बुधवार, 22 सितंबर 2021

मक्का से लदा ट्रैक्टर पलटा, आधा दर्जन परिवार बाल बाल बचे, कई घंटे लगी रही जाम

 कोशी बिहार टुडे, सहरसा



बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के सिमरी बख्तियारपुर-सहरसा सड़क मार्ग पर भौरा के समीप मंगलवार की रात मक्का से लदे तेज रफ्तार की ओवरलोड ट्रक सड़क किनारे लगे बिजली पोल को तोड़ते हुए एक घर पर जाकर पलट गया। जिस ट्रक के पलटने से एक परिवार के छोटे-छोटे बच्चों सहित आधे दर्जन से अधिक लोग बाल-बाल बच गए। भगवान का शुक्र था कि सभी सकुशल है, वरना बड़ी घटना घटने से इंकार नहीं किया जा सकता। वहीं घटना के बाद ट्रक चालक मौका देख भागने में सफल रहा। घटना की सूचना पर थाना की पुलिस ने स्थल पर पहुंच मामले की छानबीन में जुटी हुई है।

       घटना के संबंध में पीड़ित परिवार थाना क्षेत्र के भौरा गांव निवासी ललन यादव ने बताया कि मंगलवार की रात करीब दस बजे के आसपास मैं और मेरे परिवार के लोगों में मेरे पिताजी मनी यादव, मां सरो देवी, पत्नी विलक्क्षण देवी सहित बच्चे संजन कुमारी, राजन कुमार, छोटू कुमार, प्राक्षी कुमारी तथा लक्ष्मी कुमारी घर में खाना पीना खाकर सोने चला गया। इसी बीच अचानक जोरदार आवाज हुआ। जब घर से बाहर निकल कर देखे तो सहरसा की दिशा में जा रहे मक्का से लदे तेज रफ्तार की एक ओवरलोड ट्रक मेरे घर के आगे गड़े बिजली के पोल को तोड़ते हुए मेरे घर पर पलटा हुआ है। इतना ही नहीं बिजली के पोल को टूट कर गिरने से घर में करंट भी आ गया था। जिस घटना में हम पूरा परिवार बाल बाल बच गए, वरना बड़ी हादशा हो जाती। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरा का माहौल बन गया। हर कोई घटना को देख अपने दांतो तले अंगुली दबा रहा था।


        बुजुर्ग दंपति, जो ट्रक के चपेट में आने से बाल बाल बच गया, घर पूरी तरह हुआ बर्बाद


     इधर बुधवार की दोपहर बाद जेसीबी मंगवा कर ट्रक मालिक के द्वारा ट्रक को वहां से खड़ा कर हटाया गया। मक्का को दूसरे ट्रक पर लादा गया। चूंकि पलटी ट्रक क्षतिग्रस्त हो गया। जिसका गाड़ी नंबर डब्लूबी 73डी 1092 है। जो ट्रक लोकल का ही बताया जाता है।


बिजली विभाग ने थाना में दिया आवेदन---

सड़क किनारे लगे बिजली के पोल को ट्रक के द्वारा तोड़े जाने को लेकर बिजली विभाग के अधिकारी ने थाना में आवेदन दिया है। सिमरी बख्तियारपुर विद्युत आपूर्ति प्रशाखा के कनीय विद्युत अभियंता बृजेश कुमार ने अपने आवेदन में कहा है कि  भौरा वार्ड नंबर 13 ललन यादव के घर के समीप लगे बिजली के पोल को तेज रफ्तार की ट्रक गाड़ी नंबर डब्लूबी 73डी 1092 के द्वारा धक्का मारकर तोड़कर दिया गया। जिससे बिजली का पोल क्षतिग्रस्त हो गया। वही इस कारण विद्युत आपूर्ति सात घंटे बाधित रही।


क्या कहते हैं थानाध्यक्ष--

थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार ने बताया कि पुलिस के द्वारा मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।

मंगलवार, 14 सितंबर 2021

बिहार सरकार के एक मंत्री ने खोली अपने ही सरकार के दूसरे मंत्री को पोल, कोरोना में ऑक्सीजन की कमी से एक भी मौत नही होने का दावा करने वाले मंत्री हुए बेनकाब

 अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र चपराम रहा बन्द, भड़के मंत्री ने अस्पताल उपाधीक्षक को लगाया लताड़

बीजेपी एवं जेडीयू में साफ दिखी दूरी

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



बिहार सरकार मे श्रम संसाधन एवं सूचना प्रौद्योगिकी सह सहरसा प्रभारी मंत्री जीवेश कुमार मिश्र  मंगलवार को सिमरी बख्तियारपुर के क्षेत्र भ्रमण के क्रम में चपराँव उप - स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में चपराँव उप - स्वास्थ्य केंद्र पहुंच मंत्री ने उप - स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लगा रहा। मंत्री ने कहा कि उप स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर से लेकर नर्स तक को गायब दिखे। हालांकि उप स्वास्थ्य केंद्र परिसर में मरीज कराह रहे थे, परंतु उन्हें देखने वाला कोई नही था। जिसके बाद मंत्री सिमरी बख्तियारपुर पहुंचे. एवं अस्पताल उपाधीक्षक का जमकर क्लास लिया। मंत्री ने  पीएम केयर फंड से बन रहे बन रहे ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। मंत्री ने ऑक्सीजन प्लांट पहुंचने पर अनुमंडलीय अस्पताल उपाधीक्षक डॉ एनके सिंह से प्लांट से संबंधित जानकारी ली और  प्लांट के अब तक कार्य अधूरे होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने जल्द - से - जल्द अधूरे कार्य को पूर्ण कर प्लांट चालू करने का अस्पताल उपाधीक्षक को निर्देश दिया। 

 अस्पताल उपाधीक्षक पर दिखे नाराज



बिहार सरकार के मंत्री जीवेश कुमार मिश्र ने मंगलवार को अपने ही सरकार की चिकित्सा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी।  सिमरी बख्तियारपुर पहुंच ऑक्सीजन प्लांट के निरीक्षण उपरांत सीधे अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे मंत्री ने चपराँव उप स्वास्थ्य केंद्र बंद होने से नाराज दिखे। सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचने पर मंत्री सीधे उपाधीक्षक के कार्यालय में पहुंच चपराँव उप - स्वास्थ्य केंद्र के बंद होने पर उपाधीक्षक से नाराजगी जाहिर की। उन्होंने उपाधीक्षक से चपराँव उप स्वास्थ्य केंद्र के बंद होने का कारण पूछा। मंत्री ने कहा कि जो उस उप स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर या नर्स प्रतिनियुक्त थे उन्हें अपनी ड्यूटी पर होना चाहिए था। मंत्री ने अस्पताल में सर्जन और स्त्री रोग विशेषज्ञ ना होने की बात आश्चर्य जाहिर की। मंत्री ने सिमरीबख्तियारपुर स्वास्थ्य विभाग की हालत देखी तो खुद डंग रह गया। 

100 बेड की अस्पताल में मात्र 20 बेड नजर आया---

100 बेड की अनुमंडल अस्पताल में मंत्री के निरीक्षण में मात्र 20 बेड ही नजर आया। सबसे बड़ी आष्चर्यजनक बात ये है कि खुद अस्पताल उपाधीक्षक ने भी मंत्री से कहा कि यहां 100 बेड की जरूरत नही है। मरीज नही आते है। अस्पताल उपाधीक्षक भूल गए कि सही से इलाज होगा तब ना मरीज आएंगे। यहां मात्र छह चिकिस्तक मौजूद है। 

 मंत्री - सीएम के आदेश पर पहुंचा हूँ सहरसा



सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडलीय अस्पताल में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी जिला प्रभारी मंत्री को अपने - अपने प्रभार के जिले में प्रवास पर जाने का आदेश दिया गया है। मुख्य रूप से बाढ़ और सुखाड़ के समीक्षा हेतु ग्राउंड रिपोर्टिंग करनी थी। कोई भी बाढ़ पीड़ित बाढ़ की समस्या से ग्रसित ना हो और सरकारी सुविधा से मरहूम ना रहे। यह सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने हमे भेजा है। इसी क्रम में अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि कोविड के बीते लहर को देखते हुए तीसरी लहर में परेशानी ना हो इसलिए ऑक्सीजन प्लांट निरीक्षण करने आया हूँ।जिले में दो जगह प्लांट लग रहा है.एक सदर अस्पताल सहरसा और दूसरा अनुमंडलीय अस्पताल मे बन रहा है।इसे चालू हो जाना था और अब तक क्यों चालू नही हुआ इसलिए भी मै यहां आया हूँ.दो - चार दिन में ये प्लांट शुरू हो जायेगा। 

 बीजेपी और जदयू में दिखी दूरी---

मंगलवार को सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडलीय अस्पताल का निरीक्षण पर पहुंचे बिहार सरकार के मंत्री जीवेश मिश्र के आगमन से लेकर प्रस्थान तक मे बीजेपी - जदयू के बीच की दूरी साफ तौर पर देखने को मिली। मंत्री के साथ जदयू के दो विधायक गुंजेश्वर साह और रत्नेश सादा साथ मे तो जरूर दिखे, लेकिन स्थानीय स्तर पर जदयू कार्यकर्ता मंत्री के आगमन में नामात्र के ही दिखे।  नाम ना छापने की शर्त पर जदयू नेताओ ने बताया कि मंत्री के आगमन को लेकर उन्हें कोई सूचना तक नही दी गई, जो गठबंधन धर्म के पालन के विपरीत दिखा। इधर मंत्री के आने के बावजूद अस्पताल परिसर अन्य दिन की तरह गन्दगी से सरोबार दिखा। जो हर किसी को आश्चर्य कर रहा था। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष दिवाकर सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष शिव भूषण सिंह, जिला मंत्री संजीव कुमार भगत, जिला महामंत्री कृष्ण झा, जिला मंत्री पंकज पाठक, राजीव रंजन साह, सिद्धार्थ सिंह, विजय कुमार गुप्ता, मनीष चौधरी, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष मनीष कुमार, अनुसूचित जाति मोर्चा जिला अध्यक्ष संतोष पासवान, मंडल अध्यक्ष पन्ना लाल साह, बी एन सहनी, गौरव कुमार, राजकिशोर सिंह, मंगल शर्मा, अरविंद भगत सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।

रविवार, 12 सितंबर 2021

फर्जी उत्पाद इंसपेक्टर की ग्रामीणों ने किया जमकर धुनाई, किया पुलिस के हवाले

गांव ताड़ी बेचने वाले को जेल भेजने की धमकी देकर कर रहा था वसूली

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के रायपुरा पंचायत अंतर्गत बलहमपुर गांव में रविवार की दोपहर ग्रामीणो ने शराब बेचने का डर दिखा लोगों से वसूली करने वाले बाइक सवार दो में से एक फर्जी उत्पाद अधिकारी को पकड़ कर उसकी धुनाई करते पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं ग्रामीणो को एकजुट होते हुए देख दुसरा फर्जी अधिकारी बाइक लेकर मौका देख भागने में सफल रहा। सूचना पर पहुंचे पुलिस बलों के साथ एसआई मो मोजम्मिल खां ने उस फर्जी अधिकारी को पकड़ कर थाना ले आया।

    घटना के संबंध में रायपुरा पंचायत के बलहमपुर गांव के ग्रामीणो ने पुलिस को बताया कि पकड़े गए व्यक्ति गांव में बाइक पर सवार होकर दो आदमी के साथ आया। जो अपने आप को उत्पाद विभाग का इंस्पेक्टर बता कर लोगों को शराब बेचने का डर दिखाते हुए वसूली कर रहा था। इतना ही नहीं रूपया देने में लोगो के द्वारा आनाकानी करने व लेट लतीफा करने पर उसके साथ मारपीट भी करने लगा। जिसके बाद तुरंत यह बात गांव में फैल गई। लोगो को शक होता देख दो में से एक व्यक्ति बाइक लेकर मौका देख फरार हो गया। वहीं ग्रामीणो के द्वारा एक व्यक्ति को पकड़ कर पुछताछ किया जाने लगा। पकड़ने के बाद पकड़े गए व्यक्ति ग्रामीणो की पुछताछ क्रम में अपना नाम व पता बारबार अदल-बदल कर बता रहा था। जिसके बाद ओर भी ज्यादा शक हुआ और उसे पकड़ लिया गया।


ठग का शिकार हुए लोगो का क्या है कहना :-

फर्जी अधिकारी के ठग का शिकार एक महिला सहित तीन लोग हुए। जो कि ठग का शिकार हुए पीड़ित तीनो रायपुरा पंचायत के मोलातकिया निवासी मो सलाउद्दीन सहित बलहमपुर गांव निवासी डोमी ठाकुर तथा स्व. लूटन चौधरी की पत्नी सीता देवी ने बताया कि हमलोग रविवार की दोपहर एक ही जगह पर बैठ कर आपस में बातचीत कर रहे थे कि इसी क्रम में पकड़े गए व्यक्ति अपने एक अन्य साथी के साथ आया और कहने लगा कि हम उत्पाद विभाग का इंस्पेक्टर हैं तुम लोग शराब बेचते हो। सभी को पकड़ कर ले जाएंगे, नहीं तो बचना है तो जल्दी रूपया निकालो। जिस पर हम सब हक्का-बक्का रह गए। इसके बाद रूपया देने में लेट होने पर हमलोगो से मारपीट किया जाने लगा और जेल भेजने का डर दिखाने लगा। जिसके बाद मो सलाउद्दीन के अनुसार हमसे एक सौ रूपया और मोबाइल ले लिया गया। दुसरा डोमी ठाकुर के अनुसार हमसे दो हजार रूपया ले लिया गया और तीसरे सीता देवी के अनुसार हमसे 2500 रूपया लेने के बाद भी और रूपया देने को दवाब दिया जाने लगा। जिसके बाद शक गहड़ाया और गांव में यह बात फैल गई।



कौन है फर्जी उत्पाद अधिकारी और क्या कहना है उसका :-

ग्रामीणो के द्वारा पकड़ कर पुलिस के हवाले किए गए व्यक्ति ग्रामीणो के द्वारा किए गए पुछताछ क्रम में अपना नाम पप्पू कुमार और पिता का नाम बनारसी महतो बताया। जो कि अपने घर का पता सलखुआ थाना अंतर्गत चिरैया ओपी क्षेत्र के सहुरिया बसाही गांव बताया। ग्रामीणो के अनुसार अपने को फर्जी उत्पाद अधिकारी बताने वाले पप्पू ने ग्रामीणो के आरोप को पूरी तरह से झूठा व बेबुनियाद बताया। उसने बताया कि मेरे साथ में बलहमपुर गांव निवासी ललन सिंह था। जो कि ललन सिंह के साथ बलहमपुर गांव के ही संजय सिंह के यहां जा रहा था। जो कि ललन सिंह बाइक लेकर चला गया और ये लोगो ने मुझे रोककर मारपीट करने लगा। वहीं मारपीट करते हुए मेरा एक मोबाइल तथा 34-35 सौ रूपया जेब से छीन लिया।

शुक्रवार, 10 सितंबर 2021

आवेदन में लिखा कमरदर्द, उठा ले आये गले का एक्सरे, पंचयात चुनाव की डियूटी से बचने के लिये तरह तरह के हथकंडे अपना रहा है कर्मचारी

  

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



बिहार में पंचायत चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए कर्मचारी एक से बढ़कर एक जुगत लगा रहे हैं। कुछ तो वाकई बीमार हैं तो कुछ का शुगर तब हाई हुआ, जब मेडिकल टीम द्वारा जांचे जाने की तारीख तय कर दी। हालत यह है कि मेडिकल जांच होने से दो दिन पहले एक कर्मचारी का हाथ टूट गया और उसपर प्लास्टर तक चढ़वा लिया। 

भागलपुर अस्पताल में पांच दिन पहले मेडिकल जांच की तारीख तय हुई तो एक कर्मचारी का सात सितंबर को शुगर हाई हो गया। जब उससे पुरानी पर्ची व जांच रिपोर्ट डॉक्टरों ने मांगी तो वह नहीं दे पाया। इसी तरह एक कर्मचारी ने आठ अगस्त को अपने हाथ में फ्रैक्चर होने के बहाने के साथ डॉक्टर के समक्ष हाजिर हो गये। उन्होंने मेडिकल टीम को डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन व प्लास्टर चढ़ा हाथ तो दिखाया, लेकिन एक्सरे मांगा गया तो नहीं दे सके। 


इसी तरह एक युवा कर्मचारी ने पंचायत चुनाव से छुट्टी पाने की बीमारी बताया। जब टीम के चिकित्सक ने इस मरीज के एक्सरे को देखा तो माथा पीट लिया। डॉक्टर ने उन्हें रीढ़ की हड्डी का एक्सरे कराने के लिए प्रिस्क्रिप्शन में लिखा था और ये जनाब गले की हड्डी की एक्सरे रिपोर्ट लेकर पहुंच गये थे। इसके अलावा तीन कर्मचारी ऐसे निकले, जिनकी बीमारी वाली पर्ची पर तारीख दस सितंबर ही लिखा था। चूंकि जांच 10 सितंबर को ही था।  साभार-हिंदुस्तान

बुधवार, 1 सितंबर 2021

बिहार में पंचयात प्रतिनिधि को सरकार देगी बड़ी राहत, ये सुबिधा दे रही है पंचयात प्रतिनिधियों को

 

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



 बिहार में पंचायत चुनाव के दौरान ही सरकार मौजूदा प्रतिनिधियों को एक बड़ी राहत देने जा रही है। इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक अपनी बात पहुंचाई थी। उनका कहना था कि सरकार के आदेश से उनके सामने मुश्किल खड़ी हो गई है। सरकार के स्तर से पंचायतों के खातों पर लगी पाबंदी हटाने की तैयारी है। राज्य के पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि शीघ्र ही पंचायत प्रतिनिधियों को अच्छी खबर मिलेगी। इसी के साथ उन्होंने कहा कि हालांकि अंतिम रूप से निर्णय राज्य निर्वाचन आयोग को करना है।


अधिकारी को सौंपी जाएगी राशि भुगतान की जिम्मेदारी-

सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऐसे में सरकार निचले स्तर पर अनावश्यक विवाद से बचना चाह रही है। लिहाजा सरकार त्रिस्तरीय पंचायतों में तीनों स्तर पर एक अधिकारी को तैनात करेगी, जो योजनाओं की राशि भुगतान की मानीटरिंग करेंगे। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत पर उसी अधिकारी को जवाब देना होगा।

24 अगस्त को अधिसूचना जारी होने के साथ लगा दी थी रोक---

मालूम हो कि 24 अगस्त को पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने के तत्काल बाद विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने पंचायती राज संस्थाओं के सभी खातों के संचालन पर चुनाव समाप्त होने तक पाबंदी लगा दी थी। उनकी इस घोषणा से ग्रामीण क्षेत्रों में अफरातफरी मच गई थी। पंचायत प्रतिनिधियों के बीच तीखी प्रतिक्रिया हुई थी। इसको लेकर राज्य भर के पंचायत प्रतिनिधि मंत्रियों से गुहार लगाते रहे हैं।

26 सितंबर को 159 पंचायतों को मिल जाएगी गांव की सरकार


कोशी बिहार टुडे, सहरसा



बिहार में पहले चरण के पंचायत चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी हो गई है। पहले चरण में 10 जिलों के 12 प्रखंडों की 159 पंचायतों में मतदान होगा। चुनाव के लिए गुरूवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। चुनाव आयोग ने पहले चरण में नक्सल प्रभावित इलाकों में चुनाव संपन्न कराने की कोशिश की है। नक्सल प्रभावित होने के कारण कई पंचायतों में शाम 4 बजे तक ही वोटिंग होगी। चुनाव आयोग ने पहले चरण में नक्सल प्रभावित इलाकों में चुनाव संपन्न कराने की कोशिश की है। सबसे बाद में बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में चुनाव होंगे।

पहले चरण में 8 सितंबर तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। 11 सितंबर तक नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी। 13 सितंबर तक नामांकन पत्र की वापसी होगी और उम्मीदवारों को 13 सितंबर को ही सिंबल जारी किया जाएगा। वोटिंग 24 सितंबर को होगी और मतगणन 26- 27 सितंबर को होगी।


26 सितंबर को 159 पंचायतों को मिल जाएगी गांव की सरकार

पंचायत चुनाव के पहले चरण में 159 पंचायतों में मतदान संपन्न होगा। पहले चरण में 24 सितंबर को मतदान होना है। मतदान संपन्न होनेवाले पंचायतों का रिजल्ट 26 सितंबर की शाम तक जारी कर दिया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियों के मुताबिक मतगणना के दिन ही रिजल्ट जारी करने की कोशिश की जाएगी। हालांकि कुछ मामलों में थोड़ी देरी हो सकती है।

इन पंचायतों के लिए 8 सितंबर तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। कोरोना की वजह से ऑनलाईन नामांकन पर्चा दाखिल करने की भी सुविधा दी गई है। उम्मीदवार अपने सभी कागजात ऑनलाईन अपलोड कर सकते हैं। लेकिन निर्वाची पदाधिकारी के सामने उन्हें आवंटित समय पर फिजिकली भी उपस्थित होना होगा। पहली बार पंचायत चुनाव में आयोग केन्द्रीकृत मतगणना सेंटर बनाने जा रही है। इस व्यवस्था में मतगणना केन्द्र प्रखंड स्तर पर ना होकर जिला मुख्यालय पर बनाए जाएंगे। जिलास्तर पर मतगणना केन्द्र की संख्या 1 या उससे अधिक 2 हो सकती है। इस व्यवस्था को जिला निर्वाचन पदाधिकारी देखेंगे।

पहले चरण के कई पंचायतों में 4 बजे तक होगी वोटिंग

पहले चरण में जिन पंचायतों में मतदान होना है, उनमें से कई में शाम 4 बजे तक ही मतदान होगा। इसकी वजह है कि पहले चरण में जिन 12 प्रखंडों में चुनाव होना है, उनमें से कई प्रखंड नक्सल प्रभावित हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने इसे लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किया है। इसके मुताबिक वैसे प्रखंड जो नक्सल प्रभावित विधानसभा के क्षेत्र में आते हैं और जहां 2020 के विधानसभा चुनाव में शाम 4 और 5 बजे तक मतदान हुआ था, वहां मतदान के दौरान भी इसी समय का अनुसरण किया जाएगा।राज्य में पहले चरण के पंचायत चुनाव को लेकर आज (बुधवार को) अधिसूचना जारी होगी। 10 जिलों के 12 प्रखंडों की 159 पंचायतों में मतदान होगा। संबंधित जिलों के जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी सूचना का प्रकाशन करेंगे। इसके साथ ही कल (गुरुवार) से इन चुनाव क्षेत्रों में नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। साभार--दैनिकभास्कर

शुक्रवार, 27 अगस्त 2021

प्रधानमंत्री आवास योजना में खूब हुआ हेराफेरी, डीडीसी सिमरीबख्तियारपुर पहुचे फर्जी लाभुक के खाते में भेजे राशि वसूली का दिया निर्देश

 

फर्जी लाभुक के खाते में राशि भेजकर बंदरबांट करने वाले आवास सहायक पर कब होगी करवाई

कोशी बिहार टुडे, सहरसा



सिमरीबख्तियारपुर प्रखंड में आवास योजना में हुई बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला लोकशिकायत निवारण कार्यालय में जांच में आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। इस योजना में आवास सहायक एवं 

कार्यालय कर्मी के द्वारा बड़े पैमाने में अनियमितता किया गया है। इस मामले को  बिभिन्न समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसी मामले को लेकर गुरुवार को डीडीसी राजेश कुमार सिमरीबख्तियारपुर पहुचे। डीडीसी के द्वारा सबसे पहले अनुमंडल पहुच लोकशिकायत निवारण कार्यालय पहुच आवास मामले को लेकर पदाधिकारी अश्वनी कुमार से जानकारी लिया। उसके बाद सिमरीबख्तियारपुर पहुच बीडीओ के समक्ष आवास सहायक से जानकारी लिया। डीडीसी ने आवास सहायक को स्पष्ट निर्देश दिया कि हर हाल में गलत खाते में भेजी गई राशि की वसूली हो। सही लाभुक के खाते में राशि का ट्रांसफर हो। 

आवास सहायक एवं कार्यालयकर्मी पर करवाई कब--

प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास सहायक के द्वारा बड़े पैमाने पर गड़बड़ी किया गया है। जिनकी पुष्टि खुद लोक निवारण कार्यालय एवं बीडीओ के द्वारा जांच में भी आया है। 


बीडीओ  ने अपने पत्रांक 1131-2 दिनांक 9 अगस्त 21 को डीडीसी को प्रेषित पत्र में  सिटानाबाद पंचायत के तत्कालीन आवास योजना वर्तमान में पतरघट प्रखंड के जम्हारा एवं पस्तपार पंचायत के आवास सहायक कौशल कुमार पर कार्रवाई का अनुरोध किया था। 

प्रेषित पत्र में बीडीओ ने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सिटानाबाद दक्षिणी पंचायत के तत्कालीन ग्रामीण आवास सहायक कौशल कुमार के द्वारा वित्तीय वर्ष 2019- 20 में एक सोची समझी साजिश के तहत गलत खाता निबंधित करा कर 5 लाभुकों के इंदिरा आवास की तीनों क़िस्त की राशि दूसरे के खाते में भेज दिया गया।

उन्होंने प्रेषित पत्र में अपनी जांच का हवाला देते हुए कहा कि तत्कालीन आवास सहायक कौशल कुमार के द्वारा लाभार्थी का सही खाता निबंधन ना करा कर दूसरे का खाता संख्या निबंधित कराया गया इससे स्पष्ट होता है कि तत्कालीन आवास सहायक के द्वारा जानबूझकर गलत मंशा से अनियमितता बरते हुए विभागीय नियमों को ताक पर रखते हुए सरकारी राशि का गबन किया गया है जो अत्यंत ही गंभीर मामला है। इनके अलावे धनुपुरा पंचयात में भी आवास सहायक कौशल कुमार के द्वारा बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया है। वावजूद अभी तक आवास सहायक पर किसी भी तरह का करवाई नही किया गया है। 

क्या है मामला---

सिमरीबख्तियारपुर प्रखंड क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना में वास्तविक लाभुक के खाते में राशि नही भेजकर फर्जी लाभुक के खाते में तीनों राशि भेजकर निकासी कर लिया गया। इस मामले की खुलासा लाभुक के द्वारा लोक शिकायत निवारण कार्यालय में देने के बाद कराई गई जांच में ये बात सामने आई है। सीटानाबाद दक्षिणी चोक बाजार वार्ड नम्बर 9 के लाभुक सीता देवी का खाता ग्रामीण बैंक खाता बलबाहाट में है। सीता देवी के खाते में राशि नही भेजकर पंजाब नेशनल बैंक के एक खाते में राशि भेज दिया। इसी तरह इसी तरह धनुपरा पंचयात के भुरका घाट वार्ड नम्बर 02 भोली देवी के खाते में राशि नही भेजकर दूसरा लाभुक के खाते में राशि भेज दिया। इसी तरह सीटानाबाद दक्षिणी के वार्ड नंबर 11 के वास्तविक लाभुक अर्जुन दास के बदले दूसरे लाभुक के खाते में राशि भेज दिया। वही फर्जी लाभुक ने जिओ टेकिंग कर तीनो क़िस्त भी निकाल लिया। अर्जुन दास का खाता ग्रामीण बैंक बलबा हाट का था, जबकि फर्जी लाभुक का खाता पीएनबी बैंक का था, जहा राशि भेज दिया। इसी तरह धनुपरा पंचयात के कनारिया निवासी हेमा देवी वास्तविक लाभुक थी। लेकिन इनके खाते में राशि नही देकर दूसरा फर्जी लाभुक के खाते में राशि भेजकर तीनो क़िस्त की निकासी भी कर लिया। इसी तरह सीटानाबाद दक्षिणी वार्ड नम्बर 9 के लाभुक गांगो चौधरी का खाता एसबीआई शाखा का खाता था, लेकिन इनके खाते में राशि नही भेजकर अन्य फर्जी लाभुक बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा सहरसा में राशि भेज दिया। 

लोक सूचना पदाधिकारी सिमरी बख्तियारपुर के यहां दायर ऐसे पांच मामले में इस बात की पुष्टि हुई है कि आवास योजना में लिपिकीय भूल को हथियार बना कर वास्तविक लाभूक के खाते में राशि नहीं भेज दुसरे अन्य व्यक्ति के खाते में राशि भेज गबन करने की नियत रखी। वो भी एक एक दो नहीं बल्कि तीन-तीन किस्त की राशि वो भी बार बार जांचोपरांत कुल राशि भेज दी गई। इसी तरह अगर अन्य अगर पंचयात बार जांच किया गया तो बड़े पैमाने पर प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता मिलेगी।

जनआस्था, युवाओं की तपस्या और जनसहयोग से बनी बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेले की पहचान

  बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेला की 21साल संघर्ष से शिखर तक:  आज लाखों कांवरियों की आस्था का केंद्र है बाबा मटेश्वर धाम, लेकिन इसकी शुरुआत कु...