मंगलवार, 13 अगस्त 2019

बाबा मटेश्वर धाम में कांवर एव डाकबम की शुरुआत करने वाले मुन्ना भगत को केंद्रीय मंत्री ने किया सम्मानित

बाबा मटेश्वर धाम कांठो एवं छर्रा पट्टी  को राजकीय मेले का दर्जा देने का प्रयास किया जाएगा: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह
अगले वर्ष से मुंगेर घाट से बाबा मटेश्वर धाम तक कांवरिया एव डाक बम के लिये होगी चोड़ी सड़क
कोशी बिहार टुडे, सहरसा

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि श्री श्री 108 बाबा मटेश्वर धाम एवं छर्रा पट्टी मुंगेर को राजकीय मेले का दर्जा दिलवाने के प्रयास किया जाएगा। अगले वर्ष से मुंगेर घाट से बाबा मटेश्वर धाम तक डाकबम एव कांवरिया को चलने के लिये चौड़ी सड़क मिलेगा। रविवार को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बेगूसराय के मुंगेर घाट में आयोजित सम्मान समारोह में ये घोषणा किया। केंद्रीय मंत्री श्री सिंह बाबा मटेश्वर धाम कांठो में डाकबम एव कांवरिया बम की शुरुआत करने वाले डाकबम एव कांवरिया संघ के अध्यक्ष मुन्ना भगत एव संचालन शिवेंद्र पोद्दार को शाल देकर सम्मानित किया। 

केंद्रीय मंत्री ने डाकबम एव कांवरिया की शुरुआत करने वाले मुन्ना भगत एव शिवेंद्र पोद्दार सहित सभी 32 कार्यकर्ता का तारीफ करते हुए कहा कि आपलोगो के द्वारा किया गया कार्य अद्भुत है। आपलोगो की जितनी प्रशंसा किया जाए कम है। उन्होंने कहा कि आप ने सिर्फ सहरसा- बेगूसराय नही बल्कि बिहार के सभी श्रद्धालु के लिये एक गर्व की बात है। बाबा मटेश्वर धाम कांठो का विकास के लिये उनसे जो भी प्रयास होगा किया जायेगा। इस मौके सावन में प्रतदिन बाबा मटेश्वर धाम पर जल चढ़ाने वाले तेजनारायण यादव की भी तारीफ किया। इस मौके पर कृष्ण कुमार सहित बड़ी संख्या के श्रद्धालु इस समारोह में उपस्थित थे।

सोमवार, 12 अगस्त 2019

इंसानियत का पैगाम देता है त्याग और बलिदान का त्योहार है बकरीद


कोशी बिहार टुडे, सहरसा

त्याग, बलिदान एव आपसीभाइचारे का पर्व बकरीद सोमवार को हर्षोल्लास से धुम धाम से मनाया गया। भटौनी,तरियामा,पहाडपुर,हुसैनचैक,चकमका,खोजचक,सिटानाबाद, लक्ष्यमिनिया,फनसाहा,हरेवा,मियाचक,असरफचक,समस्तीपुर,मोहनपुर,अंधरी सहित अन्य ईदगाह मे बकरीद की नेमाज अदा किया गया। ईदगाहों मे ,सडीपीओ मृदुला कुमारी सहित कई पुलिस कर्मी मोजूद थे। इस अवसर पर अनुमंडल मुख्यालय डियोढ़ी के इमाम हजरत मौलाना ने बख्तियारपुरी ने नेमाजियो को संबोधित करते हु, कहा कि यह पर्व त्याग, बलिदान और इंसानियत का पैगाम देता है।उन्होने कहा कि अल्लाह के हुक्म पर सबसे प्यारी और जान से भी ज्यादा अजीज चिज को कुर्बान कर देने की नियत और तकवा अल्लाह को पसंद है।कहा बुराइ का त्याग और अल्लाह के बताये मार्ग पर चल कर इंसानियत को जींदा रखने के लिये अपनी जान की कुर्बानी देनी पडे तो हर वन्दे को इसके लिये तैयार रहना चाहिये। नमाज के बाद आपसी भाइचारा,सभो की तरक्की ,वं मुल्क मे अमन चैन की दुआ मांगी।
हज की समाप्ति पर मनाया जाता है बकरीद
इस्लाम धर्म मे मनु’य के पांच कर्तव्यो मे पांचवे स्थान रहे हज की सारी प्रक्रिया भली भांति संपन्न हो जाने की ख़ुशी मे बकरीद का त्योहार मनाया जाता है।इसके साथ ही हज मुकम्मल हो जाता है।इस्लाम मे त्याग और बलिदान की बहुत महत्व है। ऐसी मान्यता है कि अल्लाह की राह मे खर्च करो यहा खर्च का मतलब भलाइ और नेकी के काम से है।अगर संपन्न हो तो कुर्बानी दो।बकरीद मे गरीब और दुखी लोग का खास ख्याल रखा जाता है।

गुरुवार, 8 अगस्त 2019

बाढ़ के कारण स्कूल बंद था तो फिर एचएम ने कैसे 585 में से 265 को खिला दिया खिचड़ी

कोशी तटबन्ध के अंदर शिक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे, नही होती है जांच
बीडीओ ने करवाई के लिये डीईओ की लिखा पत्र, बीइओ ने विदयालय के सभी शिक्षक का किया वेतन बंद।
कोशी बिहार टुडे, सहरसा

सिमरी बख़्तियारपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय घोघसम बराबर बन्द रहता है। बीडीओ के द्वारा दो बार स्कूल का निरीक्षण किया, दोनों बार स्कूल पूरी तरह आए बंद मिला। अब बीडीओ मनोज कुमार करवाई के लिये जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखा है। 
क्या है मामला---
17 जुलाई को मध्य विद्यालय घोघसम में बाढ़ राहत शिविर का आयोजित था। ये कार्यक्रम पूर्व से जिलाधिकारी के आदेश पर आयोजन किया गया। जब सिमरी बख़्तियारपुर के बीडीओ, सीओ सहित अन्य पदाधिकारी मध्य विद्यालय घोघसम पहुचे तो विदयालय पूरी तरह से बंद मिला। एक भी शिक्षक उपस्थित नही था। बीडीओ ने विदयालय के एचएम को पत्र लिखते हुए जबाब मांगा है कि जब पूर्व से नियोजित बाढ़ राहत शिविर आयोजित था, वावजूद एक भी शिक्षक उपस्थित नही था। ग्रामीणों के द्वारा भी बताया गया कि विदयालय बन्द रहता है एव बच्चे को दोपहर का खिचड़ी नही खिलाया जाता है। इससे पूर्व भी विगत 6 मार्च को भी विदयालय के निरीक्षण में एक भी छात्र-छात्राए उपस्थित नही था। एचएम के द्वारा मध्यान भोजन योजना की राशि गबन किया जाता है। 

डीपीओ सही या एचएम---
इस बाबत जब विदयालय के एचएम से बात किया गया तो विदयालय के एचएम रामप्रवेश राय ने बताया कि डीपीओ के आदेश पर विदयालय बन्द था, जो 31 जुलाई को स्कूल खुली।  अगर डीपीओ के आदेश पर विदयालय बन्द था तो फिर 16 जुलाई को दोपहर की भोजन वेबसाइट पर एचएम के द्वारा दर्ज आईवीआरएस रिपोर्ट में 265 बच्चे को खिचड़ी खिलाने के रिपोर्ट कैसे है। जवकि जब डीपीओ मनोज कुमार से जानकारी लिया गया तो डीपीपी ने स्पष्ट बताया कि बाढ़ से घिरे स्कूल में सिर्फ एमडीएम को बंद किया गया था। लेकिन शिक्षक की छुट्टी नही थी। डीपीओ ने कहा कि जांच कर करवाई होगी। 
क्या कहते है बीइओ--- प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया मध्य विदयालय घोघसम के सभी शिक्षक का वेतन बंद कर दिया है। शिक्षकों पर करवाई होगी।

बुधवार, 7 अगस्त 2019

प्रेमी युगल को पुलिस ने पकड़ा, प्रेमी बोली साहब मेरा शादी ऑनलाइन हुआ है। बाद में पुलिस ने करा दी शादी

जम्मू-कश्मीर से धारा 370 एव 35ए क्या हटा, वीडियो कॉलिंग से भी होने लगी शादी
सहरसा के महिषी प्रखंड के मां तारा स्थान में जोड़े ने रचाई शादी
कोशी बिहार टुडे, सहरसा


वीडियो कॉल पर प्रेमी जोड़े ने रचाई शादी, पुलिस ने पकड़ा तो लड़की बोली ‘साहब ऑनलाइन हुई है हमारी शादी’
    बिहार के सहरसा जिले में एक प्रेमी जोड़े का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है सहरसा जिले से जहां एक प्रेमी जोड़े ने वीडियो कॉलिंग कर शादी रचा ली है। जब पुलिस ने एक प्रेमी जोड़े को पकड़ा तो लड़की ने कहा कि वीडियो कॉल पर हमारी शादी हो गई है। बता दे की पूरी घटना जिले के महिषी थाना इलाके के बलुवाहा गांव की है। जहां बीते रविवार को पुलिस ने रात्रि गस्ती का दौरान एक प्रेमी जोड़े को पकडा, तो युवती ने कहा कि हमारी शादी हो गई है। पुलिस ने पूछा शादी का कोई प्रमाण है, तो युवती ने कहा कि वीडियो कॉल पर हम दोनों ने शादी कर ली है। यानि कि उन्होंने ऑनलाइन शादी रचा ली है। जिसके बाद पुलिस ने दोनों के परिजनों को सूचना दी और उन्हें थाना बुलाया गया। परिजनों की मौजूदगी में स्थानीय भगवती तारा स्थान मंदिर में दोनों की शादी करा दी गई।

मंगलवार, 6 अगस्त 2019

घटना के 15 दिन बीत जाने के बाद भी पिता-पुत्र है फरार, पुलिस का छापामारी लगातार जारी


मामला प्यार में धोखा खाने के बाद जहर देकर जान देने वाली पुरानीबाजार की युवती का मामला
कोशी बिहार टुडे, सहरसा
                                   (आरोपी का आलीशान घर)
विगत 21 जुलाई को यौन शोषण की शिकार बनी युवती के द्वारा जहर खाकर जाने देने के बाद घटना के 15 दिन बीत जाने पर भी आरोपी फरार है। इधर पुलिस भी आरोपी के फरार होने की स्थिति में कुर्की की करवाई के लिये न्यायालय से इश्तिहार के लिये प्रे किया है।
घर बन्द कर फरार है आरोपी---
बख़्तियारपुर थाना कांड संख्या 290/19 के आरोपी संजय भगत एव उनके पुत्र प्रिंस भगत नामजद आरोपी है। घटना के बाद से ही थानाचोक से उत्तर उनके आवासीय घर मे ताला लटका है। मालगोदाम रोड  स्थित दुकान भी बंद है। कई बार पुलिस के द्वारा पिता-पुत्र को गिरफ्तार के लिये छापामारी किया, लेकिन अब तक पकड़ में नही आया है। 
                               (फोटो- दगाबाज प्रेमी प्रिंस भगत)
पुलिस ने इश्तिहार के लिये न्यायालय से प्रे किया---
नामजद आरोपी पिता-पुत्र के सरेंडर नही करने के बाद पुलिस को न्यायालय से इश्तिहार के लिये प्रे किया है। इधर आरोपी की गिरफ्तारी के लिये पुलिस लगातार संभावित ठिकाने पर छापामारी कर लिया है। 
गौरतलब है कि पुरानीबाजर निवासी नेहा कुमारी के द्वारा 21 जुलाई को जहर खाकर जान दे दिया था। सहरसा में इलाज के दौरान नेहा की मौत हो गयी थी। नेहा से थानाचोक निवासी एव मालगोदाम रोड में दुकान कर रहे संजय भगत के पुत्र प्रिंस भगत ने एक साल से शादी का झांसी देकर यौन शोषण करते रहा। शादी के लिये कई बार पंचयात भी हुआ। चूंकि लड़की बिल्कुल ही गरीब परिवार की थी, जबकि लड़का दबंग एव पैसावाला था। संजय भगत के द्वारा ऐसा प्रयास किया गया कि कुछ रुपये लडक़ी को देकर मामला को रफा-दफा कर दे। लेकिन लड़की अंततः शादी के लिये अड़ी रही। लड़की के नही मानने के बाद प्रिंस भगत एव संजय भगत के द्वारा शादी नही करने की दो टूक बात लड़की को कह देने के बाद लडक़ी ने कोई चारा नही देख जहर खाकर जान दे दिया।

शनिवार, 3 अगस्त 2019

15 साल पहले प्रारम्भ हुई थी मटेश्वर धाम कांवर यात्रा : 15वीं वर्षगाँठ पर विशेष


1 अगस्त 2005 को शुरू हुई मटेश्वर धाम कांवर यात्रा धीरे धीरे कारवां बनता गया
कोशी बिहार टुडे, सहरसा


तारीख 1अगस्त 2005 मटेश्वर धाम के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। इसी दिन मटेश्वर धाम कांठो बलवाहाट में पहली बार 80 किलोमीटर की कष्ट दायक मार्ग होते हुए कांवर यात्रा शुरू हुई। कांवर यात्रा शुरू करने में अहम भूमिका मुन्ना भगत एवं शिवेन्द्र पोद्दार का रहा। जिनके प्रेरित करने पर सिकन्दर साह विनोद साह संजय चौरसिया मंगल साह वीरबल साह ने भी साथ निभाया। मुन्ना भगत ओर शिवेन्द्र पोद्दार  ने मटेश्वर धाम को विकसित एवं अंतरराष्ट्रीय पटल पर लाने के लिए वर्ष 1997 से अबतक अथक प्रयास किया।
जिसके फलस्वरूप बाबा की महिमा से कभी बुढवा मण्ठ के नाम से जानने वाला मन्दिर, बिहार के देवघर (मटेश्वर धाम) के रूप में प्रसिद्ध हुआ। मुन्ना भगत एवं शिवेंद्र पोद्दार के अथक प्रयास से वर्ष 2007 में पुरातत्व विभाग के निदेशक (भारत सरकार) फनीकांत मिश्र मटेश्वरधाम सर्वेक्षण में आये। उन्होंने मुन्ना भगत एवं शिवेन्द्र पोद्दार सहित उनके मित्रों को श्रेय देते हुए कहा कि आप लोग जिस तरह से मेहनत करते हैं, यह एक दिन अवश्य रंग लाएगा। यहाँ वर्ष 2008 में पहली बार विशाल अद्भुत अविस्मरणीय ऐतिहासिक रथयात्रा के साथ रामधुनी महायज्ञ होते हुए 80 कि मी दूर बेगूसराय जिले के छर्रा पट्टी राजधाम मुगेंरघाट से तीन जिला होते हुए  मटेश्वर पहुंचा जिस यात्रा मे बीस हजार से अधिक श्रद्धालुओं शामिल हुए। जिसका नेतृत्व एवं संचालन कर्ता मुन्ना भगत शिवेन्द्र पोद्दार थे। ओर यह सिलसिला लगातार तीन वर्षों 2008,09 एवं 10 तक चलता रहा। वर्ष 2016 और 2017 मे 54 फीट  कॉवर से बाबा मटेश्वर का जलाभिषेक हुआ।

 वर्ष 2018 में 162 फीट के विशाल कांवर जिस पर बारह ज्योतिर्लिंग सहित तेहरवां ज्योतिर्लिंग स्वरूप मटेश्वर धाम स्थित था, ओर विश्व का सबसे बड़ा ओर अद्भुत कांवड़ जिसे मानव द्वारा अपने कंधे पर उठाकर मुंगेर घाट से बाबा मटेश्वर धाम लाकर जलाभिषेक किया गया था। यह गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड मे शामिल हुआ। वर्ष 2010 मे मुन्ना भगत  के अथक प्रयास से मटेश्वर धाम को बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद में रजिस्ट्रेशन करवाया।मन्दिर में जिस तरह श्रद्धालुओं की तादाद दिनों दिन बढ़ रही है ,अभी सावन के सोमवारी पे दो से ढाई लाख भक्त बाबा के जलाभिषेक के लिये आते हैं,उनके लिये जो व्यवस्था है वो नाकाफी है, इसके लिये जिला प्रशासन, न्यास एवं  डाक कांवड़िया संघ सभी को एक साथ मिलकर आगे आना होगा । हालांकि इस बार एसडीओ बीरेन्द्र कुमार के लगातार प्रयास के बाद श्रद्धालु को बेहतर सुबिधा मिल रहा है।

गुरुवार, 1 अगस्त 2019

जिओ टैग के नाम पर महिला लाभुक से लिया अंगूठा का निशान, दो क़िस्त का फर्जी तरीके से निकाल लिया 90 हजार रुपये

शिकायत करने पर तोड़ा टांग, कोसी तटबन्ध के अंदर बेलवाड़ा पंचायत के वार्ड एक कि घटना
कोशी बिहार टुडे, सहरसा

कोसी तटबन्ध के अंदर बेलवाड़ा पंचयात के वार्ड नंबर एक मे बिचोलिये ने एक लाभुक को पीट पीट कर उनका टांग तोड़ दिया। लाभुक के पत्नी शीला देवी के खाते में आये प्रधानमंत्री आवास योजना का बिचोलिये के द्वारा फर्जी तरीके से दो बार राशि का निकासी कर लिया था। यही राशि की मांग करने घायल पंकज महतो गया था। 
क्या है मामला---
बेलवाड़ा वार्ड नंबर 1 से पंकज महतो की पत्नी शीला देवी को प्रधानमंत्री आवास योजना का राशि आया था। इसी वार्ड के बिचोलिये रामपुकार महतो प्रथम क़िस्त की राशि 50 हजार शीला देवी के खाते से निकलवा लिया। जब पंकज महतो रुपये मांगने गया तो मात्र 30 हजार रुपये ही वापस किया। फिर इसी तरह दूसरी क़िस्त में 40 हजार रुपये आया। जिसमे जिओ टैग में निशान देने की बात कहकर निशान लेकर 40 हजार रुपये की निकासी कर लिया। यही राशि जब में 19 जुलाई को मांगने गया तो रामपुकार महतो, कृष्णचन्द्र महतो एवं दसरथ महतो ने मेरे साथ मारपीट करने लगा। ये लोग लाठी एव लोहे की रड से पीटने लगा। जिससे वे बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। घायल अवस्था मे इलाज के लिये अनुमंडलीय अस्पताल सिमरी बख़्तियारपुर लाया गया। जहाँ चिकिस्तक ने गंभीर हालत में सहरसा रेफर कर दिया। सहरसा में इनके पैर पूरी तरह से टूट चुका था। अस्पताल में थाना से कोई बयान नही लेने आया। 
पत्नी के साथ पहुचा बख़्तियारपुर थाना--
31 जुलाई वुधवार को घायल पैर में लगे प्लास्टर के साथ बख़्तियारपुर थाना में न्याय का गुहार लगाने आया। पुलिस इंस्पेक्टर से मिलकर सारा वाक्या बताया। घायल पंकज महतो ने बताया बेलवाड़ा पंचायत के वार्ड नंबर 1, 2 एव 3 में इसी तरह लाभुक का राशि बिचोलिये ले लेता है। इससे पूर्व भी इन बिचोलिये के द्वारा कंचन देवी, परणी देवी का राशि फर्जीवाड़ा कर निकाल लिया था। घायल ने बताया कि कनरिया ओपी को आवेदन दिए 8 दिन से ज्यादा हो गया है, लेकिन आज तक मामला दर्ज नही हुआ है। इधर इंसेक्टर ने घायल को इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया। थाना में बिचोलिये के खिलाफ मामला भी दर्ज हो गया है।
क्या कहती है मुखिया---बेलवाड़ा पंचयात के मुखिया बंती देवी ने बताई की बेलवाड़ा के कुछ वार्ड कोसी नदी के उस पार है। जहाँ बिचोलिये के द्वारा अनपढ़ महिलाये से इस तरह से फर्जीवाड़ा कर राशि की निकासी करता है। इन बिचोलिये पर तुरंत करवाई की जरूरत है।

जनआस्था, युवाओं की तपस्या और जनसहयोग से बनी बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेले की पहचान

  बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेला की 21साल संघर्ष से शिखर तक:  आज लाखों कांवरियों की आस्था का केंद्र है बाबा मटेश्वर धाम, लेकिन इसकी शुरुआत कु...