनिल शर्मा ने बताया कि मेरे द्वारा दो बार नगर पंचायत को पत्र दिया गया है कि आप अपने कार्यालय के नाम पर बिजली कनेक्शन लीजिये एवं नगर को पानी का सप्लाय चालू कीजिये, लेकिन आज तक नगर के द्वारा बिजली कनेक्शन नही लिया गया, जिन कारण पानी का सप्लाय बन्द है। 

बुधवार, 19 अगस्त 2020

धमारघाट रेल हादसा: 7 साल में सिर्फ एक फुट ओवरब्रिज एवं एक अर्धनिर्मित प्लेटफार्म बना,

 

19 अगस्त 13 को हुए राज्यरानी रेल हादसे देश के प्रमुख रेल-दुर्घटना में एक था

कोसी बिहार टुडे, सहरसा


आज ही के दिन 7 वर्ष पहले वो मनहूस दिन था, जब धमारा घाट स्टेशन पर एक साथ एक ही समय 28 लोगों राज्यरानी एक्सप्रेस ने गाजर-मूली की तरह काट दिया था।  घटना के बाद चीत्कार, गम और गुस्से में लोग थे। हर तरफ का माहौल गमगीन था। उस घटना को आज भी याद कर स्थानीय लोग सिहर जाते हैं। आखिर हो भी क्यों नहीं? एक साथ 28 श्रद्धालुओं की मौत के बाद धमारा घाट स्टेशन पर जमकर हंगामा हुआ था। आक्रोशित लोगों ने ट्रेनों में आग लगा दी थी। स्टेशन परिसर में लूटपाट की घटना हुई थी। हाल यह था कि कई घंटों तक स्टेशन असमाजिक तत्वों के कब्जे में रहा था। 

राज्यरानी की चपेट मे आने से हुई थी मौतें: 

 19 अगस्त 2013 का दिन बैरागन का था। मानसी-सहरसा रेलखंड के धमारा घाट स्टेशन पर एक पैसेंजर ट्रेन एक नंबर लाइन पर आकर रुकती है। जबकि दूसरी पैसेंजर ट्रेन तीसरे नंबर लाइन पर आकर रुकती है। मां कात्यायनी का बैरागन का दिन रहने के कारण हजारों की संख्या में श्रद्धालु ट्रेनों से उतर कर सीधे शक्तिपीठ स्थल माता कात्यायनी के मंदिर की ओर चल देते हैं। उसमें से कुछ लोग गाजे-बाजे के साथ जा रहे हैं। उसी वक्त 9 बजकर 52 मिनट पर सहरसा से पटना जाने वाली राज्यरानी एक्सप्रेस बीच वाली लाइन पर आती है। चूंकि राज्यरानी का धमारा घाट स्टेशन पर ठहराव नहीं है। इसी कारण ट्रेन थ्रू होकर बीच वाली लाइन से गुजरने वाली होती है। लेकिन पटरी से होकर यात्री व श्रद्धालु गुजर रहे थे। जबतक ड्राइवर इमरजेंसी ब्रेक लगा पाते तबतक ट्रेन की चपेट में आने से 28 श्रद्धालुओं की मौतें हो चुकी थी। इस घटना के बाद  स्टेशन पर जमकर हंगामा हुआ। स्टेशन कार्यालय में तोड़फोड़ हुआ। आक्रोशित लोगों ने ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया। चारों ओर कोहराम मच गया। मरने वालों में ज्यादातर लोग चौथम, मानसी और खगड़िया प्रखंड के थे। वहीं दो-दो मृतक बेगूसराय और समस्तीपुर के थे। इसके बाद मरने वालों के परिजनों को रेलवे में पांच-पांच और राज्य सरकार ने दो-दो लाख रुपये दिया। घटना के बाद रेल राज्य मंत्री अधीर रंजन चौधरी भी धमारा घाट पहुंचे थे। 


खुब हुआ हंगामा, लेकिन नहीं बन सकी सड़क---

धमारा घाट हादसे के बाद जमकर हंगामा हुआ। भूख हड़ताल ओर लोक गायक छैला बिहारी से लेकर युवा शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी बैठे। इधर स्टेशन से मां कात्यायनी मंदिर तक सड़क निर्माण भी श्रमदान से शुरू हुआ। लेकिन आजतक सड़क नहीं बन सकी है। मुख्यमंत्री सड़क निर्माण से मंदिर तक सड़क का निर्माण हो रहा है। जो आज तक पूरा नहीं हो सका है। अभी बाढ़ के दिनों में एक बार फिर पटरी से होकर यात्री व श्रद्धालु गुजरने को मजबूर हैं। जबकि धमारा घाट स्टेशन का भी सौन्द्रीयकरन का कार्य नहीं हो सका है। बस एकमात्र फुट ओवर ब्रिज बन सका है। घटना के 7 साल बीत जाने के बाद भी धमारा घाट स्टेशन का कायाकल्प नही हो सका है। 

जनआस्था, युवाओं की तपस्या और जनसहयोग से बनी बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेले की पहचान

  बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेला की 21साल संघर्ष से शिखर तक:  आज लाखों कांवरियों की आस्था का केंद्र है बाबा मटेश्वर धाम, लेकिन इसकी शुरुआत कु...