शनिवार, 11 मई 2019

बनाना था बड़ा पूल, बना दिया कलवर्ट, ग्रामीण कार्य विभाग के अजब-गजब कारनामे

50 साल पूर्व बने तीन स्पेन के पूल के बहाव रास्ते पर छोटी पुलिया बनाने से ग्रामीणों में आक्रोश
कोशी बिहार टुडे, सहरसा

सहरसा जिले के बनमा इटहरी प्रखंड के सहुरिया पंचयात के परसाहा गांव के समीप मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पूल एव सड़क निर्माण किया जा रहा है। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। आक्रोश का कारण ग्रामीण कार्य विभाग के अजब गजब कारनामे को लेकर है।
तीन स्पेन पूल के बहाव रास्ते मे बना दिया कलवर्ट--
सवाल सड़क कम कलवर्ट को लेकर ज्यादा है। ग्रामीण का कहना है कि इंजीनियर बिना स्थल पर पहुचे प्राक्कलन बना दिया, जिन कारण ये स्थिति उत्पन्न हुआ। लगभग 50 वर्ष पूर्व तीन स्पेन का पूल बना है। अब संवेदक उक्त तीन स्पेन के पूल के ठीक सामने कलवर्ट बना देने से इलाका में चर्चा का बना है। चर्चा इस बात है कि ये एरिया बाढ़ प्रभावित है। हर साल बाढ़ आती है। पूर्व का तीन स्पेन पूल के बहाव के रास्ते मे छोटी कलवर्ट बना दिया। अब लोग कह रहा है कि बाढ़ आते ही सड़क एव कलवर्ट दोनों को बहा देगी।
आफिस में बैठकर बना प्राक्कलन---

जिस तरह से तीन स्पेन के पूल के सामने छोटी कलवर्ट बना दिया, इससे साफ पता चलता है को स्थल पर बिना पहुचे इंजीनियर ने पूल का प्राक्कलन बना दिया। अगर स्थल पर इंजीनियर पहुचते तो इस तरह का नोबत नही आता।
ग्रामीण किया था प्रदर्शन---
परसबन्नी-परसाहा सड़क निर्माण को लेकर लगभग 15 दिन पूर्व ग्रामीण ने प्रदर्शन किया था। फिर गुरुवार को भी ग्रामीणों के द्वारा प्रदर्शन किया गया। अखबार में समाचार प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता सरवर अंजुम पहुचे। स्थल पर पहुचने के बाद कार्यपालक अभियंता को मानना पड़ा कि इस जगह कलवर्ट को नही होना चाहिये था।
क्या कहते है कार्यपालक अभियंता---
कार्यपालक अभियंता ने बताया कि उक्त सड़क निर्माण में कही भी अनियमितता बर्दाश्त नही होगा। तीन स्पेन के पूल के सामने कलवर्ट के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये कलवर्ट परसबन्नी-परसाहा सड़क में है। उन्होंने माना कि इंजीनियर को इस बात का ध्यान रखना चाहिये कि पहले से बना तीन स्पेन पूल के सामने कलवर्ट की जरूरत नही है।

कोसी का रौद्र रूप देख अपना ठिकाना बदल लेते है तटबन्ध के लोग


कोशी नदी में उतरा लाल पानी, बाढ़ की आहट
कोशी बिहार टुडे, सहरसा

कोसी नदी में लाल पानी उतर गया है। ये लाल पानी बाढ़ आने का पूर्व सूचना है। कोसी नदी में लाल पानी के उतरने के बाद अब नदी में पानी बढ़ना प्रारम्भ हो गया है एव नदी को चौड़ाई अब फैलने लगा है। कल तक जहा गाड़ी फर्राटे लगाकर दौर रही थी, अब वहां पानी आ गया है।
तुरंत धारा बदल लेती है कोसी---
धारा बदलने में माहिर कोसी नदी हर वर्ष कही ना कही अपना रास्ता अलग करती है। जहाँ थोड़ी सी भी धारा बदलती है उस इलाके में कहर बरपाती निकलती है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण वर्ष 2008 में आई कुशहा त्रासदी है। पूर्वी व पश्चिमी कोसी तटबंध के भीतर बसने वाले लोगों की दिनचर्या कोसी की धारा से बदलती रहती है। कोसी वासी हर साल कोसी का तांडव झेलते हैं। कभी कोसी का प्रचंड रूप देखते हैं, तो कभी इसकी निर्मल धार। हालांकि इसे सभी शोक के रूप में ही याद करते हैं। हर वर्ष कोसी नदी के विनाश लीला से दर्जनों आशियाने को कोसी लील लेती है। जब भी कोसी विनाश करती है तब ही सरकार जागती है। युद्ध स्तर पर बाढ़ राहत का काम होता है। लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाता है। स्थिति यह है कि हर साल कोसी की बदलती धारा के साथ लोगों की दिनचर्या बदलती रहती है।
कोसी के बढ़ते जलस्तर के कारण अपनी जगह तो बदलते ही हैं और अपने जीने का ढंग भी बदल लेते हैं। तटबंध के अंदर पानी नहीं रहने पर खेती व मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं व पानी आने पर विस्थापित हो जाते हैं। फिर मजदूरी करने को मजबूर हो जाते हैं। कुछ ग्रामीण तो राज्य से बाहर पलायन कर जाते हैं। कभी तटबंध के अंदर जिंदगी कटती है तो कभी कोसी की तेज धार से बचने के लिए तटबंध के बाहर की जिंदगी गुजारती है।
क्या है कारण

हर साल कोसी अपनी तेज धारा में लाखों टन गाद लेकर आती है। इसी गाद के एकत्रित होने से टीला का निर्माण होता है। जिसके कारण इसकी दिशा लगातार बदलती रहती है। इसी कारण ग्रामीण भी इसकी धारा को निश्चित नहीं मानते। कटनियां भी इसकी धारा बदलने का एक कारण है। यह किनारे पर मिट्टी काफी तेजी से काटती है। जिस कारण भी ग्रामीण भयभीत रहते हैं। बरसात में इसकी धारा काफी तेज बहती है। जिस कारण कोसी वासी ने अपनी मजबूरी को अपनी नियति मान लेते है।
दर्जनों गांव नदी में समाया, लेकिन अब तक एक भी गांव सही से नही बसा----
हर साल बाढ़ आती है। कटाव होता है। अच्छे अच्छे टोला नदी में समा जाता है। लेकिन एक टोले को पूनः दुबारा निर्माण होने में दशकों लग जाता है, लेकिन टोला नही बन पाता है। यही कारण है कि कोसी तटबन्ध के अंदर जिनका भी घर कोसी नदी में समाया वहा के लोग छिटपुट अलग अलग जगह रह रहे है। सलखुआ प्रखंड के चानन पंचयात के चानन, डेंगराही, उटेशरा पंचयात में टेंगराहा, जागीर, कामरादिह, सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के बेलवाड़ा, कठडुमर आदि पंचयात में कई टोला कोसी नदी में समा चुका है।हालांकि सरकार ने भी इनलोगो को पुर्नवासित करने के लिये जमीन भी दिया। कई लोग घर बनाये एवं कई तटबन्ध के स्पर पर ही किसी तरह झुग्गी बनाकर रह रहे है। 
नही मिल रहा है शुद्ध पेयजल------
राजनपुर से कोपरिया तक लाखो लोग तटबन्ध के किनारे शरण लिए है। लेकिन इनलोगो को पीने के लिये साफ पानी उपलब्ध नही है। सरकार के सात निश्चय हर घर नल जल यहाँ पूरी तरह से फ्लॉप नजर आ रहा है। हालांकि तटबन्ध पर बिजली तो है, लेकिन पीने का पानी सहित कई मूलभूत सुविधाएं नही है।

शुक्रवार, 10 मई 2019

बच्चे 100, हाजिरी 300, गुरुजी गटक रहा है बच्चे की खिचड़ी

हाजिरी बनाकर एचएम गायब,  उपस्थित बच्चे 100 के आसपास, हाजिरी 321
मौसमी फल एव अंडा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति
कोशी बिहार टुडे,, सहरसा

प्रत्येक शुक्रवार को सरकारी स्कूल में बच्चे को दिए जाने वाले मौसमी फल एव अंडा में वितरण में जमकर धांधली किया जा रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारी कभी भी स्कूल जांच करने नही जाते है। जिस कारण मनमाना तरीके से मौसमी फल एव अंडा दिया जा रहा है। 
सुबह के स्कूल होने का लाभ उठा रहा है एचएम---
स्कूल सुबह में चल रही है। जो दिन के साढ़े 11 बजे तक चलती है। इस दौरान शिक्षा विभाग भी जांच नही कर पाता है। इसी का फायदा एचएम उठाते है। शक्रवार को बलबाहाट ओपी के मध्य विद्यालय ऐनी में लगभग 100 बच्चे उपस्थित थे जो मध्यान भोजन कर रहे थे। लगभग 100 अंडा भी एक कठौती में रखा था। विदयालय के एचएम हाजिरी बनाकर गायब था। बांकी अन्य शिक्षक विदयालय में मौजूद थे। बच्चे को मध्यान भोजन दिया जा रहा था। 
उपस्थिति 110, हाजिरी 300 से ऊपर---

मध्य विद्यालय ऐनी में शुक्रवार को लगभग 100 बच्चे उपस्थित थे। मध्यान भोजन के वेवसाइट के अनुसार गुरुवार को मध्य विद्यालय ऐनी का नामांकित 722 बच्चे है। जिसमे 321 बच्चे उपस्थित थे, एव 319 बच्चे में मध्यान भोजन खाया। वही शुक्रवार को लगभग 100 बच्चे की मौजूदगी ने सवाल खड़ा कर दिया है। जबकि शुक्रवार को फल एव अंडे के कारण ज्यादा बच्चे की उपस्थिति रहनी चाहिए। स्कूल के कई अभिभावक ने भी स्कूल के एचएम का शिकायत किया। मात्र एक चापाकल है जिसपर पानी के लिये बच्चे में जदोजहद रहता है। 
क्या कहते है बीइओ---
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार ने बताया कि मध्य विद्यालय ऐनी में कम बच्चे की बराबर शिकायत रहती है। ग्रामीण भी कई बार शिकायत करते है। हम जांच कर करवाई करेंगे।

गुरुवार, 9 मई 2019

भाई-एव भाभी ने चार दिन तक बहन को बंधक बनाकर रखा, खाना मांगने पर पेशाब पिलाया


पड़ोसियों ने पुलिस के मिलकर चार दिन के बाद मुक्त कराया, रिश्ता हुआ कलंकित
कोशी बिहार टुडे

अररिया के फारबिसगंज में सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है। दरअसल यहां पत्नी के साथ मिलकर भाई ने अपनी सगी बहन को 4 दिनों तक हाथ और पैर बांधकर बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उनसे मारपीट की गई और गंभीर यातनाएं दी गई।
मामला प्रकाश में आने के बाद ग्रामीण और रिश्तेदारों ने पीड़ित युवती को भाई और भाभी की कैद से आजाद कराया और उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे स्थानीय अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल से ही मामले की जानकारी एसपी धूरत सायली सावलाराम को दी गई जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। फारबिसगंज पुलिस अस्पताल पहुंचकर पीड़िता से बयान लेकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
घटना के संबंध में अस्पताल में इलाजरत पीड़िता ने कहा कि मेरे माता पिता की मृत्यु हो चुकी है। मेरे भाई रुस्तम पिता स्वर्गीय सरीफ और उसकी पत्नी जुबेदा खातून घर में उनके साथ हमेशा गाली-गलौच मारपीट करते थे और वे लोग मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। युवती ने बताया कि  6 मई को मेरे भाई एवं भाभी पहले मुझे डंडे से पीटा इसके बाद मकान की दूसरे मंजिल पर ले जाकर रस्सी से दोनों हाथ और पैर बांध कर जमकर मारपीट की। मैं बेहोश हो गई। जब होश आया और पानी मांगी तो मुझे पेशाब पिलाया गया। बीते 4 दिनों से खाना-पीना नहीं दिया जा रहा था। खाना मांगने पर पिटाई करते थे। मोहल्ले के लोगों ने आज मेरे घर में घुसकर मुझे मुक्त कराया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।

ग्रामीण के अनुसार युवती को शादी-विवाह एवं संपत्ति को लेकर जान मारने की नियत से 4 दिनों से बंधक बनाकर यातना और प्रताड़ना दिया जा रहा था।  जब लोगों को इसकी भनक हुई और वह रुस्तम के घर गये तो लड़की खिड़की से लटक रही थी और उसने देखते ही जान बचाने की गुहार लगाई। उसके बाद उसे बचाया गया है। चिकिस्तक के अनुसार अब युवती के इलाज के बाद सुधार आ रहा है। इधर एसपी धुरत सायला सवलाराम ने कहा कि कोई भी हो आरोपी के खिलाफ कड़ी करवाई होगी। आभार-हिंदुस्तान

बुधवार, 8 मई 2019

ग्रामीण छात्रों ने भी सीबीएसई की परीक्षा में लाया अच्छे अंक, परिजन में खुशी

पढ़ाई में अब ग्रामीण इलाके के बच्चे भी लहरा रहा है परचम
कोशी बिहार टुडे, सहरसा

सीबीएसई की परीक्षा में ग्रामीण क्षेत्रो में भी बच्चे ने धूम मचाया। कई कोचिंग संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों ने अच्छे अंक से परीक्षा में सफलता हासिल किया। नगर पंचायत स्थित जीआरओडब्लू कोचिंग के छात्रों ने अच्छा अंक लाया। इस संस्थान के डारेक्टर संघर्ष कुमार ने बताया कि कई छात्र का परिणाम बेहतर है। जिसमे छात्र वैभव जायसवाल 93.2 अंक लाया। वही कोमल कात्यानी 92.4, आलोक 89.4, अभिषेक 87.2, आनंद 77.2, एव पंखुरी 78.6 अंक लाया। सिमरी बख्तियारपुर रानीहाट के ही शिक्षक पुत्र आशीष कुमार 92.2 अंक लाया। आशीष कुमार केंद्रीय विद्यालय सहरसा में पढ़ाई कर रहा है। ग्रामीण इलाके में इस तरह छात्रों का अच्छा परिणाम को अभिभावक ने अच्छा बताते हुए कहा कि अब बच्चे को पढ़ने के प्रति जिज्ञासा जगा है। 
सरकारी विदयालय में भी लागू हो सीबीएसई पाठ्यक्रम---
अधिकांस बच्चे के अभिभावक का कहना है कि अब हर सरकारी विदयालय खासकर 9 एव 10 में अनिवार्य रूप से सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया जाना चाहिये। इससे छात्रों में एक दूसरे से आगे बढ़ने एव अच्छे अंक लाने का होड़ लगेगा, जो शिक्षा में अच्छी बात है। हालांकि केंद्र सरकार की स्कूल के साथ साथ अब कई निजी विदयालय में सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत पढ़ाई किया जाता है।

मंगलवार, 7 मई 2019

पति का था अपने भाभी से अवैध संबंध, 9 माह पहले व्याह कर लाया नवेली दुल्हन को पति ने जहर देकर किया हत्या

9 महीने पूर्व ही हुआ था शादी, पुलिस ने तीन को किया गिरफ्तार
कोशी बिहार टुडे, सहरसा

पति का भाभी के साथ अवैध संबंध का विरोध करने पर 19 वर्षीय सोनी देवी की हत्या सहरसा सदर थाना क्षेत्र के परसाहा में सोमवार की देर रात जहर खिलाकर कर दी गई। नवविवाहिता की हत्या का आरोप उसके पति और ससुरालवालों पर है। पुलिस ने हत्या के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मृतका सोनी के पिता सत्तरकटैया प्रखंड के ग्राम पंचायत सत्तर निवासी बिनोद साह ने बताया कि करीब नौ महीने पूर्व अपनी बेटी की शादी परसाहा निवासी जोगी साह के तीसरे बेटे बरुण कुमार साह के साथ की थी। दहेज के रूप में 7 लाख रुपए देने की बात तय हुई थी, जिसमें उन्होंने तत्काल 5 लाख रुपए दे दिए थे।

शादी के करीब तीन महीने बाद सोनी देवी ने शंका के आधार पर पति पर नजर रखनी शुरू की तो उसे पता चला कि उसके पति बरुण कुमार का अपनी भाभी के साथ अवैध संबंध है, जिसकी वजह से बरुण अपनी कमाई अपनी भाभी को देता था। इस पर सोनी ने विरोध करना शुरू किया, जिसके बाद दहेज के बचे हुए पैसे के लिए ससुरालवालों ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। ससुरालवालों द्वारा दहेज के लिए प्रताड़ित करने की जानकारी मिलने पर सोनी के पिता ने एक लाख रुपए और दिए। जबकि बाकी एक लाख रुपए भी जल्द दे देने का वादा किया पर अवैध संबंध का विरोध करने की वजह से सोनी को ससुरालवाले लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। सोमवार की शाम सोनी के ससुराल से फोन किया गया था कि उनकी बेटी की तबीयत ख़राब है। नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। जानकारी मिलते ही परिजन नर्सिंग होम पहुंचे, जहां ऑक्सीजन चढ़ने की बात कहकर सोनी देवी से मिलने नहींं दिया गया। कुछ देर बाद जब वह खाने के लिए बगल के होटल में गए थे, तभी ससुरालवालों ने सोनी देवी का शव लेकर भाग निकले। इसके बाद परिजनों ने सदर थाने को खबर किया।
खबर मिलते ही पुलिस ने पीछा कर शव के साथ भैंसुर सुरेंद्र साह, भैंसुर नारायण साह और रिश्तेदार शिवजी साह को गिरफ्तार किया। पति और सास फरार हैं। आभार- दैनिक भास्कर

जाम ही जाम से रानीहाट हलकान, हर रविवार को लग जाता है महाजाम

प्रशासन बेखबर, मवेशी से लदे चार पहिया वाहन से लगता है जाम
कोशी बिहार टुडे, सहरसा


                 

रविवार को रानीहाट में मवेशी लड़े ट्रक एव चारपहिया वाहन का आवाजाही से रानीहाट का रप्तार में ब्रेक लगा देता है। कभी कभी तो स्थिति ऐसी हो जाती है कि ट्रेन को भी ऑटो सिंग्नल पर खड़ा रहना पड़ता है। इसका कारण है कि ढाला पर वाहन के रहने के कारण बेरियर नही गिर पाता है।
सिमरी बख्तियारपुर नगर पंचायत के रानीहाट रेलवे ढाला पर बीते रविवार को  जाम के कारण रेलवे के स्थापित बेरियर नही गिर सका। चूंकि ट्रेक्टर सहित अन्य वाहन रेल पटरी से मात्र 10 फिट की दूरी पर था। सहरसा से ट्रेन दिन के लगभग 12 बजे पास करना था। जब जाम टस से मस नही हुआ तो तत्काल गाड़ी पास कराने के लिये मैनुअल बेरियर लगाकर ट्रेन को पास कराया गया। इस दौरान रानीहाट में लगभग भयंकर एक किलोमीटर पूरब की तरफ जाम लगा था। इस जाम में बड़ी बड़ी ट्रक भी लगी थी। 
हर रविवार को रानीहाट में घंटो जाम रहती है---



रानीहाट में मबेसी का बाजार हर रविवार को लगता है। इस बाजार से दर्जनों ट्रक में मबेसी लादकर मबेसी व्यवसायी दूसरे बाजार या दूसरे राज्य ले जाते है। इन ट्रक वालो के लिये कोई नियम कानून नही है, एव ना ही मबेसी हटिया मालिक ने कोई नियम बना रखा है। जब मन हुआ बड़ी ट्रक हो पिकअप वेन मबेसी लेकर आता-जाता है एव जाम की समस्या को उत्पन्न कर देता है। आम लोगो तो बहुत ज्यादा परेसानी का सामना करना पड़ता है। इन मबेसी वाहन वालो के द्वारा किसी भी तरह का नियम का पालन नही किया जाता है। यही कारण है कि हर रविवार को रानीहाट में लोगो को पार करने में घंटो लग जाता है। इसमें कही भी प्रशासन नजर नही आता है। जिंकरण इन सड़कों को मबेसी वाहन चालक अपना मनमर्जी करता है।

जनआस्था, युवाओं की तपस्या और जनसहयोग से बनी बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेले की पहचान

  बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेला की 21साल संघर्ष से शिखर तक:  आज लाखों कांवरियों की आस्था का केंद्र है बाबा मटेश्वर धाम, लेकिन इसकी शुरुआत कु...