बुधवार, 28 फ़रवरी 2018


मछली मारने को लेकर दो पक्षो  के बीच तीर चला एवं गोलीबारी हुई, कोई हताहत नही
महेंद्र प्रसाद सहरसा

जिले के बसनहीँ थाना के बैठ मुहशरी टोला में गढ़े से मछली मारने को लेकर उठा विवाद में दो पक्षो के बीच तीर एवं गोलीबारी हुआ। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नही है। मोके पर पहुचे पुलिस ने मामला शांत कराया।
बसनही के थानाध्यक्ष पवन कुमार पासवान ने गोलबारी व तीर चलने की घटना से इंकार किया है। वहीं घटना के बाद मछली मारने वाले गढ्ढे पर अपना दावा ठोकने वाले एक पक्ष के लोगों के द्वारा बैठ मुशहरी मलौधा मुख्य मार्ग को प्राथमिक विधालय डीहटोला के समीप बांस बल्ले व ट्रैक्टर लगाकर घंटों आवागमन बाधित कर दिया गया। इससे राहगीरों को काफी परेशानी हुई। वाहन चालकों को रास्ता साफ होने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।

मछली उत्पादन वाले गढ्ढे को अपना बता रहे गोपी कृष्ण मंडल और सुनील मंडल के द्वारा गढ्ढे मे पंप सेट लगा कर पानी निकाला जा रहा था। गढ्ढे से पानी निकालने के बाद बैठमुशहरी पंचायत के ही रही टोला संथाली, इजमाईल संथाली, तारारही संथाली टोला, तथा हाथीकरण टोला के सैकड़ों महिला पुरूष व बच्चे हाथ में तीर धनुष से लैस होकर पानी निकाल रहे लोगो को खदेड़ कर जबरन मछली ले जाने लगे। इसके बाद जमीन मालिक पहुंचे। मछली मार रहे संथालो पर देशी कट्टा व अन्य हथियार से अंधाधुंध फायरिंग किया जाने लगा। वहीं जवाब में संथालो की तरफ से तीर बरसाया जाने लगा। काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बन गया। बसनही थानाध्यक्ष ने पहुंचकर मामले को शांत कराते आवागमन बहाल कराया। घटना स्थल पर सीओ राम अवतार यादव, सोनवर्षाराज के थाना अध्यक्ष मो. ईजहार आलम, काशनगर ओपी प्रभारी श्रीकांत सिंह भी पहुंच कर आक्रोशित ग्रामीणो को समझाया।

मंगलवार, 27 फ़रवरी 2018

एक ऐसा कार्यालय जहा कार्यरत कर्मी अपने पदाधिकारी को भी नही पहचानते
एसडीओ के निरीक्षण से हुआ खुलासा
महेंद्र प्रसाद, सहरसा

प्रखंड मुख्यालय स्थित ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यालय पदास्थापित कर्मी अपने वरीय पदाधिकारी का ना तो नाम जानते है एवं ना ही पहचानते है। पहली बार इस तरह की अजीबोगरीब मामला को देख एसडीओ हतप्रभ हो गया। 
जांच करने पहुचे एसडीओ- ----
एसडीओ सुमन प्रसाद साह लगभग डेढ़ बजे सिमरी बख़्तियारपुर स्थित पुराना अस्पताल के निजी भवन में विगत छह साल से ग्रामीण कार्य विभाग का कार्यालय चलता है। जब एसडीओ जांच करने पहुचे तो एक ट्रेजरी गार्ड मो मश्लेउद्दीन के अलावा दो परिचायक उपस्थित था। 


जब एसडीओ रह गए भौचक-----
एसडीओ सुमन प्रसाद साह ने जब ट्रेजरी गार्ड मो मश्लेउद्दीन से कार्यालय में कार्यरत कर्मी का नाम बताने को कहा तो कार्यपालक अभियंता एवं तीन सहायक अभियंता में एक का नाम एवं 5 कनीय अभियंता में दो का नाम बताया। बताया कई कई महीने में एक दो बार मे आता है जिन कारण नही पहचानते है। कार्यालय का सरकारी काम कार्यपालक अभियंता रजनीकांत चोधरी के आवास पर चलता है। यही कारण है कि ज्यादातर पदाधिकारी को नही पहचानते है। 

कई कर्मी कार्यरत है कार्यालय में-------
सिमरी बख़्तियारपुर स्थित ग्रामीण कार्य विभाग कार्यालय में कार्यपालक अभियंता के एक पद, सहायक अभियंता के 3 पद, कनीय अभियंता के 5, प्रधान सहायक एक, असिस्टेन्ट 3, कैशियर एवं तीन अनुसेवक का पद है। जवकि कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता का रजिस्टर कार्यपालक अभियंता के आवास पर था। 
दर्जनों कर्मी कई दिन से गायब था---
हाजिरी रजिस्टर में कई दिनों से है बिना सूचना के अनुपस्थित था। वरीय लेखा लिपिक सुरेंद्र कुमार सुमन 20 फरवरी से बिना सूचना गायब था। इसी तरह उच्च वर्गीय लिपिक मो इम्तियाज अहमद दो दिन से गायब था। निम्नवर्गीय लिपिक विनोद कुमार भारती 20 फरवरी से गायब है। मो सब्बीर 24 फरवरी से लगातार गायब है। परिचायक में दिनेश मंडल 12 फरवरी से, अख्तर अली कोष रक्षक 27 से अरविंद राय परिचायक 21 से, मो कौशर आलम दो दिन से, महमूद आलम 2 दिन, नाशीरुद्दीन 20 फरवरी से एवं जगदीश प्रसाद सिंह दो दिन से अनुपस्थित थे। 
क्या कहते है एसडीओ- एसडीओ सुमन प्रसाद साह ने बताया कि अनुमंडल मुख्यालय के ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल सिमरी बख़्तियारपुर के इस कार्यालय में एक दर्जन से ज्यादा कर्मी कार्यरत है। लेकिन अपने उच्च पदाधिकारी को पहचानते तक नही है, जो घोर आश्चर्य है। इससे साबित होता है कि ये पदाधिकारी कभी कार्यालय आते ही नही है। सभी का हाजिरी काट दिया गया है। जिलाधिकारी को रिपोर्ट किया जा रहा है। बिना मतलब का ही आफिस का किराया 12 हजार सरकारी कोष से दिया जा रहा है।

सोमवार, 26 फ़रवरी 2018


दार्जलिंग में कार्यरत सीमा सड़क संगठन का बीआरओ कर्मी की खायी में गिरने से मौत
महेंद्र प्रसाद, सहरसा


केंद्रीय सीमा सड़क संगठन में दार्जलिंग के कार्यरत सिमरी बख़्तियारपुर के सोनपुरा निवासी रंजीत कुमार सिंह की मौत हो गयी। बताया जाता है कि कार्य मे लगे थे कि बगल के बड़े खाई में गिर जाने से मौत हो गया। घटना शनिवार की सुबह की है।
मृतक का पार्थिव शरीर सोमवार की सुबह सोनपुरा गांव पहुचा। गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीण भी काफी इस घटना से दुखी है।सोमवार की दोपहर को जवान की अंत्येष्टि कर दी गई ।

 मृतक रंजीत कुमार सिंह भारत सरकार के सड़क संगठन ने 2004 में बहाल हुआ था। वे अपने पीछे पत्नी रंभा देवी, दो पुत्र एवं भाई-बहनों से भरा पूरा परिवार को अपने पीछे छोड़ गए है। इस अवसर पर राजद के प्रदेश युवा राष्ट्रीय महासचिव सोनपुरा निवासी अजय कुमार सिंह ने दुख व्यक्त करते हुए, कहा कि रंजीत की मौत हमलोगों के लिये काफी कष्टदायक है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। मृतक परिवार को मुआवजे के साथ उनके परिजन को सरकारी नौकरी देने की मांग सरकार से किया है।अधिवक्ता सुरेश कुमार सिंह, दीपक सिंह, अंगद सिंह, दिनेश सिंह, पिंटू सिंह, जलधर प्रसाद सिंह, आदि ने भी शोक संवेदना प्रकट की है।

शनिवार, 24 फ़रवरी 2018

छोटा बच्चा, कर दिया बड़ा अविष्कार
अनुमंडल मुख्यालय स्थित रोजवैली सेकेन्डरी में पढ़ता है छात्र
महेंद्र प्रसाद, सहरसा



पिता ग्रामीण चिकिस्तक, लड़का गांव में रहकर प्रखंड मुख्यालय स्थित रोजवैली सेकेण्डरी स्कूल में वर्ग चार में पढ़ता है। एक ऐसा पानी मे चलने वाला मोटरबाइक बनाया है जो ईंधन से नही बल्कि सोलर से चलती है। सबसे बड़ी ख़यासियत यह है कि सोलर से जहा ये जहाज भी चलेगी वही जहाज में लगा बैटरी को भी चार्ज करेगा। दूसरी बात है कि ये रिमोट से ही संचालित होगा।
शिक्षक के सामने किया पोखर में प्रयोग----
छात्र गुलशन राज सिमरी पंचयात के सिमरी निवासी श्याम पोद्दार का पुत्र है। पिता ग्रामीण चिकिस्तक है। बेटे की इस उपलब्धि पर मा संजना कुमारी, दादा जगमोहन पोद्दार काफी खुश है। रोजवैली सेकेण्डरी स्कूल के डायरेक्टर राजीव कुमार ने बताया कि छात्र गुलशन राज ने सभी शिक्षक के मोजूजगी में सफल प्रयोग किया।
छात्र गुलशन राज ने बताया की उन्हें सारा सामान उपलब्ध हो जाये तो पानी मे चलने वाला बिना ईंधन के पानी मे चलने वाला जहाज बना देगा। इसमे सोलर प्लेट लगाया जाएगा, एवं जहाज के अंदर ही बैटरी रहेगी। जहाज के अंदर चार मोटर लगेगा, जो पानी को काटता है।
कोसी इलाके में मत्वपूर्ण होगा ये मोटर बाइक-----
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कोसी इलाके में बाढ़ के समय मे इन तरह की कम बजट का ये मोटर बाइक बहुत ही काम का है। जहाँ बाढ़ के समय कोसी का तीनो जिला सहित आसपास के इलाके के कई जिला के दर्जनों प्रखंड बाढ़ के पानी से घिर जाता है। जहाँ आवागमन की सुबिधा नही रहने एवं नाव भी पर्याप्त मात्रा में नही रहने के कारण लोगो को काफी परेसानी होता है। इस इलाके में इस तरह का कम बजट का ये मोटर बाइक लोगो का काफी लाभ मिलेगा। एक अच्छा नाव बनाने में काम से कम 40 से 50 हजार रुपए लगता है। आम लोग जो कोसी की पानी से हर साल प्रभावित होता है उनके लिये लकड़ी का नाव बनाना महंगा है।

शुक्रवार, 23 फ़रवरी 2018

असरफ चक में हुआ जलसा का आयोजन
 मुहाफिज अजमत-ए-ओलिया काॅन्फ्रेन्स में कई वक्ताओं ने रखे विचार
महेंद्र प्रसाद, सहरसा


सिमरी बख़्तियारपुर प्रखंड क् के सिमरी पंचायत अन्तगर्त अशरफचक गांव में गुरुवार की रात जलसा का आयोजन किया गया। जिसमें काफी संख्या में मुस्लिम भाइयो ने भाग लिया। दो दिन तक चलने वाले कार्यक्रम में बाहर से भी काफी लोग साथ आया था।
इस अवसर पर शानदार मेले लगाये गये थे। वही मुहाफिज अजमत-ए-ओलिया काॅन्फ्रेन्स का आयोजन में रात भर उपस्थित लोगो ने इस्लाम धर्म की जानकारी से लाभांवित होते रहें।
यह आयोजन हजरत मकदूम सैय्यद शाह जाहिद अशरफ अशरफियुल जिलानी अलमारूफ बाबा सरकार की याद में मुस्लिम समुदाय के लोगों के द्वारा मनाया जाता है।

आयोजित उर्स में मुख्य वक्ता गदीनशी सैयद साजिद अशरफ, सैयद जलाल उद्दीन अशरफ एवं मौलाना ताहिर साहब ने मुस्लिम धर्म के संबंध में धार्मिक पाढ पढ़ाते हुये विस्तार पूर्वक चर्चा किया। वहीं उन्होंने धार्मिक नियम कानून पर सभी को चलने की सलाह दी। इसके अलावे उन्होंने कुरान की एक-एक बातों पर सभी को अमल करने को कहा।
वहीं मंच पर उपस्थित शायर ने अपने शेरो शायरी से लोगों को मंत्रमुग्ध करते हुए झूलने पर मजबूर कर दिया। अन्य कई वक्ताओं ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए। उर्स में पड़ोसी राज्यों से भी मौलाना पधार कर अपनी बातों से लोगों को अवगत कराया।
 कबीर उद्दीन अशरफ उर्फ साजिद मियां की अध्यक्षता में आयोजित उर्स में मुख्य रूप से सैयद गुलजार अशरफ, सैयद वकास अशरफ, सैयद मदार अशरफ, सैयद वली अशरफ, सैयद हन्नान अशरफ, सैयद सुजा अशरफ, महताब आलम, जावेद अख्तर उर्फ गुड्डो, सिराज अशरफ, मन्नान, अबूबकर सहित अन्य लोग मौजूद थे।

गुरुवार, 22 फ़रवरी 2018

तीन तलाक बिल को लेकर सिमरी बख़्तियारपुर अनुमण्डल में मुस्लिम महिलाओं का उमड़ा जन सैलाब
सिमरी बख़्तियारपुर स्थित ड्योढ़ी से निकला मुस्लिम महिलाएं की पैदल मार्च
महेंद्र प्रसाद, सहरसा

केंद्र सरकार के तीन तलाक बिल के विरोध में    मुस्लिम महिलाओं ने गुरुवार को विरोध में लंबी जुलूस निकाला। जुलुश में सिमरी बख़्तियारपुर, सलखुआ एवं बनमा इटहरी प्रखंड के महिलाओं ने जुलुश निकाला।  इससे पहले सुबह से ही ड्योढ़ी से महिलाओं का जत्था जुटना शुरू हो गया था। पूर्वाह्न 10 बजे तक लगभग हजारो महिला ड्योढ़ी पहुच चुकी था। इस तीन तलाक बिल के विरोध का नेतृत्व इमाम संघ के जिलाध्यक्ष हाफिज मुमताज, रेड क्रोस सोसायटी के सदस्य डॉ कोकब सुल्ताना सहित कई मुस्लिम लोग कर रहे थे।

लोजपा महासचिव ने किया पैदल मार्च- लोजपा के प्रदेश महासचिव युशुफ सलाउद्दीन ड्योढ़ी से ही अनुमंडल तक पैदल मार्च में साथ रहे। युशुफ सलाउद्दीन ने कहा केंद्र सरकार के इस बिल में कई खामियां है। जिसे सुधारने की जरूरत है। तलाक देने की स्थिति में पुरुष जेल में रहेगा तो फिर पत्नी एवं बच्चे का भरण-पोषण कैसे होगा।

सभी महिलाएं के हाथों में तीन तलाक बिल वापस लो, इस्लामी शरीयत हमारा एजाज, हम कानून शरीयत के पाबंद है इत्यादि लिखी तख्ती लिए थी इस  रैली में मुस्लिम महिलाएं दूर दराज से आयी थी। छोटे बड़े मुहल्ले से रैली में हिस्सा लिया  एवं विभिन्न चौक-चौराहों पर भी महिलाएं रैली में शामिल होती गईं। कई महिलाओं व पुरुषों ने तिरंगा भी थामा हुआ था। मुस्लिम युवा सड़क के दोनों किनारों पर हाथ से हाथ थामे खड़े थे।


हजारों की संख्या में महिलाओं ने सिमरी अनुमण्डल पहुंचने के बाद कोकब सुल्ताना, रोशन आरा, हाफिज मुमताज सहित कई महिलाये ने एस डी ओ सुमन प्रसाद साह को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, कानूनमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें तीन तलाक बिल को वापस लेने की मांग की गई थी। डॉ कोकब सुल्ताना, रौशन आरा ने  कहा कि सरकार ने तीन तलाक बिल लाकर मुस्लिम महिलाओं के साथ अत्याचार किया है।


मुस्लिम महिलाएं शरीयत के कानून में किसी प्रकार का बदलाव करने का अधिकार सरकार को नहीं देंगी। महिलाओं ने कहा कि तीन तलाक बिल से महिलाओं और बच्चों को अधिक परेशानी होगी। पुरुष अगर तलाक देने के बाद तीन साल के लिए जेल चले जाएंगे तो परिवार की महिलाओं और बच्चों का खर्च कैसे चलेगा! जेल से बाहर निकलने के बाद पुरुष महिलाओं और बच्चों का ध्यान भी नहीं रखेंगे।
उन्होंने ये भी कहा कि अगर सरकार तीन तलाक बिल को वापस नहीं लेती है, तो महिलाएं मर मिटने को भी तैयार है और विरोध में सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च कर अपनी बात रखेंगी। इधर, रैली को लेकर प्रशासन के द्वारा शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इस रैली को लेकर थाना प्रभारी रणबीर कुमार के साथ महिला व पुरूष बल के जवान मुस्तैद नजर आए ।

बुधवार, 21 फ़रवरी 2018

काउंटर पर राशनकार्ड का फार्म जमा करना, मतलब पैदल दिल्ली जाना
कुछ इसी तरह की स्थिति बनी है प्रखंड मुख्यालय स्थित आरटीपीएस काउंटर पर
महेंद्र प्रसाद, सहरसा

राशनकार्ड का फार्म जमा करने को लेकर खिड़की में हुई महिला की जवर्दस्त भीड़ के बीच एक महिला बेहोश हो गयी। बेहोश महिला ख़ामोती पंचयात के ख़ामोती गांव का रहने वाली बलबीर शर्मा का पत्नी गुड़िया देवी को तत्काल अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। व
काउंटर पर बेतहाशा भीड़, मोजूद गार्ड को महिला को लेकर परेसानी--------

वुधवार को ख़ामोती पंचयात का फार्म जमा करने की तिथि निर्धारित था। लेक़िन लाइन के वावजूद काफी संख्या में महिला काउंटर पर जमा हो गया जिन कारण अफरा-तफरी मची रही। इस महिला के भीड़ में कई पुरुष भी अपना फार्म जमा करने को लेकर जमा हो जाता था, इस वजह से कई बार झगड़ा भी हुआ। गार्ड भी बेबस था, चूंकि महिला को लाइन में लगाने में उन्हें काफी परेसानी होती थी। काउंटर पर हर हाल में महिला पुलिस की तैनाती जरूरी है। ताकि भीड़ को कंट्रोल किया जा सके। प्रतिदिन इस तरह की भीड़ लगी रहती है। जिस कारण महिलाओ को एक फार्म जमा करने में पूरे दिन लग जाता है।

जनआस्था, युवाओं की तपस्या और जनसहयोग से बनी बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेले की पहचान

  बाबा मटेश्वर धाम श्रावणी मेला की 21साल संघर्ष से शिखर तक:  आज लाखों कांवरियों की आस्था का केंद्र है बाबा मटेश्वर धाम, लेकिन इसकी शुरुआत कु...