मंगलवार, 27 नवंबर 2018

अज्ञात लोगों ने बजरंगवली पर फेंका अंडा, आक्रोशित लोगों ने किया सड़क जाम

सुनसान रात्रि में दिया घटना को अंजाम, डीएसपी ने कहा कोई भी हो छोड़ा नही जायेगा

 कोशी बिहार टुडे, सहरसा


बख्तियारपुर थाना के प्रखंड परिसर में स्थापित बजरंगवली के मूर्ति पर असामाजिक तत्व के द्वारा अंडा फेंके जाने पर आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया। जाम के बाद के लोग बजरंगवली की जय हो कि नारे लगा रहा था। जाम के बाद थानाध्यक्ष के  द्वारा एसपी के बात कराने एव एसपी द्वारा गिरफ्तार के आश्वासन पर जाम तोड़ा गया। स्थानीय लोगो ने प्रखंड गेट एव डाक बंगला चोक को लगभग फो घंटे जाम रखा। घटना की सूचना पर डीएसपी मृदुला कुमारी स्थल पर पहुच जांच पड़ताल किया। डीएसपी ने बताई की ये किसिंक साजिस के तहत इस तरह का साम्प्रदायिक सदभाव को बिगाड़ने का कुचक्र किया जा रहा था, लेकिन ऐसे लोग ई कभी सफल नही होगा। 

क्या है मामला---
प्रखंड परिसर में बजरंगवली की मंदिर है। इस मंदिर का जीर्णोद्धार का कार्य विगत दो महीने से किया जा रहा है। मंगलवार की सुबह जब लोग बजरंगवली के मंदिर दर्शन को पहुचे तो बजरंगवली के गले मे अंडा का छिलका लटका था। एव मुह पर भी अंडे का तरल पदार्थ गिरा हुआ था। फिर महिलाओ ने अगल-बगल दुकान में चाय पी रहे लोगो को जानकारी दिया। फिर स्थानीय लोगो ने पुलिस को सूचना दिया। फिर पुलिस स्थल पर पहुच जांच पड़ताल किया एव स्थानीय लोगो से मंदिर एव मूर्ति की सफाई करवा दिया। स्थानीय लोगो ने बताया कि इस मंदिर के मूर्ति में बजरंगवली पर अंडा फेकने की ये दूसरी घटना है। इससे पहले इसी शनिवार को भी अंडा फेंका गया था। लेकिन लोग सूझबूझ के कारण पुनः मंदिर एव मूर्ति को धोकर गंगाजल से सुद्धिकरण किया था। लेकिन मंगलवार की घटना के बाद लोग आक्रोशित हो गया एव इस घटना में संलिप्त लोगो का उदभेदन करने की मांग को लेकर सड़क जाम जर दिया। मंदिर के पुजारी रामचंद्र पासवान ने थाना में आवेदन देकर करवाई की मांग किया है।
  डीएसपी मृदुला कुमारी ने बताई की ये जानबूझकर किन्ही के द्वारा लोगो के बीच विवाद करवाने का साजिस है। पुलिस बहुत जल्दी इस तरह के कृत्य कार्य करने वालो का उदभेदन कर करवाई किया जायेगा। इसधर थानाध्यक्ष रणवीर कुमार ने कहा कि वह जांच कर रहा है। तत्काल मंदिर के पास पुलिस की प्रतिनियुक्ति कर दिया गया है। बहुत जल्दी ही मामला का उदभेदन कर दिया जायेगा। 

सोमवार, 26 नवंबर 2018

सुपौल-अररिया होते गलगलिया तक 1600 करोड रुपये से नई रेल परियोजना को मंजूरी, नेपाल के सीमा से होकर गुजरेगी नई रेल लाइन


राष्टीय सुरक्षा परियोजना के तहत इस रेल परियोजना में शामिल किया गया

इस नये रेल लाइन में 12 नए स्टेशन बनेगा

कोशी बिहार टुडे, सहरसा


 मंत्रालय ने सुपौल-अररिया (गलगलिया तक) प्रस्तावित नई रेललाइन प्रोजेक्ट को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा परियोजना में शामिल किया है। लगभग 95 कि.मी. सुपौल-अररिया नई रेललाइन नेपाल की सीमा के समानांतर गुजरेगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने 1600 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। राष्ट्रीय सुरक्षा परियोजना के कारण इसका निर्माण तेजी से होगा। यह रेललाइन आगे जाकर पहले से स्वीकृत अररिया-गलगलिया रेललाइन से जुड़ेगी। इससे बिहार का पश्चिम बंगाल से जुड़ाव का सीधा रास्ता खुल जाएगा। नई रेललाइन में 12 नए स्टेशन बनेंगे। पुरानी परियोजना के लिए सरकार पहले ही 540 करोड़ पहले ही मंजूर कर चुकी है।
उल्लेखनीय है कि सुपौल-सहरसा ब्रॉडगेज कंर्वेशन रेललाइन का काम अभी चल रहा है। इस नई रेललाइन के बनने से सहरसा से इससे जुड़ जाएगा। कोसी क्षेत्र के लिए सुपौल से अररिया होते गलगलिया नयी रेललाइन न सिर्फ सामरिक दृष्टि से महत्वपूूर्ण होगा बल्कि यह नयी रेललाइन कोसी के विकास के लिए एक और लाइफलाइन साबित होने जा रहा है। रेल मंत्रालय द्वारा इस परियोजना को राष्ट्रीय सुरक्षा में शामिल करने के बाद यह रेल और रक्षा मंत्रालय की प्राथमिकता सूची में आ गयी है।
सहरसा-सुपौल जुड़ा इन सड़क और रेल मार्गों से : 1. कोसी नदी में सरायगढ़ के समीप महासेतु और फोर लेन का निर्माण। 2. रीलिजिएस कोरिडोर परियोजना के तहत मधुबनी-सहरसा बनेगी नई सड़क, बकौर के समीप कोसी में बनेगा एक और महासेतु । 3. कोसी नदी में महिषी के बलुआहा में पुल बनने के बाद दरभंगा से हो गया सीधा सड़क संपर्क । 4. मानसी – सहरसा रेललाइन थी कोसी की पहली लाइफ लाइन। 5. डुमरी घाट पर बने पुल के रास्ते कोसी का पहला सड़क मार्ग था प्रवेश द्वार ।6. विजय घाट में कोसी नदी पर पुल निर्माण के बाद अंग से सीधा बना सड़क संपर्क ।  7. सहरसा- पूर्णिया एनएच 107 के जरिए सीमांचल से पहले से है सीधा सड़क संपर्क हो जाएगा। 8. सहरसा- फारबिसगंज पुरानी रेल लाइन से होगा संपर्क 9. अब नयी लाइफलाइन होगी सुपौल -अररिया-गलगलिया रेल मार्ग । सुपौल-अररिया रेललाइन को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हुए केंद्र ने राष्ट्रीय सुरक्षा परियोजना में शामिल किया है, रेललाइन अररिया-गलगलिया लाइन में जुड़ेगी, तेजी से पूरा होगा निर्माण कार्य ।
95 किमी सुपौल-अररिया रेललाइन का जुड़ाव होगा--
सुपौल-अररिया नई रेललाइन पहले से स्वीकृत अररिया-गलगलिया से जुड़ जाएगी। हालांकि स्वीकृत पुरानी रेल परियोजना का काम भी अभी प्रारंभिक स्तर पर ही है। सामरिक महत्व के कारण इस रेललाइन का काम काफी तेजी से होगा। 12 नए रेलवे स्टेशन बनेंगे : सुपौल से अररिया के बीच 12 रेल स्टेशन बनेंगे। अररिया के बाद मिर्जापुर, बसेटी, रानीगंज, भरगामा, मानुल्लाह पट्‌टी, खजुरी बाजार, बाघहिली, जदिया, लक्ष्मीपुर, त्रिवेणीगंज, पिपरा, धुमिहा।
नेपाल सीमा के बगल से गुजरेगा ट्रैक : नेपाल के साथ चीन की खुली सीमा रहने से उत्तर बिहार की 750 किमी की सीमा सामरिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। सुरक्षा की दृष्टि से गलगलिया से सुपौल व फारबिसगंज से सकरी जाने वाली रेललाइन महत्वपूर्ण है। ये रेललाइन सरायगढ़ के समीप स्थित कोसी महासेतू के बगल में बने रेल सेतु से गुजरेगी। शिलान्यास पूर्व पीएम बाजपेयी ने किया था। ऊर्जा मंत्री के पत्र और वित्तमंत्री के साथ हुई कई दौर की वार्ता के बाद परियोजना को मंजूरी मिली।

सुपौल-अररिया रेल लाइन का हो रहा भूमि अधिग्रहण : 95 कि.मी. लंबी सुपौल-अररिया नयी रेललाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का काम जारी है। उर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने बताया कि विशेष अभियान चलाकर भूमि अधिग्रहण का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चूंकि सामरिक दृष्टि से इस परियोजना को केन्द्र की सरकार ने उनके प्रस्ताव पर काफी महत्वपूर्ण माना है। ऐसे में इसमें वित्तीय समस्या नहीं आएगी। सुपौल-अररिया नयी रेललाइन की स्वीकृति में महती भूमिका निभाने वाले राज्य के उर्जा एवं वाणिज्य मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने डेढ़ वर्ष पहले ही देश के वित्त एवं रक्षा मंत्री अरूण जेटली से इसकी पहल की थी। पिछले वर्ष जीएसटी कॉउंसिलिंग की बैठक में भाग लेने पहुंचे विजेंद्र यादव ने उन्हें इसके सामरिक महत्व के बारे में बताया था।
सुपौल-अररिया नई रेललाइन के लिए 11 मौजे की अधिसूचना प्रकाशित हो चुकी है। 11 अन्य मौजे की अधिसूचना प्रक्रिया में है। एक सप्ताह में यह प्रकाशित हो जाएगा। अधिसूचना प्रकाशित कर दावा-आपत्ति का निराकरण किया जाएगा। फरवरी तक अधिग्रहण शुरु करने का लक्ष्य रखा गया ।

शनिवार, 24 नवंबर 2018

और क्या चाहिये, वतन के लिये, ये तिरंगा काफी है कफन के लिये, हमे सरहद पर भेजकर देखिये, जान दे देंगे वतन के लिये

जिनके हाथों में तिरंगा ना संभला जाये, ऐसे नेता को सदन से निकाला जाये

चकभारो उच्च विद्यालय का मैदान बना देश के नामचीन कलाकारों के द्वारा पेश किया गया अद्भुत मुशायरा

कोशी बिहार टुडे


गुरुवार की सर्द रातों में सिमरी बख्तियारपुर के पहाड़पुर उच्च विद्यालय के मैदान में ज्यों-ज्यों रात जवां होती गई, उत्तर प्रदेश के शायर एवं सायरा ने रात भर मुशायरे की कसिस से दर्शकों की राते गुलजार होती रही। एक से बढ़कर एक शेरो व शायरी, गीत, गजल  राष्ट्रभक्ति से लेकर महबूब की मेहंदी तक की नज्म की कर्णप्रिय आवाज परवान चढ़ता गया। दर्शको ने जमकर कार्यक्रम का लुप्त उठाया।  वक्त था ऑल इंडिया मुशायरा कवि सम्मेलन 2018 का । ऑल इंडिया मुशायरा सह कवि सम्मेलन का उद्घाटन खगड़िया सांसद  हज कमिटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष   चौधरी महबूब अली कैसर, सलखुआ प्रखंड के मुखिया संघ के अध्यक्ष सह मुखिया मिथिलेश विजय, डायरेक्टर सफायर हाईवे स्कूल के डायरेक्टर मोहम्मद नाजिम अनवर संयोजक चांद मंजर इमाम ने फीता काटकर उद्घाटन किया।

इस अवसर पर सांसद ने कहा कि मुशायरा कवि सम्मेलन हिंदू मुस्लिम गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल कायम करती है। आज उर्दू हिंदी की गीत गजल शायरी कविता  हिंदुस्तान के दिलों पर राज करने का काम किया है। इस नफरत की खाई को मुशायरा सह कवि सम्मेलन बिना किसी भेदभाव के पाटने के काम में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने वाले एवं जोश जज्बे वाले शायर, शायरा एवं कवियों को सलाम।  उद्घाटन समारोह के मंच संचालिका राजस्थान कोटा की मधुर स्वर की मलिका सुश्री शैली मिश्रा ने की। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के हाशिम फिरोजाबादी ने  कहा की "और क्या चाहिए वतन के लिए, यह तिरंगा बहुत है कफन के लिए, सरहदों पर भेज कर देखिए, जान दे देंगे हम भी वतन के लिए....," "जिनके हाथों से तिरंगा संभाला न जाए, ऐसे नेताओं को सदन से निकाला जाए....," अब न हो मुल्क में कोई दंगा कभी, और मैली न हो अब ये गंगा, कभी आइए आज हम मिल कर खाएं कसम झुकने देंगे न हाशिम तिरंगा कभी..." शायरी कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वही कानपुर की शाइस्ता सना ने  "उदासी के लबों पे जिंदगी मुश्किल से आती है, अगर दिल टूट जाए तो हंसी मुश्किल से आती है, तो वह मुझे अपना तरफदार समझ लेता है, मेरी खामोशी को एक बार समझ लेता है, मेरी आदत है, हर एक शख्स से हंसकर मिलना, अब वह नादान उसको प्यार समझ लेता है...."। देवबंद के डॉक्टर नदीम शाद ने  कहा कि "जाने किसका हक दबाकर घर में दौड़ा चला आए हैं, और उस पर यह सितम इसमें ही बरकत चाहिए, वह खुदा से मांगता है, आप क्यों नाराज हैं, वह शराबी है तो क्या, उसको भी जन्नत चाहिए....", बुलंदियों पर यकीनन यकीन रखता हूं, मगर मैं पांव के नीचे जमीन रखता हूं...."। दिल्ली की मोनिका देहलवी ने कहीं की  "दिल दुखाने से डर रही हूं मैं, लफ्ज का पर कतर रही हूं मैं,  दूर परदेश में जाकर समझ में आया मां, तेरी बाहों में जन्नत का मजा आता था......"। अमरोहा के निकहत अमरोही "मसला कौन था, कौन सी मजबूरी थी, भाई बैठे के बहन के घर से अकेली निकली.....। यूपी के दिल खैराबादी "सच बोलने का टकराव बनेगा, दुनिया की निगाहों में गुनाहगार बनेगा, राजा की हवेली नहीं मजदूर का घर है, मजदूरों का छप्पर सौ बार उजाडौगें, तो सौ बार बनेगा...."। बलरामपुर के सबा बलरामपुरी ले कहीं की "मुश्किल बहुत था, यू तो बगावत का फैसला, लेकिन तुम्हारे प्यार में मजबूर हो गये, लो आज जंग हमने मोहब्बत की जीत ली, हम उनको और वह हमें मंजूर हो गयी...."। प्रतापगढ़ के शहजादा कलीम, मेरठ की दानिश गजल आदि मेहमान शायर को माइक पर दावत देने के उपरांत मुशायरा परवान चढ़ा।

अनुमंडल सहित सहरसा प्रमंडल के मुशायरे के इतिहास में पहाड़पुर का मुशायरा यादगार अक्षरों में कैद हो गया। यह एक ऐसा मुशायरा था जिसे लोग लंबे समय तक भुला नहीं पाएंगे। इस अवसर पर ऑल इंडिया मुशायरा सह कवि सम्मेलन के अध्यक्ष गुलाम मो• कौसर, सचिव मोहम्मद खुर्शीद चुन्ना, उपाध्यक्ष कौसर अशरफ आदि ने मुशायरे में सक्रिय भूमिका निभाई। मुख्य अतिथि डिप्टी कलेक्टर संजय सिंह एडीएम अशरफ जमाल, एम एस एस फतेह हेल्थ सोसायटी कटिहार कि जिला अध्यक्षा तनुजा रसीद, केसर सिंह, मरहबा अपार्टमेंट अलीगढ़ से अब्दुल तौव्वाब, अब्दुल बासित, मो• सालिम, पूर्व प्रधानाध्यापक मो• मुस्तकीम, अकबर लट्टू , मो• सालिम, अनवर, अबू जफर, अबूजर, अशरफ अली, अम्मार आलम, मो• नासिर नसर आलम, मो• हुसैन, बुक वर्ल्ड रंजन सिंह,हाजी अबुल कासिम, विपिन भगत, सऊद आलम, महबूब आलम, प्रसून सिंह, वजी अहमद तसोबुर, आदि सहित अन्य महिलाओं व पुरूषों सहित लाखों लोगो ने भाग लिया।

शुक्रवार, 23 नवंबर 2018

कोचिंग मैं उदंड बच्चे को नही पढ़ाया तो परिजन ने कोचिंग संचालक को ही पीट डाला, छात्र-शिक्षक का रिश्ता हुआ शर्मसार

बलबाहाट ओपी के बलबाहाट की घटना, कोचिंग संचालक किराया ओर चलता है कोचिंग

इस घटना में कोचिंग में पढ़ने वाले कई छात्र भी हुआ घायल

कोशी बिहार टुडे, सहरसा


बलबाहाट ओपी के मोहमदपुर निवासी एक कोचिंग संचालक के साथ मारपीट करने एव कोचिंग का तोड़फोड़ करने का एक मामला आया है। इस घटना में कोचिंग में पढ़ रहे कई छात्र भी घायल हो गया है। 
  घटना के संबंध में कोचिंग संचालक के पत्नी पूजा देवी पति रमेश कुमार मोहमदपुर निवासी ने थाना में आवेदन देकर करवाई की मांग किया है। बलबाहाट ओपी में दिये आवेदन में  पीड़ित पूजा देवी ने कही है कि मेरे पति एक शिक्षित बेरोजगार है। बलबाहाट बाजार में एक किराया की मकान में कोचिंग चलाकर जीवन यापन कर रहा है। कोचिंग के बगल में स्थित शिक्षा सदन के एक छात्र जो कभी अनुशासनहीन है, जो दसवीं में पढ़ता है पहले मेरे कोचिंग में पढ़ना चाह रहा था। जिस पर मेरे पति ने अनुशासनहीनता के कारण पढ़ाने से मना कर दिया।

 इसी खुनस में हम दोनों पति-पत्नी घर मोहमदपुर जा रहे थे शंकरपुर मंदिर के पास मुझे देखकर गंदी फब्तियां कसने लगा। जिसकी शिकायत मेरे पति उक्त छात्र के परिजन से किया। इस बात का बुरा मानकर 23 नबंवर को सुबह 6 बजे अशोक यादव, रमेश यादव, मनोहर यादव, जय जय राम यादव, मुकेश साह, धनंजय यादव साकिन शंकरपुर कांठो निवासी एक झुंड बनाकर मेरे कोचिंग पहुचकर मारपीट करने लगा। किस समय इस घटना का अंजाम दिया उस समय कई लड़का पढ़ाई जर रहा था। इस मारपीट की घटना में कोचिंग में पढ़ने वाले कई छात्र भी घायल हो गया। लगभग एक दर्जन छात्र ने हस्ताक्षर युक्त आवेदन बलबाहाट ओपी को दिया है। आवेदन में कोचिंग में पढ़ने वाले छात्रों में रितिक कुमार, अभिराज कुमार, अनीश कुमार, सरवन कुमार, संतोष कुमार, कुंदन कुमार, चुन्नू कुमार सहित एक दर्जन छात्र है। जो छात्र घायल हुए है उसमें रितिक कुमार भवदेवा, संतोष कुमार बेडी, गौरव कुमार बरसम घायल हो गया। थाना के आवेदन में लूटपाट करने का भी आरोप लगाया। 
  इस बाबत बलबाहाट ओपी अध्यक्ष पंचलाल यादव ने कहा कि आवेदन मिला है। जांच किया जा रहा है। करवाई किया जायेगा।

गुरुवार, 22 नवंबर 2018

बीइओ की लापरवाही से सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के 41 बच्चे सिमतुल्लाह प्रवेश परीक्षा से बंचित, ये है सुशासन सरकार की उपलब्धि

परीक्षा से बंचित बच्चे के अभिभावक शिक्षा मंत्री को करते रहे फोन, एक बार भी मंत्री ने नही उठाया मोबाइल, कृष्ण नंदन वर्मा है शिक्षा मंत्री

कोशी बिहार टुडे, सहरसा


प्रखंड शिक्षा कार्यालय के अकर्मण्यता एव मनमानी के कारण सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के 41 बच्चे सिमतुल्लाह आवासीय स्कूल के प्रारंभिक परीक्षा से बंचित हो गया। सबसे आश्चर्यजनक बात ये रही कि इस मामले के लेकर बच्चे के अभिभावक ने दर्जनों बार सूबे के शिक्षा मंत्री के मोबाइल पर फोन किया लेकिन एक बार भी शिक्षा मंत्री ने मोबाइल रिसीव करने की भी जरूरत नही समझा। परीक्षा से बंचित रहे अभिभावक कई नेता से गुहार भी लगाया, लेकिन एक को भी इन बच्चे का चिंता नही रहा।
क्या है मामला---
सिमतुल्लाह आवासीय विद्यालय जमुई में वर्ग छह में नामांकन के लिये ऑनलाइन आवेदन मांगा गया था। जिसकी अंतिम तिथि 10 नबम्बर था। फिर उसके बाद 12 नवम्बर किया गया। हरेक प्रखंड के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को अलग अलग यूजर एव पासवर्ड दिया गया था। सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के अलग अलग स्कूल से 41 बच्चे का फॉर्म प्रखंड शिक्षा कार्यालय में जमा हुआ था। लेकिन बीआरसी कार्यालय की लापरवाही के कारण एक भी बच्चा का फॉर्म बिहार बोर्ड के साइट पर अपलोड नही किया गया। जब बिहार बोर्ड ने जिन छात्र का फॉर्म समय सीमा में  अपलोड हुआ तो उनका डुप्लीकेट प्रवेश पत्र जारी कर दिया। उसमे निर्देश दिया कि अगर जारी किया गया डुप्लीकेट प्रवेश पत्र में कही त्रुटि हो तो सुधार कर दे। तब फाइनल प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। इस आदेश के बाद जब अभिभावक डुप्लीकेट प्रवेश देखने बीआरसी कार्यालय गया तो पता चला कि एक भी बच्चा का फॉर्म अपलोड ही नही हुआ। अब बच्चे के पिता परेसान है। जो बच्चा विगत छह माह से इस परीक्षा की तैयारी में लगा था उनका सपना चूर चूर हो गया। अब भी कहा कहा जाये, कोई सुनता ही नही है। अब बच्चे एव उनके पिता को एक ही आशा है कि अब मुख्यमंत्री से एक मात्र सहारा है कि कुछ आदेश दे। तब इन बच्चे का फर्म अपलोड हो पायेगा।
इस मामले में क्या कहते है बीइओ----
इस संबंध में बीइओ अशोक कुमार ने कहा कि उपलब्ध फॉर्म को कार्यालय में ही एक शिक्षक एव ऑपरेटर को अपलोड करने दिया गया था। लेकिन इनलोगो के द्वारा लापरवाही किया गया। बीइओ ने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी ने  बिहार बोर्ड को पत्र लिखकर इन बच्चे का फॉर्म को अपलोड करने का अनुरोध किया था। हम खुद बोर्ड आफिस जाकर इन बचे बच्चे का फॉर्म अपलोड करने का अनुरोध किया। लेकिन बोर्ड के चैयरमेन ने नही माना।

बुधवार, 21 नवंबर 2018

मजदूर का पसीना नही सूखे उनका मेहताना मिल जाना चाहिये: मुप्ति कासिम अशरफ

रानीहाट मवेशी हाट में हजरत पैगम्बर मोहम्मद के जन्मदिन पर निकली रैली

जन्मदिन पर मुस्लिम भाईओ ने याद किया अपने पैगम्बर को

कोसी बिहार टुडे, सहरसा

अनुमंडल मुख्यालय के नगर पंचयात स्थित रानीहाट मवेसी हाट में हजरत पैगम्बर मोहम्मद के जन्मदिन पर रैली निकाल याद किया गया। मुख्य कार्यक्रम रानीहाट स्थित मवेसी हाट में हुआ। अनुमंडल के सिमरी बख्तियारपुर, सलखुआ एव बनमा इटहरी प्रखंड से काफी संख्या में मुस्लिम लोगो ने इस जन्मदिन में भाग लिया। इस मोके पर उपस्थित लोगों को तकरीर करते हुए उड़ीसा के मुप्ति कासिम अशरफी ने कहा कि ईद का अर्थ होता है उत्सव मनाना और मिलाद का अर्थ होता है जन्म होना। ईद-ए-मिलाद के रूप में मनाये जानेवाला दिन, मिलाद-उन-नबी पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस्लाम में बेहद महत्वपूर्ण यह दिन इस्लामी कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-उल-अव्वल के 12वें दिन मनाया जाता है। हालांकि मोहम्मद साहब का जन्मदिन एक खुशहाल अवसर है।
 मोहम्मद साहब का जन्म सन् 570 में सऊदी अरब में हुआ था। मोहम्मद का जन्म इस्लामी पंचांग के तीसरे महीने के 12वें दिन हुआ है। अपने जीवनकाल के दौरान, मुहम्मद साहब ने इस्लाम धर्म की स्थापना की, जो अल्लाह की इबादत के लिए समर्पित था। सन् 632 में पैगंबर मोहम्मद साहब की मृत्यु के बाद, कई मुसलमानों ने विविध अनौपचारिक उत्सवों के साथ उनके जीवन और उनकी शिक्षाओं का जश्न मनाना शुरू कर दिया। इस दिन को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी या ईद-ए-मिलाद के तौर पर मनाया जाता है।

मोहम्मद साहब के कुछ पवित्र संदेश जो उसने लोगो को दिया--
सबसे अच्छा आदमी वह है,जिससे मानवता की भलाई होती है।
जो ज्ञान का आदर करता है, वह मेरा आदर करता है।
मजदूर का उनके मेहताना उनके पसीने सूखने से पहले दे दे।
अत्याधिक ज्ञान अत्याधिक इबादत से बेहतर है, दीन का आधार संयम है।
इस मोके पर मो सऊद आलम, मो गुड्डो, सरबेला मदरसा के प्राचार्य, मो मोदस्सिर आलम सहित बड़ी संख्या में मुश्लिम लोग मौजूद थे। रैली में पहुचने वालो लोगो का पानी का व्यवस्था केनरा बैंक के द्वारा किया गया था। वही वार्ड नंबर 14 के पार्षद मो सकील आलम ने भी रैली में शामिल होने वालों को पानी की सुबिधा दिया। 

मंगलवार, 20 नवंबर 2018

सामाजिक कार्य मे अच्छा कार्य करने वाले लोगो को शिक्षकों ने किया सम्मानित, अच्छी पहल

शिक्षक एवं समाजसेवी सम्मान समारोह कार्यक्रम में शिक्षा, सामाजिक, खेल, पर्यावरण के क्षेत्र में लोगो को किया सम्मानित

कोशी बिहार टुडे सहरसा


सोमवार को नगर पंचायत के कला भवन में शिक्षक एव समाजसेवी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह का फीता काटकर उदघाटन हज कमिटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह  सासंद चोधरी महबूब अली कैसर, छातापुर विधायक नीरज कुमार बबलू ने किया। इस समारोह में शिक्षा, साहित्य, खेल, पर्यावरण, जल, चिकिस्ता एव सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालो को सम्मानित किया है। कार्यक्रम में लगभग दो दर्जन से ज्यादा लोगो को  विभिन्न क्षेत्र में सम्मानित किया गया। सभी को गुलदस्ता, चादर, स्मृति चिन्ह एव ओर प्रमाणपत्र से सम्मानित किया। इससे पूर्व अथिति का स्वागत संत टैगोर पब्लिक स्कूल की छात्राएं ने गीत गाकर किया। इसी स्कूल में वर्ग 8 में पढ़ने वाली रौनक कुलसुम के स्पीच को उपस्थित दर्शक ने सराहा। 

इस मोके हज कमिटी के राष्टीय अध्यक्ष सह  सासंद चोधरी महबूब अली कैसर ने इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन करने वालो की सराहना किया। सासंद ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम करने एव सामाजिक क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वाले को सम्मान करने से जहा लोगो हौशला बढ़ेगा एव इससे दूसरे लोग भी आगे बढ़ेंगे। इसमें सबसे बड़ी बात ये रही कि इसमे हर क्षेत्र के लोगो का चुनाव बिना किसी भेदभाव से किया गया, जो बहुत ही अच्छी बात है। इस तरह का आयोजन होते रहना चाहिये। 

छातापुर विधयाक नीरज कुमार बबलू ने आयोजको को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह के कार्य बहुत अच्छा है। अच्छे कार्य करने वाले पीछे हो जाते है बुरे वाले आगे हो जाते है। इस तरह के जारी से अच्छे लोग सामने आएंगे। बिहार में शिक्षा की स्थिति अच्छी नही है। पहले शिक्षित होना जरूरी है। इस समारोह में अलग अलग क्षेत्र के लोगो का चयन कर सम्मानित किया। ये सम्मानित लोग समाज के पूजनीय है। कोई भी सामाजिक कार्य करते है तो हौशला जरूरी है। इस तरह का कार्य सरकार को करना चाहिये। 
सलखुआ शिक्षक संघ के प्रखंड अध्यक्ष सुदर्शन कुमार गौतम ने कहा कि इस तरह का आयोजन हर वर्ष हो ताकि अलग अलग क्षेत्र में अच्छा कार्य कर सके। 
कार्यक्रम को जेडीयू नेता सह वार्ड पार्षद चंद्रमणि,  में जेडीयू छात्र नेता मो शादाब आलम, सलखुआ प्रखंड शिक्षक संघ अध्यक्ष सुदर्शन कुमार गौतम, शिक्षक संघ के प्रदेश सचिव निरंजन कुमार, सेवा निर्वित शिक्षक महेंद्र नारायण , रोजवैली डायरेक्टर राजीव कुमार, नजरे इमाम, अम्बिका प्रसाद यादव, महखड़ मुखिया सगुप्ता प्रवीण, मो फिरोज आलम,  सलखुआ मुखिया संघ अध्यक्ष मिथलेश विजय, शिक्षक संघ के प्रखंड अध्यक्ष संजय कुमार, सेवा निर्वित शिक्षक दीप नारायण यादव, मो वजीह अहमद, जय कृष्ण कुमार, आदि उपस्थित थे।
सभा की अध्यक्षता सुरेंद्र कुमार, सभा के सचिव जय शंकर यादव एव मंच संचालन डॉ आर्य सिंधु ने किया। कार्यक्रम का आयोजक मो अफरोज उर्फ गुड्डो, जय शंकर यादव, सुदर्शन कुमार गौतम सहित कई शिक्षक  आदि ने किया। 

जनआस्था, युवाओं की तपस्या और जनसहयोग से बनी बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेले की पहचान

  बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेला की 21साल संघर्ष से शिखर तक:  आज लाखों कांवरियों की आस्था का केंद्र है बाबा मटेश्वर धाम, लेकिन इसकी शुरुआत कु...