इस सड़क के बन जाने से सिमरी के 5 तो कहरा के तीन पंचायत के लाखो लोगो को मिलेगा लाभ
मंगलवार, 2 मई 2023
10 किलोमीटर लंबी सड़क का सासंद ने किया शिलान्यास, 7 करोड़ की लागत, 5 पंचायत के लोगो को सीधा लाभ
शुक्रवार, 28 अप्रैल 2023
सांसद व विधायक ने ढेड़ करोड़ से ज्यादा की लागत से बनें कई मनरेगा योजनाओं का किया उद्घाटन
आमजनों से मिलने से उसके समस्याओं से अवगत हो निराकरण का मिलता है मौका - सांसद
सोमवार, 24 अप्रैल 2023
सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद में बनेगा चिल्ड्रेन पार्क एवं सार्वजनिक शौचालय
नगर परिषद बनने के बाद भी नही बना एक भी सार्वजनिक शौचालय, लोगो को परेशानी
कोशी बिहार टुडे, सहरसा
प्रखंड कार्यालय परिसर में सार्वजनिक शौचालय एवं बच्चे को खेलने के लिए चिल्ड्रेन पार्क का निर्माण किया जाएगा। इसकी कवायद शुरू हो चुका है। सोमवार को बीडीओ अमित कुमार के द्वारा परिसर का निरीक्षण किया। बीडीओ अमित कुमार ने बताया की सार्वजनिक शौचालय नहीं रहने से पंचायत से प्रखंड आने वाले लोगो को खासकर महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ये मांग भी पूर्व से उठता आ रहा है। इसी को लेकर एसडीओ अनीशा सिंह के द्वारा निर्देश दिया गया था। एसडीओ के निर्देश पर बीडीओ के द्वारा सोमवार को स्थल निरीक्षण किया। सिमरी बख्तियारपुर में अवर निबंधन कार्यालय भी है। जहा ग्रामीण क्षेत्र से काफी संख्या में लोग जमीन का खरीद बिक्री का निबंधन कराने आता है। जिसमे शौचालय नही रहने के कारण खासकर महिलाओ को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बनेगा बच्चे का चिल्ड्रेन पार्क:
सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड में 20 पंचायत एवं एक नगर परिषद है। लेकिन एक भी चिल्ड्रेन पार्क नही है। अगर पार्क का निर्माण हो जाता है तो छोटे छोटे बच्चे को खेलने का एक पार्क हो जायेगा।
इस दौरान बीडीओ अमित कुमार ने कहा कि सिमरी बख़्तियारपुर प्रखंड में छोटे छोटे बच्चों को खेलने के लिए एक भी पार्क नही है। जिसके मद्देनजर अनुमंडल पदाधिकारी अनीषा सिंह के निर्देश पर प्रखंड कार्यालय परिसर में पर्याप्त भूमि को देखते हुए स्थलीय निरीक्षण किया गया। जिसकी जांच रिपोर्ट एसडीओ को समर्पित किया जाएगा। उसके उपरांत चिल्ड्रेन पार्क निर्माण की दिशा में कार्य प्रारंभ किया जाएगा। अगर पार्क बन जाता है तो जहा प्रखंड कार्यालय की खूबसूरती बढ़ जाएगी।
शनिवार, 22 अप्रैल 2023
89 वर्ष बाद जोगबनी-दानापुर और 15 वर्ष बाद सहरसा के बीच ट्रेन के परिचालन को मंजूरी
जोगबनी से सहरसा पहुंचने के लगेंगे पांच घंटा, सहरसा से जोगबनी के सीधी ट्रेन से कोसी वासियों में खुशी
कोशी बिहार टुडे, सहरस
इंतजार होगा खत्म, पीएम मोदी ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रेलसेवा कर सकते हैं बहाल
जोगबनी से फारबिसगंज, ललितग्राम, सरायगढ़, सुपौल में रुकते हुए पहुंचेगी सहरसा
1934 ई. के प्रलयंकारी भूकंप में ध्वस्त हुए निर्मली-सरायगढ़-फारबि सगंज रेल खंड पर 89 वर्ष बाद जल्द ही ट्रेन परिचालन की आस जगी है। इसके अलावा वर्ष 2008 से सहरसा-फारबिसगंज रेल खंड पर भी 15 वर्ष बाद सीधे रेल सेवा शुरू होने की कवायद तेज हो गई है। इसको लेकर रेलवे की ओर से शुक्रवार को पत्र की गई। जिसमें जोगबनी से दानापुर के बीच एक जोडी एक्सप्रेस ट्रेन एवं जोगबनी से सहरसा के बीच एक जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेन परिचालन को स्वीकृति दी गई है। यह ट्रेन जोगबनी के अलावा फारबिसगंज, ललितग्राम, सरायगढ़, निर्मली, झांझारपुर, सकरी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, पाटलीपुत्र स्टेशन पर रुकते हुए दानापुर तक चलेगी। जबकि जोगबनी-सहरसा एक्सप्रेस फारबिसगंज, ललितग्राम, सरायगढ़, सुपौल में रुकते हुए सहरसा पहुंचेगी। हालांकि इस ट्रेन के परिचालन का शुभारंभ होने की तिथि अभी निर्धारित नहीं हुई है। लेकिन ट्रेन परिचालन काे स्वीकृति मिलने से सुपौल, सहरसा, अररिया सहित मधुबनी के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। इसको लेकर पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के मुख्य जन सपंर्क पदाधिकारी वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि पत्र मिला है। इस रूट पर मंत्रालय की ओर से ट्रेन परिचालन का स्वीकृति दे दी है। फिलहाल परिचालन का समय तय नहीं हुआ है। हालांकि विभाग ने ट्रेन परिचालन की तैयारी शुरू कर दी। सूत्रों की मानें तो जल्द ही इसका समय निर्धारित कर दिया जाएगा। संभावना है कि पीएम मोदी इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा कर सेवा का शुभारंभ कर सकते हैं। बता दें कि इन दोनों रूटों पर ट्रेन परिचालन शुरू करने का कोसी वासियों को लंबे समय से इंतजार था। जिसकी मांग को लेकर बीते दिनों 22 हजार लोगों ने टविटर के माध्यम से अभियान भी चलाया था।
जोगबनी से सहरसा पहुंचने में लगेंगे पांच घंटे
जोगबनी से चलाई जाने वाली नई ट्रेनों की समय सारिणी तय कर दी गई है। इसके मुताबिक पांच घंटे दस मिनट में एक्सप्रेस ट्रेन से जोगबनी से सहरसा का सफर तय होगा हालांकि सहरसा से जोगबनी का सफर चार घंटे 5 मिनट में ही तय होगा। इस रेल खंड पर एक ही रैक का तत्काल परिचालन होगा। जिस तरह से ट्रेन के आगमन और प्रस्थान को लेकर समय सारिणी जारी की गई है उससे लग रहा कि एक ही रैक का उपयोग किया जायेगा। दानापुर से जोगबनी के लिए जो ट्रेन चलेगी उसे ही जोगबनी-सहरसा बनाकर चलाया जायेगा । सहरसा से जोगबनी लौटने के बाद यही ट्रेन दानापुर को जायेगी। ऐसे में अगर यह ट्रेन किसी कारण से परिचालन के दौरान लेट हो गई तो हर तरफ देर से पहुंचेगी। जोगबनी पहुंच जाएगी।
जोगबनी-सहरसा एक्सप्रेस ट्रेनः
जोगबनी से रोज शाम में 4.30 बजे खुलेगी । फारबिसगंज शाम 4.55 बजे, ललितग्राम 5.35, सरायगढ़ 6.55 और सुपौल रात 8.15 बजे और सहरसा रात 9.40 बजे पहुंचेगी। वहीं सहरसा से रोज यह ट्रेन रात 11.55 बजे खुलेगी। सुपौल रात 12.45 बजे, सरायगढ़ 1.18, ललितग्राम 1.55 और फारबिसगंज, दानापुर-जोगबनी एक्स. सरायगढ़, निर्मली, झंझारपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर होकर प्रत्येक दिन चलेगी ट्रेन।
जोगबनी दानापुर एक्सप्रेस ट्रेनः
रेलवे बोर्ड से आई समय सारिणी के मुताबिक दानापुर से रोज सुबह 6.10 बजे खुलेगी। पाटलिपुत्र सुबह 6.25 बजे, हाजीपुर 7.10, मुजफ्फरपुर 8.10, समस्तीपुर 9.30, दरभंगा 10.50, सकरी 11.25, झंझारपुर दोपहर 12.03, निर्मली 12.35, सरायगढ़ 1.00, ललितग्राम 1.40 और फारबिसगंज 3.05 बजे और स्टेशन पहुंचेगी।
वहीं जोगबनी से एक्सप्रेस ट्रेन रोज सुबह 5 बजे खुलेगी। फारबिसगंज 5.25 बजे, ललितग्राम 6.05, सरायगढ़ 7.05, निर्मली 7.28, झंझारपुर 8.03, सकरी 8.45 बजे, दरभंगा 9.48 समस्तीपुर 11, मुजफ्फरपुर दोपहर 12.30, हाजीपुर 2.05 और पाटलिपुत्र 3.15 बजे और दोपहर बाद पौने चार बजे दानापुर
रविवार, 26 फ़रवरी 2023
बिहार में पत्नियों एवं बच्चों का अदला-बदली, चार बच्चे की मां प्रेमी संग भागी। पति ने प्रेमी के पत्नी से कर लिया शादी
आशिकी का ऐसा अंदाज कि दोनों की मिट गई तन्हाई। शादी का वीडियो तेजी से हो रहा है वायरल
कोशी बिहार टुडे, सहरसा
प्रेम में गजब-गजब की कहानी सुनने को मिलती रहती है। ऐसा ही एक और मामला अजब प्रेम की गजब कहानी सामने आया है। एक ऐसी कहानी जिसमें आशिकी का ऐसा अंदाज आया कि दो परिवारों की तन्हाई मिट गई। जिसमें न इसे परेशानी और ना उसे परेशानी वाली कहानी सामने आई है। जी हां लव के क्रास एंगल से दो परिवार खुशहाल हो गया। इसको दूसरे नजरिया से देखा जाय तो प्यार का बदला प्यार से लिए जाने की बातें सामने आई है। जिसमें मेरी तेरी तो लो अब तेरी हो गई मेरी। कहानी चरितार्थ हो गई। अब मामले को समझिए।
पूरा मामला दो परिवारों से जुड़ा हुआ है। बताया जाता है कि चौथम थाना क्षेत्र के हरदिया गांव निवासी धानो सिंह के पुत्र नीरज कुमार सिंह की शादी वर्ष 2009 में पसराहा गांव की रूबी देवी से हुई। इस बीच नीरज को चार बच्चे भी हुए। इसी बीच रूबी देवी को उसके गांव पसराहा के एक युवक मुकेश कुमार सिंह से प्यार हो गया। मुकेश भी शादीशुदा है। संयोग से मुकेश की पत्नी का नाम भी रूबी देवी बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि गत वर्ष 2022 को छह फरवरी को नीरज की पत्नी रूबी देवी मुकेश कुमार सिंह के साथ भाग गई। साथ ही दो पुत्र एवं एक पुत्री को लेकर गई। दोनों ने शादी रचा लिया। इस बीच नीरज सिंह के पास एक पुत्री बच गई। इसी बीच प्रेम की ट्रेंगल कहानी ने नया मोड़ लिया। फिर क्या? इधर नीरज भी अकेला हो गया। दूसरी ओर मुकेश की पत्नी रूबी देवी भी अकेले रहने लगी। इसी बीच नीरज को रूबी देवी का फोन नंबर हाथ लग गया। फिर नीरज और रूबी देवी के बीच बातें होने लगी। फिर दोनों ने प्यार हो गया। फिर क्या? इसी महीने नीरज और रूबी देवी ने 11 फरवरी को घर से भाग गया। 18 फरवरी को दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। मुकेश के दोनों बच्चे को भी नीरज ने अपना लिया। अब दोनों परिवार को पत्नी भी मिल गई। जबकि दोनों को तीन तीन बच्चे भी मिल गए। इस प्रेम कहानी की चर्चे चहुंओर हो रही है।
शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2023
एसटीएफ व पुलिस की संयुक्त छापेमारी में मिनी गण फैक्ट्री का हुआ उद्भेदन
भारी मात्रा में निर्मित, अर्द्ध निर्मित पिस्टल, मैगजीन व हथियार बनाने वाला उपकरण जब्त
मुंगेर से मिस्त्री बुला बनाए जा रहे थे हथियार, संचालक सहित चार गिरफ्तार
घर में बना रखा था तहखाना, मज़ार की आड़ में चला कर रहा था अवैध हथियार का कारोबार
कोशी बिहार टुडे, सहरसा
पटना से पहुंची एसटीएफ की एसओजी 2 टीम ने शुक्रवार की अहले सुबह स्थानीय बख्तियारपुर थाना पुलिस के साथ मिलकर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नं 15 स्थित भट्ठा टोला में एक घर में छापेमारी कर मिनी गण फैक्ट्री का उद्भेदन करते हुए संचालक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं भारी मात्रा में निर्मित, अर्द्ध निर्मित पिस्टल, मैगजीन, गोली व हथियार बनाने वाले उपकरण बरामद किया है। एसटीएफ की टीम छापेमारी उपरांत सभी को स्थानीय थाना को सुपुर्द कर दिया।
घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह पटना से आई एसटीएफ की एसओजी 2 टीम स्थानीय पुलिस के सहयोग से भट्टा टोला स्थित महबूब आलम के चारदीवारी से घिरे एक घर को खुलवाया। पुलिस को देखते हुए महबूब आलम शौचालय के उपर लगे एसबेस्टर को तोड़ भागने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उसे खदेड़ दबोच लिया।
उसके बाद टीम ने चारदीवारी के अंदर बनेें एसबेस्टर के तीन कमरों की तलाशी लेनी शुरू की। तीनों कमरों में हथियार बना रहे मुंगेर जिले के रहने वाले कारीगरों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस को उस वक्त आश्चर्य हुआ जब एक घर में बनें तहखाने का पता चला। पुलिस टीम ने तहखाने की तलाशी ली वहां से निर्मित, अर्द्ध निर्मित पिस्टल मैगजीन सहित अन्य उपकरण बरामद किया।
पिस्टल, मैगजीन सहित उपकरण बरामद :
एसटीएफ की टीम ने छापेमारी में 7.65 एमएम का 6 देशी पिस्टल, 3 देशी पिस्टल का सेट, 13 मैगजीन, तीन 7.65 एमएम का जिंदा कारतूस, एक बैरल, दो बेस, एक ड्रिल, एक हैंड ग्राइंडर, एक मोटर, 17 रेती, दो आरी ब्लेड, तीन हथोड़ी एवं तीन मोबाइल सहित अन्य प्रकार के हथियार बनाने में काम आने वाले उपकरण जब्त किया।
संचालक व कारीगरी की हुई गिरफ्तारी :
एसटीएफ व स्थानीय पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया उनमें संचालक सह मकान मालिक मरहुम अजीमुद्दीन के पुत्र महबूब आलम, मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बाखरपुर निवासी मो. अजीज के पुत्र शकील आलम, मो. ईमाम के पुत्र मो. मनौवर, मुंगेर जिले के ही मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बरदह मिर्जापुर के रहने वाले मरहुम मो. मोईन के पुत्र शम्स तबरेज शामिल है। तीनों हथियार बनाने वाले कारीगर है। वहीं महबूब आलम मुल रूप से सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र के सिर्रही के रहने वाले हैं। करीब तीन वर्षों से यहां मकान बना रह रहे थे।
चारदीवारी के अंदर बना रखा है मजार : नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नं 15 स्थित भट्ठा टोला स्थित मकान के चारों ओर करीब बीस फीट का चारदीवारी बना रखा था। चारदीवारी के अंदर महबूब आलम ने कुछ दिन पहले एक मजार को स्थापित किया था। वहां चंद दिन पहले मिलाद का भी आयोजन किया था। महबूब आलम ने बताया कि चारदीवारी निर्माण की नींव खुदाई के समय उसे शैयद जलाल अशरफ के कब्र का तख्ती मिला था जिसके बाद उसने वहां उसका मजार बनवाया।
घर के अंदर बना रखा था तहखाना : एसटीएफ की छापामारी बाद इस बात का पता चला कि चारदीवारी के अंदर बनेें घर के अंदर तहखाना का निर्माण कर रखा था। तहखाने में पंखा, बल्ब एवं बाहर हवा निकलने के लिए एक्सजास्ट फैन लगाया गया था। बताया जा रहा है कि दिन में तहखाने में हथियार बनाया जाता था। मोटर व ग्राइंडर की आवाज बाहर ना निकले इसलिए तहखाने का इस्तेमाल किया जाता था।
20 हजार में बिक्री, पांच हजार कारीगर का : छापेमारी बाद कई तत्थ सामने आने लगे, बताया जाता है कि देशी पिस्टल मैगजीन सहित बीस से पच्चीस हजार में बिक्री की जाती थी। वहीं मुंगेर से हथियार बनाने के लिए लाए गए कारीगरों को प्रत्येक पीस पर 5 हजार रूपए मजदूरी दिया जाता था। वर्तमान में दो कारीगर काम कर रहे थे एक कारीगर गुरुवार को पहुंचा था।
पड़ोसियों को पता नहीं था कि चल रहा है मिनी गण फैक्ट्री : छापेमारी के बाद आसपास के पड़ोसियों को बहुत आश्चर्य हुआ कि यहां मिनी गण फैक्ट्री चल रहा है। कई लोगों ने बताया कि हमलोग को पता नहीं था कि यहां यह सब चल रहा है। एक महिला ने बताया कि एक बार एक बच्ची बकरी लेकर चारदीवारी के अंदर चला गया था तो उसकी जमकर पिटाई कर दी गई। डर से कोई कुछ नहीं बोला। अंदर क्या चल रहा था किसी को भनक तक नहीं थी।
हालांकि पुरे मामले पर सिमरी बख्तियारपुर डीएसपी इम्तियाज अहमद ने बताया कि मामले का खुलासा जिले में एसपी मैडम के द्वारा शनिवार को किए जाएंगे। वहीं बख्तियारपुर थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने बताया कि गिरफ्तार लोगों के निशानदेही पर अग्रतर कार्रवाई कि जा रही है। जल्द मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
गुरुवार, 5 जनवरी 2023
नल से टपक रहा है पतली गुड जेसी पानी, पीने को तो छोड़िए, बर्तन धोने लायक भी नहीं है पानी
12 करोड़ खर्च के बाद भी 10 साल ने एक बूंद शुद्ध पेयजल भी नसीब नही हुआ नगरवासी को
कोशी बिहार टुडे, सहरस
सरकारी नल से टपक रहा है पीले रंग का पानी, जो लोगो के लिए पीने हेतु किया जा रहा है सप्लाय
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महत्वाकांक्षी नल - जल योजना की सिमरी बख्तियारपुर नप क्षेत्र में स्थिति दयनीय बनी हुई है। स्थिति ऐसी है कि नल से निकलने वाला पानी किसी कार्य नही है। जानकारी मुताबिक नगर परिषद क्षेत्र के गुदरी हाट में करोड़ो की लागत से कुछ वर्ष पूर्व बनी पानी टंकी अब भी नगरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नही करवा पा रही है। नप क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में नल तो लगा पर उससे निकलने वाला पानी इतना आयरनयुक्त है कि वह पानी पीना तो दूर कपड़े या बर्तन धोने के काम भी नही आ रहा है। इधर मंगलवार को नप क्षेत्र के मुख्य बाजार से सटे मस्जिद गली में शाम के वक्त नल से आयरनयुक्त पानी पर नपवासियो में रोष देखा गया। नल से निकल रहे पीले पानी पर लोगों ने आक्रोश व्याप्त करते हुए बताया कि सरकार जनता - जनार्दन के लिए लाभकारी योजना चलाती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर योजना अधिकारियो की सुस्ती की वजह से फेल हो जाती है। बता दे कि गत कुछ दिन पूर्व पटना से आयर पदाधिकारीयो ने भी पानी टंकी का निरीक्षण लिया था। निरीक्षण के दौरान टंकी से निकल रहे आयरनयुक्त गंदे पानी को देख काफी बिफ़र गए थे। जिसके बाद जल्द - से - जल्द शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का आदेश दिया गया था, लेकिन अधिकारियों के आदेश के बावजूद भी नगरवासियों को शुद्ध पेयजल मुहैया नहीं कराया गया है। निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों ने संवेदक को पानी टंकी में लगे फिल्टर को चेंज करने के लिए कहा था। लेकिन अधिकारी के जाते हैं सारी व्यवस्था जस की तस रह गई। जिससे नगरवासी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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