शुक्रवार, 29 मार्च 2019

12 बजे लेट नही, दो बजे भेंट नही, बनमा इटहरी प्रखंड क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे

 दिन के साढ़े 12 बजे विदयालय में एक भी छात्र-छात्रा नही था मोजूद,
शिक्षा पदाधिकारी नहीं करते स्कूल की जांच, अधिकांश विदयालय से आधा से ज्यादा रहता है फरार
कोशी बिहार टुडे, सहरसा

          (मध्य विद्यालय खुरेसान का दिन के बारह बजे का हाल)
बनमा इटहरी प्रखंड के मध्य विद्यालय खुरेसान में गुरुवार को दिन के बारह बजे एक भी बच्चे विदयालय में उपस्थित नही था। उस समय विदयालय में मात्र तीन शिक्षक ही मोजूद था। बांकी शिक्षक के बारे में बताया कि एचएम विदयालय के ही काम से बाहर गया है। बांकी के बारे में कुछ नही बताया। इस विदयालय में सबसे आश्चर्य जनक बात ये है कि इस विदयालय में दो दो एचएम मोजूद है। एक प्रसासनिक तो दूसरा वित्तिय है। हिमांषु कुमार शास्त्री प्रसाशनिक एचएम है तो विंनोद कुमार वितीय एचएम है। 
                   ( इस विदयालय में दो दो हेडमास्टर कार्यरत है)
578 बच्चे है विदयालय में नामांकित---
मध्य विद्यालय खुरेसान में दोपहर के भोजन के वेबसाइट के अनुसार 578 बच्चे विदयालय में नामांकित है। जिसमे 27 मार्च वुधवार को वेवसाईट पर 245 बच्चे उपस्थित एव इतने बच्चे ही खिचड़ी खाया है। जवकि गुरुवार एव शुक्रवार कॉल नॉट कंप्लीटेड बता रहा है। गुरुवार को शशिलता, मिथलेश कुमार एव दिवाकर कुमार गुप्ता ही मोजूद था। उपस्थित शिक्षक ने बताया कि आज बच्चे की परीक्षा था। बच्चे परीक्षा देकर घर चला गया। 
     सबसे आष्चर्यजनक बात ये है कि विदयालय में दो दो एचएम के रहने के वावजूद दोनों गायब था। मोबाइल पर एक एचएम हिमांषु कुमार शास्त्री ने बताया कि स्कूल के ही काम से बैंक आया है। एचएम ने बताया कि विदयालय में सभी शिक्षक नियमित आते है एव नियमित मिड-डे-मिल चलता है। 
क्या कहते है बीइओ---
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार ने बताया कि हमे तो जानकारी नही है कि शिक्षक क्यो अनुपस्थित है। जांच कर करवाई किया जायेगा।

मंडल के धरती पर किसके सिर सजेगा जीत, मधेपुरा में महादंगल


तीन तीन यादव के दंगल में उतरने से मधेपुरा का चुनाव बनेगा दिलचस्प
कोशी बिहार टुडे, सहरसा


तीन दिग्गजों के चुनावी मैदान में उतरने से मधेपुरा लोकसभा सीट हॉट रहने के संकेत मिलने लगे हैं। एनडीए से जदयू के टिकट पर दिनेशचंद्र यादव और महा गठबंधन से राजद के सिंबल पर शरद यादव के चुनाव लड़ने की घोषणा होने के बाद अब सीटिंग सांसद पप्पू यादव ने भी जन अधिकार पार्टी से नामांकन किया है।
 मधेपुरा सीट पर महा मुकबला होने की संभावना
तीन प्रत्याशियों में दिनेशचंद्र यादव जेडीयू से एव राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव जाप से नामांकन दाखिल कर दिया है, अब राजद से शरद यादव का नामांकन होना बांकी है। तीन दिग्गजों के चुनाव मैदान में कूदने से मधेपुरा सीट पर महा मुकबला होने की संभावना बनने लगी है। मधेपुरा लोकसभा सीट पर हाल के चुनावों में आमतौर पर राजद और जदयू के बीच ही सीधा मुकाबला होता रहा है। बाजी कभी राजद तो कभी जदयू प्रत्याशी के हाथ लगी। राजद के टिकट पर पप्पू यादव मधेपुरा के सीटिंग सांसद हैं। शरद यादव जदयू के टिकट पर भी जीत हासिल कर मधेपुरा का सांसद रह चुके हैं। बदले राजनीतिक हालातों के बीच शरद यादव इस बार राजद के सिंबल पर चुनाव मैदान में रहेंगे।

पप्पू यादव जाप से किया नामांकन दाखिल---
 तमाम प्रयासों के बावजूद महागठबंधन से टिकट नहीं मिलने के कारण पप्पू यादव ने अपनी पार्टी जन अधिकार पार्टी से नामांकन दाखिल किया। दूसरी ओर एनडीए से जदयू के टिकट पर राज्य सरकार के मंत्री दिनेश चंद्र यादव प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल कर चुका है।दिनेशचंद्र यादव जदयू और भाजपा के  आधार वोट बैंक के बूते चुनाव मैदान में है तो शरद यादव एम-वाय समीकरण के बूते नैया पार कराने का प्रयास करते नजर आएंगे। वहीं सीटिंग एमपी पप्पू यादव हर सुख- दुख में लोगों के घरों तक पहुंचने, गरीब- गुरबों के लिए एक मददगार की छवि और पांच वर्षों में क्षेत्र के विकास के लिए किये गये प्रयासों के बूते चुनावी बाजी को अपने पक्ष में करने के लिए पूरा दमखम लगाते नजर आएंगे। आने वाले समय में चुनावी समीकरण क्या रूप लेता है और बाजी किसके हाथ लगेगी यह देखने की बात होगी।
आभार-हिंदुस्तान

मंगलवार, 26 मार्च 2019

एनडीए का उम्मीदवार हुआ फाइनल, महागठबंधन में अब भी संसय,


वर्तमान सांसद चौधरी महबूब अली कैसर लोजपा के टिकट से खगरिया से  चुनाव लड़ेंगे
लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान ने इसकी घोषणा की
कोशी बिहार टुडे, सहरसा

 खगड़िया से एनडीए के प्रत्याशी के नाम की घोषणा हो गई है। यहां से वर्तमान सांसद चौधरी महबूब अली कैसर लोजपा के टिकट से चुनाव लड़ेंगे।
 यह सीट लोजपा के खाते में थी। शनिवार को एनडीए ने बिहार के 39 सीट के लिए उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की, लेकिन एक मात्र सीट खगड़िया से कौन चुनाव लड़ेगा यह नहीं बताया गया। मंगलवार को लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान ने इसकी घोषणा की।
 भारी पड़ा वर्तमान सासंद कैसर का पलड़ा
खगड़िया से किसे टिकट दिया जाए इसके लिए महबूब अली कैसर, पूर्व मंत्री सह भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सम्राट चौधरी व जदयू चिकित्सा प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष डॉ संजीव के नाम पर गहन मंथन चला। सोमवार को हुई पार्टी की बैठक में कैसर का चयन कर लिया गया था, घोषणा मंगलवार को हुई। अब तक बिहार से एनडीए ने दो मुश्लीम उम्मीदवार को मैदान में उतारा है।

सोमवार, 25 मार्च 2019

महबूब अली कैसर होंगे खगरिया से एनडीए उम्मीदवार


केंद्रीय मंत्री रामबिलास पासवान एव संसदीय कार्य मंत्री चिराग पासवान ने लगाई मोहर
कोशी बिहार टुडे, सहरसा

 बिहार के खगड़िया लोकसभा सीट के लिए वर्तमान सांसद चौधरी महबूब अली कैसर फिर से एनडीए उम्मीदवार होंगे। पार्टी की तरफ से फिर भरोसा करते हुए उन्हें लोजपा का उम्मीदवार बनाया जाना तय है। श्री कैसर सोमवार को पार्टी के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चिराग पासवान के जमुई में नामांकन के समय केन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान के साथ थे। इसके पहले उन्होंने राजग उम्मीदवारों की घोषणा के बाद राम विलास पासवान और चिराग से भेंट की थी। राजग की ओर से लोकसभा की 40 सीटों में खगड़िया को छोड़ 39 सीटों के उम्मीदवारों के नामों की घोषणा हो चुकी है। जिसमे खगरिया में एक दो दिन के भीतर घोषणा किये जाने की बात कही थी। सोमवार को संसदीय कार्य मंत्री चिराग पासवान के नामांकन में शामिल हुए एव सभा को भी संबोधित किया। पिछले दो दिनों से खगरिया सीट को लेकर काफी उठापटक चल रही थी। परबत्ता के विद्यायक आर एन सिंह के पुत्र डॉ संजीव कुमार का नाम भी दौर में शामिल था। लेकिन सासंद कैसर को अल्पसंख्यक एव सिटिंग सासंद का लाभ मिला। गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष श्री कैसर पिछले चुनाव में खगड़िया से पहली बार लोकसभा सदस्य बने थे। हाल के महीनों में वे पार्टी गति​विधियों में शामिल नहीं हो रहे ​​थे। हालांकि अब खगरिया से उनके दावेदारी की मुहर लगने से कार्यकर्ता काफी खुश है।

रविवार, 24 मार्च 2019

प्रेमी के साथ मिलकर पत्नी ने अपने डॉक्टर पति का हत्या करवाई


सहरसा के चिकिस्तक की हत्या का सनसनीखेज बारदात का हुआ उदभेदन
कोशी बिहार टुडे, सहरसा

19 मार्च को सहरसा के  दंत चिकित्सक डा. किशोर कुमार भास्कर की हत्या का पुलिस ने रविवार को उदभेदन कर दिया। डॉक्टर की हत्या उनकी पत्नी ने अपने प्रेमी (डॉक्टर के फुफेरा भाई) के साथ मिलकर करा दी। मामले में पुलिस ने पत्नी व प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि घटना में शामिल प्रेमी के एक अन्य दोस्त की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
ऐसे रचा डॉक्टर की हत्या का साजिश---
रविवार को पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि डॉक्टर की पत्नी नेहा कुमारी एवं डॉक्टर का फुफेरा भाई मधेपुरा जिला के ग्वालपाड़ा थाना क्षेत्र के रेशना गांव निवासी आशीष आनंद उर्फ बमबम के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी एवं उसके एक सहयोगी के साथ आपस में मिलकर घटना को अंजाम देने की साजिश रची। जिसके बाद डॉक्टर की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। एसपी ने बताया कि प्रेमी  बमबम डॉक्टर के यहां ही करीब आठ वर्षों तक रहा। लेकिन लगभग ढ़ाई वर्ष पूर्व जब परिजन को डॉक्टर की पत्नी से अवैध संबंध होने का शक हुआ तो उसे यहां से भगा दिया। जिसके बाद वह हरियाणा में रहकर इंजीनियरिग की पढ़ाई करने लगा। लेकिन दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत होती रही। जब 10 मार्च को डॉक्टर के बच्चे की मौत हो गई और डॉक्टर की पत्नी अपने मायके कटिहार जिला में थी तो प्रेमी 14 मार्च को हरियाणा से सीधे कटिहार पहुंचा और पूरी योजना बनाकर अपने एक दोस्त के साथ मिलकर डॉक्टर की हत्या कर दी।

एसपी राकेश कुमार ने बताया कि 10 मार्च को डॉक्टर के बच्चे की मौत हो गई। जिसके बाद डॉक्टर की पत्नी अपने मायके कटिहार जिला के कदवा थाना क्षेत्र के कुम्हड़ी गांव चली गई। जहां से अपने प्रेमी डॉक्टर के फुफेरा भाई बमबम से बात होती रही। बच्चे की मौत व प्रेमिका के दर्द को बमबम सहन नहीं कर सका। प्रेमी जानता था कि वो मेरा ही बेटा है, और 14 मार्च को हरियाणा से सीधे डॉक्टर के ससुराल अपने प्रेमिका से मिलने पहुंच गया। जहां प्रेमिका ने प्रेमी को डॉक्टर व उसके परिवार पर प्रताड़ित करने की कहानीं बयां की। यह सुनकर प्रेमी आपा खो बैठा और प्रेमिका के साथ मिलकर डॉक्टर के हत्या की साजिश रच डाली। वहां से प्रेमी अपने गांव मधेपुरा जिला के ग्वालपाड़ा थाना क्षेत्र के रेशना गांव पहुंचा और अपने दोस्त माठा के अमित यादव से संपर्क किया। जिसके बाद उसे यह जानकारी मिली कि डॉक्टर 19 मार्च को अपने ससुराल के लिए निकलेगा उस दिन को हत्या के लिए मुफीद मानकर उसने हत्या की पूरी तैयारी की।
क्लीनिक के बाहर मोटरसाइकिल पर कर रहा था डाक्टर का इंतजार

19 मार्च को प्रेमी बमबम बाइक से अपने दोस्त के साथ 8:51 बजे सुबह मधेपुरा जिला स्थित अपने घर से निकला। 12:45 बजे डॉक्टर के रमेश झा रोड स्थित क्लिनिक के पास पहुंचा जहां से डॉक्टर के निकलने का इंतजार करने लगा। दोपहर 12:58 बजे डॉक्टर के क्लिनिक से निकलने के बाद उसका पीछा करते हुए उसके घर तक पहुंचा। जहां काफी देर तक इंतजार करने के बाद 2:17 बजे डॉक्टर के निकलने के बाद उसका पीछा करने लगा। रास्ते में वह बाइक से उतर गया और अपने भाई डॉक्टर के कार को रोककर बोला कि उसे भी पूर्णिया जाना और कार में आगे की सीट पर बैठ गया। इधर, उसका दोस्त बाइक लेकर बैजनाथपट्टी के समीप तीन मुहानी पर बाइक लेकर खड़ा था। बैजनाथपट्टी के समीप पहुंचने पर दोस्त को देखते ही डॉक्टर से कार रोकने को बोला और कहा कि अमित उसका दोस्त है और उसे भी पूर्णिया जाना है बैठा लीजिए। उसके बाद उसका दोस्त भी पीछे में बैठ गया। उसके बाद बमबम ने बोला कि रास्ता खराब है इस होकर मत जाइए दूसरे होकर चलिए हम रास्ता बताते हैं। जिसके बाद डॉक्टर ने कार सहरसा की तरफ मोड़ लिया। रास्ते में सुनसान स्थान पाते ही पीछे में बैठे बमबम के दोस्त ने डॉक्टर पर गोली चलाने की कोशिश की परंतु गोली नहीं चली। बाद में एक गोली चली जो सीट में लगी। आगे बैठे बमबम को लगा कि गोली चलने के बाद भी डॉक्टर को गोली नहीं लगी। जिसके बाद वह खुद पिस्तौल लेकर डॉक्टर के गर्दन के समीप गोली मार दी। जिससे डॉक्टर की मौत हो गई। इसी बीच पीछे बैठा दोस्त कार से उतरने की कोशिश करने लगा। लेकिन कार लॉक रहने के कारण वह उतर नहीं पा रहा था जिस कारण वह खिड़की के सहारे कार से निकला और डॉक्टर का मोबाइल ले लिया। जिसके बाद बमबम व उसका दोस्त वहां से बाइक लेकर निकल गया। जिसके बाद सौरबाजार, कांप आदि रास्ते होकर वह निकल गया।
प्रेमिका को किया मैसेज काम हो गया
हत्या करने के बाद बमबम रास्ते से डॉक्टर की पत्नी व अपने प्रेमिका को मैसेज किया कि काम हो गया है..। जिसके बाद उसकी प्रेमिका ने मामला गरमाने के कारण चुपचाप रहने व मोबाइल बंद कर घर जाने की सलाह दी। प्रेमिका की सलाह पर वह सीधे अपने घर पहुंच गया।
नये नंबर से सिर्फ प्रेमी से होती थी बात
डॉक्टर की पत्नी ने अपने प्रेमी से बात करने के लिए एक नया सिम खरीदा था। जिसे खंगालने पर पता चला कि इस नंबर से वह सिर्फ अपने प्रेमी से बात करता था। किसी अन्य लोगों से बात नहीं करता था। रोज करीब चार से पांच घंटे तक दोनों के बीच बातचीत होती थी। सिर्फ आठ माह में एक मोबाइल नंबर से 3020 बार एवं दूसरे नंबर से करीब 800 बार यानि चार हजार बार बात हुई थी। इस मोबाइल नंबर को ऊपर करने के बाद जब ट्रू कॉलर पर देखा गया तो किसी लड़की का नाम सामने आता था। जिस कारण पुलिस को भी थोड़ी परेशानी हुई। लेकिन जब मोबाइल का सीडीआर निकला तो नये नंबर के आधार पर पूरे राज का खुलासा हो गया। खास यह कि उस मोबाइल को प्रेमिका चुराकर रखती थी।
कैसे हुआ प्यार
पुलिस के अनुसार डॉक्टर की शादी वर्ष 2012 में हुई थी। इस दौरान उसका फुफेरा भाई बमबम सहरसा में ही डॉक्टर के परिवार के साथ रहता था। इसी दौरान दोनों की आंखें चार हुई और दोनों के बीच प्यार हो गया। इस बीच दोनों के बीच अवैध संबंध भी स्थापित हो गया। करीब ढ़ाई वर्ष पहले डॉक्टर को अपने फुफेरा भाई पर शक हुआ कि उसकी पत्नी के साथ उसका अवैध संबंध है। दोनों को आपत्तिजनक हालत में देखने की बात भी कही जा रही है। जिसके बाद डॉक्टर ने अपने फुफेरा भाई को घर से निकाल दिया। बमबम के परिवार के लोगों को भी यह जानकारी हुई तो उसे पढ़ने के लिए हरियाणा भेज दिया ताकि दोनों के बीच संबंध खत्म हो जाय। वहां बमबम इंजीनियरिग की तैयारी करने लगा। लेकिन दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला चलता रहा। बीच-बीच में मुलाकात भी दोनों करते थे। इसी बीच डॉक्टर की पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया। 10 मार्च को उस बच्चे की मौत हो गई। जिससे बमबम का आक्रोश चरम पर था। उसके बाद पूरी घटना की साजिश रच दी। चिकित्सक की पत्नी को यह लगता था कि बच्चे को उसके पति व परिजन अपना नहीं मानते हैं।
जेल जाने का नहीं था गम
पुलिस ने जब डॉक्टर की पत्नी को गिरफ्तार किया और उसके प्रेमी बमबम को गिरफ्तार किया तो दोनों को जेल जाने का गम नहीं था। भावनात्मक लगाव व प्यार रहने के कारण दोनों को यह लगता रहा कि वह जेल जाकर भी एक-दूसरे से मुलाकात कर पाएंगे और एक-दूजे के लिए जीते रहेंगे। जिस कारण कोई गम नहीं था।
इस मामले में डॉक्टर की पत्नी व उसके प्रेमी की गिरफ्तारी हो चुकी है। डॉक्टर की पत्नी का निजी मोबाइल व सिम जो प्रेमी के लिए प्रयुक्त होता था, बमबम का मोबाइल व सिम जो प्रेमिका से बात करने के लिए प्रयुक्त होता था एवं तीसरे आरोपित का मोबाइल सिम जो घटना में प्रयुक्त हुआ इसके अलावा बाइक भी बरामद कर लिया गया है।
राकेश कुमार, एसपी, सहरसा।

शनिवार, 23 मार्च 2019

खगरिया लोकसभा: राजनीतिक दल ने बढ़ाया उम्मीदवार से लेकर मतदाता तक का धड़कन


बीते 48 घंटे में आधा दर्जन उम्मीदवार का नाम आया सामने, वर्तमान सासंद को भी टिकट के लिये पड़ रहा जूझना
कोशी बिहार टुडे, सहरसा

राजनीतिक दल ने खगरिया लोकसभा सीट को बिहार में चर्चा में ला दिया है। अगर एनडीए की बात करे तो ये सीट पूर्व से ही लोजपा के खाता में रहा, लेकिन महागठबंधन में ये सीट भीआईपी पार्टी के हिस्से में आ जाने से कई तरह के चर्चा होना शुरू हो गया।
बीते 48 घंटे में एनडीए में आधा दर्जन उम्मीदवार का नाम आया चर्चा में---
खगरिया लोक सभा क्षेत्र से पहले से वर्तमान सासंद चोधरी महबूब अली केसर के अलावा पूर्व मंत्री सम्राट चौधरी, रेणु कुशवाहा का नाम का चर्चा जोड़ो पर था। जिसमे वर्तमान सासंद श्री केसर का नाम आगे था।  लेकिन बीते 48 घंटे में लोजपा में एक नाम जुड़ा, डॉ संजीव सिंह। लोग हैरान-परेशान ये संजीव सिंह कोन है। फेसबुक से लेकर अन्य श्रोत से लोगो ने ढूंढना प्रारम्भ किया। तब जाकर पता लगा कि डॉ संजीव कुमार सिंह परबत्ता से  विधयाक एव पूर्व मंत्री आर एन सिंह के पुत्र है। बड़ा सवाल है कि क्या राजनीतिक दल हवा-हवाई उम्मीदवार को थोप रहा है। जिनका क्षेत्र में शून्य गतिविधि है, लोग जानते तक नही है उनको आप उम्मीदवार बना रहे है। सोसल मीडिया में भी ब्रेकिंग बन गया। फिर दूसरे सुबह यानी शनिवार को फिर मालूम हुआ कि खगरिया लोजपा सीट से सासंद चोधरी महबूब अली केसर का नाम से टिकट पक्का हो गया है। अब लोगो को आशा होने लगा कि 12 बजे एनडीए बिहार के सभी 40 सीटों से अपना उम्मीदवार का ऐलान करेगा। ऐलान हुआ भी, लेकिन 40 नही बल्कि 39। जिस सीट का एलान नही हुआ वह सीट खगरिया। उसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि एक दो दिन में खगरिया सीट का भी ऐलान हो जायेगा। लोगो मे अब तक संसय बना हुआ है।
इधर महागठबंधन की बात करे तो कृष्णा कुमारी यादव अपनी सीट पक्का मानकर क्षेत्र में भृमण कर रहे थे। अपनी चुनाव की तैयारी कर रही थी। लेकिन महागठबंधन में खगरिया का ये सीट भीआईपी के खाते में चले जाने से सब मामला गड़बड़ हो गया। खुद कृष्णा कुमारी यादव आक्रोशित है।  लोगो का कहना है कि कृष्णा कुमारी यादव पिछले चुनाव हारने के बाद से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रही एव लोगो से मिलती-जुलती रही। कई फायदा हुआ इन पांच साल में कृष्णा यादव को क्षेत्र में लोगो की सेवा करने का। राजनीतिक दल हवा-हवाई की तरह उम्मीदवार को उतार देता है, जिनको लोग जानता पहचानता तक नही। भीआईपी के खाते में ये सीट के चले जाने से कई नामो की चर्चा हो रहा है।

शुक्रवार, 22 मार्च 2019

बिहार में महागठबंधन में शरद यादव को लेकर आई बड़ी खबर,


महागठबंधन में सीट हुआ फाइनल, पढ़े किस पार्टी के हिस्से में आया कितना सीट
कोशी बिहार टुडे, सहरसा

 बिहार महागठबंधन में सीट बटवारे की घोषणा शुक्रवार की शाम कर दी गई। राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता मनोज झा, आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे, कांग्रेस के मदन मोहन झा, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के बीएल वैसयंत्री, राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी के सत्यानंद दांगी ने प्रेस कांफ्रेंस कर घोषणा सीट बंटवारे का ऐलान किया। साथ ही, महागठबंधन के पहले चरण के उम्मीदवारों की सूची भी जारी कर दी है। शरद यादव को दो सीट मिला है। लेकिन दोनों सीट पर राजद के ही सिम्बल पर चुनाव लड़ना पड़ेगा।
राजेडी ने अपने कोटे की सीटों में से एक सीट माले को देने की घोषणा की है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को कहा था कि बिहार में विपक्षी पार्टियों का महागठबंधन बरकरार है और राज्य की सभी 40 सीटों के लिए इसके उम्मीदवारों की घोषणा होली के बाद की जाएगी।
जानें किसके खाते में गई कितनी सीट
आरजेडी      20, माले को राजद अपने कोटे से 1 सीट देगा 
कांग्रेस        09
रालोसपा     05
हम            03
बीआईपी     03

पहले चरण के लिए बिहार महागठबंधन के उम्मीदवार
1- गया सीट से हम उम्मीदवार जीतन राम मांझी
2- नवादा सीट राजद उम्मीदवार विभा देवी
3- जमुई से आरएलएसपी के उम्मीदवार भूदेव चौधरी
4- औरंगाबाद सीट से हम उम्मीदवार उपेंद्र प्रसाद
इसके अलावा शरद यादव और उनके एक और उम्मीदवार राजद के सिंबल पर ही चुनाव लड़ेंगे।
2 विधान सभा के उप चुनाव में डिहरी से राजद के मो फिरोज हुसैन और नवादा से धीरेंद्र कुमार सिंह हम पार्टी के प्रत्याशी होंगे।

जनआस्था, युवाओं की तपस्या और जनसहयोग से बनी बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेले की पहचान

  बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेला की 21साल संघर्ष से शिखर तक:  आज लाखों कांवरियों की आस्था का केंद्र है बाबा मटेश्वर धाम, लेकिन इसकी शुरुआत कु...